फेसबुक एड, AI वॉइस और 22 लाख की ठगी—दिल्ली में बड़ा साइबर रैकेट बेनकाब

AI तकनीक से आवाज बदलकर निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश किया है, जिसमें 22.67 लाख की ठगी का खुलासा हुआ।
Delhi cyber fraud AI voice scam accused arrested with mobiles and SIM cards

दिल्ली में साइबर ठगी का तरीका अब बेहद हाईटेक हो चुका है। साउथ-वेस्ट जिले की साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो AI तकनीक से फाइनेंस मिनिस्टर की आवाज तैयार कर लोगों को निवेश के नाम पर ठग रहा था। इस मामले में पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर 22.67 लाख रुपये की ठगी का खुलासा किया है।

फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ 22 लाख का फ्रॉड

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने एक 60 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक को फेसबुक पर फर्जी निवेश विज्ञापन दिखाकर अपने जाल में फंसाया।
विज्ञापन में AI के जरिए तैयार की गई आवाज में पैसा दोगुना करने” का झांसा दिया गया।
पीड़ित ने इस पर भरोसा कर 22 लाख 67 हजार रुपये निवेश कर दिए, लेकिन बाद में सभी संपर्क बंद कर दिए गए।

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दिल्ली और मुंबई से ऑपरेट हो रहा था नेटवर्क

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह पूरा रैकेट दिल्ली और मुंबई से मिलकर संचालित हो रहा था।
डिजिटल डेटा, कॉल डिटेल और मनी ट्रेल के आधार पर पुलिस ने रोहिणी और नेताजी सुभाष प्लेस (NSP) में छापेमारी की।

गिरफ्तार आरोपी:

  • तजिंदर सिंह उर्फ लकी
  • आशीष सैनी
  • शिव दयाल सिंह
  • शिवा
  • गिरिराज किशोर

फर्जी ऑफिस बनाकर खोलते थे बैंक खाते

जांच में खुलासा हुआ कि NSP में आरोपियों ने फर्जी ऑफिस बना रखा था।
यहीं से:

  • फर्जी बैंक खाते खोले जाते थे
  • साइबर ठगों को अकाउंट सप्लाई किए जाते थे

इन खातों के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाया जाता था।

राजस्थान और मुंबई तक फैला था रैकेट

मनी ट्रेल के आधार पर पुलिस राजस्थान के बिजाई नगर (ब्यावर) पहुंची, जहां से चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया:

  • रामदेव सांगला
  • प्रवीण कुमावत
  • दीपक मेवाड़ा
  • त्रिलोक चंद नायक

ये आरोपी फर्जी बैंक खाते जुटाकर मुंबई में बैठे “PK” नाम के व्यक्ति को देते थे।

कंबोडिया से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ठगों से लिंक

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह कंबोडिया में बैठे साइबर ठगों के लिए भारत में बैंक खातों की व्यवस्था करता था। इन खातों के जरिए ठगी की रकम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ट्रांसफर किया जाता था।

पुलिस ने बरामद किए बड़े पैमाने पर उपकरण

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद किया:

  • 92 सिम कार्ड
  • 40 मोबाइल फोन
  • 39 चेक बुक
  • 45 रबर स्टैंप
  • 27 एटीएम कार्ड
  • 6 यूपीआई स्कैनर

VIDEO: देखें कैसे AI से की जा रही है ठगी

AI तकनीक से ठगी—नई चुनौती

दिल्ली पुलिस के अनुसार, अब साइबर अपराधी पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़ चुके हैं।
AI की मदद से:

  • आवाज की नकल
  • फर्जी वीडियो
  • भरोसेमंद विज्ञापन
    तैयार कर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

कैसे बचें ऐसे AI फ्रॉड से?

  • किसी भी निवेश ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें
  • सरकारी व्यक्ति की आवाज/वीडियो पर आंख बंद कर विश्वास न करें
  • अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
  • निवेश से पहले आधिकारिक वेबसाइट जरूर जांचें

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