घूसखोर पंडित पर कोर्ट में Netflix ने क्या कहा

घूसखोर पंडित पर मचा विवाद अब थम सकता है। जानिए कि हाई कोर्ट में नेटफ्लिक्स ने क्या जानकारी दी है।
घूसखोर पंडित हाई कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट ने नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ पर रोक की मांग वाली याचिका का निपटारा कर दिया है। ‘घूसखोर पंडत’ की रिलीज और स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की।

घूसखोर पंडित पर netflix ने कोर्ट में क्या कहा

नेटफ्लिक्स ने अदालत को बताया कि वे फिल्म का शीर्षक बदलेंगे और सारा प्रमोशनल कंटेंट सोशल मीडिया से हटा दिया गया है। ओटीटी प्लेटफॉर्म ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि मेकर्स फिल्म का टाइटल बदलने जा रहे हैं।

याचिकाकर्ता ने शीर्षक को बदनाम करने वाला और साम्प्रदायिक रूप से आपत्तिजनक बताया था…याचिकाकर्ता का आरोप था कि—- फिल्म का नाम और विषय हिंदू पुजारियों और एक समुदाय की छवि खराब करता है।

Ghooskhor pandat controversy

घूसखोर पंडित पर सबसे बड़ा विवाद इसके नाम को लेकर है। विरोध करने वालों का आरोप है कि पंडित या पंडत को घूसखोर से जोड़ना एक पूरे समुदाय की छवि को धूमिल करना है। लोगों का कहना है कि यह शीर्षक ब्राह्मण समाज के प्रति नकारात्मक धारणा और जातिवाद को बढ़ावा देता है।

फिलहाल भारी विवाद और विरोध को देखते हुए नेटफ्लिक्स और मेकर्स ने बड़ा कदम उठाया। फिल्म के टीजर्स और सभी प्रोमोशनल पोस्टर को सोशल मीडिया और इंटरनेट से हटा लिया गया। मेकर्स मे फिल्म को कहानी के संदर्भ में समझे जाने की बात कही है।

यह भी पढ़ेंः south indian film: साल 2024 में तलाक लेकर अलग हो गए ये फिल्मी जोड़े

बड़ी बात ये है कि फिल्म पर ना केवल सामाजिक स्तर पर विरोध जताया गया। बल्कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी संस्थाओं जैसे फिल्म मेकर कंबाइन और FWICE ने मेकर्स को नेटिस भेजा। इनका कहना था कि इस विवादित शीर्षक के लिए अनिवार्य अनुमति नहीं ली गई थी।

अब दिल्ली हाई कोर्ट में नेटफ्लिक्स ने शीर्षक बदले जाने की बात कह दी है। हालांकि अब तक यह कयास भी लगाया जा रहा था कि ओटीटी अपने इस प्रोजेक्ट पर पुनर्विचार कर सकता है। मेकर्स का मानना है कि फिल्म जब पूरी तरह सामने आएगी तो लोगों का नजरिया बदलेगा।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | भारत में क्रिप्टोकरेंसी लीगल है या नहीं? RBI की आपत्ति, नियम और निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी | Delhi Metro Stalking Case: CISF Helpline 155655 से कैसे पकड़ा गया पीछा करने वाला युवक? | क्या ई-रिक्शा की बैटरी भी साइबर हमले का शिकार हो सकती है? जानिए पूरी सच्चाई | दिल्ली मेट्रो सुरक्षा में नया अध्याय, CISF की QRT में शामिल हुईं 22 महिला कमांडो | AI Hallucination क्या है? AI की हर जानकारी पर भरोसा करना क्यों खतरनाक हो सकता है | जीवन का सच्चा धर्म क्या है? पुरुष के कर्तव्य, गुरु भक्ति, गौ सेवा और संतोष का आध्यात्मिक संदेश | Salman Khan Black Buck Case: ‘काला हिरण: बैटल फॉर लिगेसी’ फिल्म विवाद क्या है? जानिए पूरी कहानी | WhatsApp Username Feature: क्या बढ़ जाएगा डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड का खतरा? जानिए पूरी तस्वीर | दिल्ली में आतंक फैलाने की थी तैयारी? पाकिस्तान से WhatsApp पर मिल रहे थे निर्देश, Special Cell ने ऐसे खोली पूरी साजिश | दिल्ली पुलिस कमिश्नरेट डे 2026: अपराध में आई कमी, महिला सुरक्षा और टेक्नोलॉजी आधारित पुलिसिंग पर रहा जोर |
06-07-2026