Govenment Alert-डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाओं के खिलाफ सरकार ने दिए ये अलर्ट, की ये कार्रवाई

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Govenment Alert-डिजिटल अरेस्ट और साइबर ब्लैकमेल जैसी घटनाओं के खिलाफ सरकार ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। सरकार ने इस तरह की धोखाधड़ी में शामिल 1000 स्काइप आइडी को ब्लाक कर दिया है। सरकार धोखेबाजों द्वारा उपयोग किए जाने वाले सिम कार्ड, मोबािल उपकरणों और म्यूल खातों का इस्तेमाल करने के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है। सरकार ने प्रैस विज्ञप्ति जारी कर ऐसे धोखेबाजों से सावधान रहने की अपील की है।

Govenment Alert-गृह मंत्रालय ने जारी की प्रैस विज्ञप्ति में ये सब बताया

सरकारी बयान में बताया गया है कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर साइबर अपराधियों द्वारा पुलिस अधिकारियों, केंद्रीय जांच ब्यूरो(CBI), नारकोटिक्स विभाग(NCB), भारतीय रिजर्व बैंक, प्रवर्तन निदेशालय और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों का रूप धारण कर धमकी, ब्लैकमेल, जबरन वसूली और डिजिटल अरेस्ट जैसी वारदातों को अंजाम देने के संबंध में बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज हो रही हैं।

ये धोखेबाज आमतौर पर संभावित पीड़ित को कॉल कर कहते हैं कि पीड़ित ने कोई पार्सल भेजा है जिसमें कोई अवैध सामान, ड्ग्स, पासपोर्ट या अन्य कोई प्रतिबंधित वस्तु है। कई बार यह पीड़ित के सगे संबधी के किसी दुर्घटना या गैरकानूनी काम में लिप्त होने की बात कह उसे हिरासत में होने की बात भी कहते हैं। ऐसे केस में समझौता करने के नाम पर मोटी रकम मांगी जाती है। कुछ मामलो में पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का सामना करना पड़ता है।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर पीड़ित को स्काइप या अन्य किसी वीडियो कांफ्रेंसिंग प्लेटफार्म पर मांग पूरी होने तक उपलब्ध रहने के लिए मजबूर किया जाता है। ये जालसाज पुलिस स्टेशन की तरह स्टूडियो और असली वर्दी पहन कर असली दिखने का नाटक भी करते हैं। ऐसे कई मामलो में कई लोग मोटी रकम गंवा चुके हैं।

सरकार के मुताबिक यह आपराधिक सिंडिकेट सीमापार मौजूद हैं और वहीं से संचालित करते हैं। गृह मंत्रालय का साइबर अपराध समन्वय केंद्र(14C) साइबर अपराध से संबधित घटनाओं से निपटने के लिए समन्वय करता है। गृह मंत्रालय अन्य मंत्रालयों और रिजर्व बैंक के साथ मिलकर काम कर रहा है। यही नहीं केंद्रशासित प्रदेशों और राज्यों की पुलिस को इनपुट भी दिए जा रहे हैं।

इस बीच माइक्रोसॉफ्ट की सहायता से धोखेबाजों के आईडी आदि ब्लाक करने की कार्रवाई भी की जा रही है और cyberdost पर विभिन्न तरह के अलर्ट भी जारी किए गए हैं। सरकार ने कहा है कि इस तरह का कॉल आने पर तुरंत साइबर क्राइम हेल्प लाइन नंबर 1930 पर या http://www.cybercrime.gov.in/ पर रिपोर्ट कर सहायता लेनी चाहिए।

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