दिल्ली क्राइम ब्रांच ने वांटेड बदमाश लेफ्टी को देहरादून से गिरफ्तार किया है। सौरभ उर्फ लेफ्टी हत्या औऱ हत्या की कोशिश के 4 सनसनीखेज मामलो में लिप्त रहा है। दिल्ली से फरार लेफ्टी देहरादून में स्थित एक टूर एंड ट्रैवल एजेंसी में ड्राइवर का काम कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 1 लाख रु का इनाम प्रस्तावित है।
कौन है लेफ्टी, क्या पूरा मामला
दिल्ली क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार के मुताबिक फरार बदमाशों की धरपकड़ ऑपरेशन के दौरान कालिंदी कुंड थाने के घोषित बदमाश लेफ्टी के बारे में सूचना मिली थी।
सूचना के आधार पर एसीपी उमेश वर्थवाल की निगरानी में इंस्पेक्टर राकेश शर्मा के नेतृत्व में एसआई अशोक, एएसआई कमल, विकास, हेडकांस्टेबल संजय, दिनेश, नाहनजी, राहुल और भाग सिंह की टीम बनाई गई।
ऐसे हुआ वांटेड बदमाश गिरफ्तार
पुलिस टीम ने डाटा आदि का विश्लेषण करने के बाद पता लगाया कि लेफ्टी की रंजिश रंजन नाम के शख्स के साथ थी। इस रंजिश ने तब और जोर पकड़ लिया जब रंजन ने लेफ्टी के एक साथी के यहां फायरिंग करवा दी।
बदला लेने के लिए लेफ्टी गैंग ने पिछले साल नवंबर में रंजन के साथियों पर जानलेवा हमला किया। इस मामले में आर्यन, रवि और अंश को गिरफ्तार किया जा चुका है, लेकिन लेफ्टी फरार था।
कौन है लेफ्टी
सौरभ उर्फ लेफ्टी 8 वीं क्लास तक पढ़ा लिखा है। उसका जन्म मालवीय नगर में हुआ था। उसके पिता स्वीपर का काम करते हैं। वह प्रिंस तेवतिया गैंग का सक्रिय सदस्य है। दिल्ली से फरार होकर वह देहरादून में शर्मा टूर एंड ट्रैवल्स के यहां टैक्सी चालक काम करता था।
पुलिस के मुताबिक उसके बड़े और छोटे भाई बी जेल में हैं। वह पढ़ाई छोड़ने के बाद से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया था। गैंगस्टर प्रिंस तेवतिया के कहने पर उसने कई वारदातों को अंजाम दिया है।











