दिल्ली पुलिस का यह अब तक का सबसे बड़ा बैच है। यह बैच 1 जुलाई से लागू होने वाले कानूनों को जानता है। यह बैच साइबर और ऑनलाइन क्राइम से निपटने के गुर भी जानता है। इतना ही नहीं इस बार पहली बार इस बैच में 15 दिव्यांग भी भर्ती हुए हैं। इस बैच के पासिंग आउट परेड की सलामी स्पेशल कमिश्नर दीपेन्द्र पाठक ने ली। दिल्ली के झड़ौदा कला स्थित पुलिस ट्रेनिंग अकादमी में करीब 4 हजार लोग इस परेड के साक्षी बने।
दिल्ली पुलिस के इन भर्ती हुए पुलिसकर्मियों की खासियतें
इस बैच में कुल 1355 नए पुलिसकर्मी शामिल हुए। इन्होंने दिल्ली पुलिस अकादमी से अपनी ट्रेनिंग पूरी की है। 1353 पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस के अलग अलग पदों पर भर्ती हुए हैं जबकि दो दमन और दिऊ पुलिस के हैं। इस बार की ट्रेंनिंग में इन्हें साइबर सिक्योरिटी, ऑनलाइन क्राइम के अलावा 1 जुलाई से लागू होने वाले नए कानूनों के बारे में भी विशेष जानकारी दी गई है।


इन 1355 पुलिसकर्मियों में से 92 पोस्ट ग्रैजुएट की पढ़ाई कर चुके हैं। जबकि 1000 पुलिसकर्मी ग्रेजुएट है। जॉइंट डायरेक्टर आसिफ नोहम्मद अली ने इस कार्यक्रम में ओपनिंग स्पीच दी और डिप्टी डायरेक्टर-1 जितेंद्र मणि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर स्पेशल पुलिस कमिश्नर दीपेंद्र पाठक ने संबोधित करते हुए कई तरह की नई जानकारियां दी और भर्ती हुए सभी नए पुलिसकर्मी के उजवल भविष्य की कामना की।
दिल्ली पुलिस के इतिहास में पहली बार 15 दिव्यांग भर्ती हुए हैं। हेड कॉन्स्टेबल मिनिस्ट्रियल की भर्ती में 15 पुलिसकर्मी शामिल है। जिनमें पांच महिलाएं भी है। उनकी ट्रेनिंग भी हेड कॉन्स्टेबल मिनिस्ट्रियल के साथ हुई है। लेकिन आउटडोर ट्रेनिंग नहीं की गई है। ये लॉ एंड ऑर्डर छोड़कर सभी ड्यूटी करेंगे। इनका काम सिविलियन होगा। इन 15 में से एक लड़की व्हील चेयर पर ही है।
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