Gangster neeraj bawana-इस तरह पकड़ा गया गैंगस्टर नीरज बवाना का यह शार्प शूटर

Gangster neeraj bawana

Gangster neeraj bawana-दिल्ली की साउथ ईस्ट पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने गैंगस्टर नीरज बवाना के एक शार्प शूटर को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है। एनकाउंटर के बाद गिरफ्त में आए इस शार्प शूटर की पहचान अहसान अली उर्फ उस्मान उर्फ लाल सिंह के रूप में हुई है। उसके पास से पिस्टल के साथ साथ चोरी की बाइक भी बरामद की गई है। उसके खिलाफ पहले से ही चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।

Gangster neeraj bawana के शार्प शूटर को इस तरह पकड़ा गया

साउथ ईस्ट दिल्ली डीसीपी राजेश देव के मुताबिक स्पेशल स्टाफ में तैनात हवलदार अवधेश को सूचना मिली थी कि गैंगस्टर नीरज बवाना के दो शार्प शूटर चोरी की बाइक पर वारदात करने के इरादे से फरीदाबाद की तरफ से आएंगे। सूचना के आधार पर एसीपी आपरेशन दिलीप कुमार की देखरेख और स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर मधुरेन्द्र के नेतृत्व में हेडकांस्टेबल अवधेश, कुलदीप भाटी, अरविंद, पंकज, कांस्टेबल कुलदीप नागर और लखन सिंह की टीम बनाई गई।

पुलिस टीम ने जाल बिछाया रात करीब साढे़ आठ बजे संदिग्ध हालत में बाइक पर सवार दो लोगों को रूकने का संकेत दिया गया। मगर दोनो फरार होने लगे। पुलिस ने कार की मदद से सड़क ब्लाक कर दिया। बदमाशों मे मोटरसाइकिल मोड़कर फरार होने की कोशिश की तो गिर पड़े। अंधेरे का लाभ उठाकर बाइक पर पीछे की ओर बैठा बदमाश फरार होने में कामयाब हो गया।

बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की। बदमाशों की गोली हेडकांस्टेबल अवधेश के बुलेट प्रूफ जैकेट में लगी। मगर पुलिस ने बदमाशों पर काबू पाने में सफलता पा ली। पकड़े गए बदमाश की पहचान अहसान अली के रूप में हुई। पूछताछ में पता लगा है कि अहसान अली 8वीं तक पढ़ा है। कम उम्र में बदमाशों की संगत में उसने ड्रग लेना शुरू कर दिया था।

देखिए नीरज बवाना की पूरी कहानी

जेल में उसकी मुलाकात नीरज बवाना गैंग के लोगो से हुई। उसने उनके साथ काम करना शुरू कर दिया। उसके एक साथी की पहचान नीरज के रूप में हुई है। पुल प्रहलाद पुर में रहने वाले इसी साथी के साथ मिलकर वह गैंग के दूसरे साथी के पास जाते। वहां से इन्हें वारदात करने के लिए जाना था मगर पुलिस ने बीच में ही दबोच लिया।

Support India Vistar

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | नक्सलवाद से ISI नेटवर्क तक, अमित शाह की रणनीति का असर ? आंकड़े बताते हैं आंतरिक सुरक्षा की बदली तस्वीर | I4C साइबर अपराध पर कैसे भारी पड़ रहा है? जानिए पुलिस और आम लोगों के लिए कैसे काम करता है यह सिस्टम | Cyber Fraud का नया मॉडल: AI कैसे बदल रहा है ऑनलाइन ठगी का तरीका | मोबाइल कनेक्शन का नया नियम क्या है? मोबाइल कनेक्शन की सीमा क्या है और अपने नाम पर कितने SIM हैं, यह जानना क्यों जरूरी है? | तो आखिर पुलिस क्या करे? प्रदर्शन, लाठीचार्ज और पुलिस की जिम्मेदारी का सवाल | CISF का खस रोपण अभियान: यमुना किनारे मिट्टी के कटाव से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक | Meta पर मुकदमा क्यों हुआ? Facebook और Instagram पर बच्चों को लेकर क्या आरोप हैं | डिजिटल अरेस्ट स्कैम में कैसे फंसे रिटायर्ड कर्नल, दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा | WhatsApp scam से ऐसे बचाएगा मेटा का नया AI | Microsoft Passkey क्या है? SMS MFA से ज्यादा सुरक्षित Passkey ऐसे करें Enable |
24-08-2026