रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एनसीसी प्रशिक्षण के लिए मोबाइल ऐप लॉन्‍च किया

Rajnath singh

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह ने डायरेक्टोरेट जनरल नेशनल कैडेट कॉर्प्‍स (डीजीएनसीसी) मोबाइल प्रशिक्षण ऐप लॉन्‍च किया। यह ऐप एनसीसी कैडेटों के देशव्यापी ऑनलाइन प्रशिक्षण के संचालन में सहायता करेगा।

कोविड-19 द्वारा थोपे गए प्रतिबंधों को देखते हुए, एनसीसी कैडेटों के प्रशिक्षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था क्योंकि अधिकांशतः यह संपर्क आधारित ही होता है। चूंकि निकट भविष्य में विद्यालयों/महाविद्यालयों के खुलने की संभावना नहीं है, इसलिए ऐसी आवश्यकता महसूस की जा रही थी कि डिजिटल माध्यम के उपयोग के द्वारा एनसीसी कैडेटों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकता है। रक्षा मंत्री ने ऐप के लॉन्‍च के दौरान वीडियो कॉन्‍फ्रेसिंग के जरिये एनसीसी कैडेटों के परस्पर बातचीत भी की और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। रक्षा मंत्री ने उनकी सफलता की कामना की और उन्हें जीवन के सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने को प्रेरित किया।

एनसीसी कैडेटों को अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने कहा कि यह ऐप उनके लिए डिजिटल तरीके से सीखने तथा प्रत्यक्ष शारीरिक आपसी मुलाकातों पर प्रतिबंध के कारण कोविड-19 द्वारा पेश की गई चुनौतियों का सामना करने में उपयोगी होगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई दृढ़ संकल्प और आत्म विश्वास के साथ आगे बढ़ता है तो वह सभी प्रकार की बाधाओं को पार करने और जीवन में सफलता प्राप्त करने में सक्षम हो जाएगा। श्री राजनाथ सिंह ने एक लाख से अधिक एनसीसी कैडेटों के योगदान की सराहना की जिन्होंने महमारी के खिलाफ लड़ाई में विभिन्न दायित्वों के निर्वहन के द्वारा अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धाओं की सहायता की। उन्होंने कहा कि एनसीसी एकता, अनुशासन, देश की सेवा का मूल्य समावेशित करता है और एनसीसी के कई कैडेट आगे चलकर महान हस्ती बन गए जैसे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, एयर मार्शल अर्जन सिंह, खिलाड़ी अंजलि भागवत, पूर्व विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज और पूर्व रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर। इसके अतिरिक्त, रक्षा मंत्री खुद भी एक एनसीसी कैडेट रह चुके हैं।

डीजीएनसीसी मोबाइल प्रशिक्षण ऐप का उद्देश्य एनसीसी कैडेटों को एक प्लेटफार्म पर समस्त प्रशिक्षण सामग्री (सिलेबस, संक्षेपिका, प्रशिक्षण वीडियो एवं अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) उपलब्ध कराना है। इस ऐप को एक प्रश्न विकल्प शामिल करने के द्वारा परस्पर संवादमूलक बनाया गया है। इस विकल्प का उपयोग करने के द्वारा कोई भी कैडेट प्रशिक्षण सिलेबस के बारे में प्रश्न पूछ सकता है और उसका उत्तर योग्य इंस्ट्रक्टरों के एक पैनल द्वारा दिया जाएगा।

यह ऐप निश्चित रूप से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन की तर्ज पर एनसीसी प्रशिक्षण के ऑटोमेशन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है और महामारी के इस चुनौतीपूर्ण समय में एनसीसी कैडेटों को प्रशिक्षण सामग्री की सरल सुविधा उपलब्ध कराने में सहायता करने में दीर्घकालिक भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर एनसीसी के महानिदेशक डॉ. अजय कुमार, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चोपड़ा एवं मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ सिविल तथा सैन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

Latest Posts

IIT Gandhinagar में VoICE और C-DOT के बीच AI Smart Village India परियोजना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करते प्रतिनिधि।

भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं।

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | बिना डेटा वाला मोबाइल रिचार्ज प्लान क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद? | क्या आपका स्मार्टफोन आपकी जासूसी कर रहा है? जेब में रखा फोन कैसे बन सकता है निगरानी का सबसे बड़ा हथियार | भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं। | वन्दे माँ नर्मदे: माँ नर्मदा की महिमा, इतिहास और भारतीय संस्कृति को समर्पित महत्वपूर्ण कृति | रांची में हैं मनोकामना पूरी करने वाले वृक्ष | WhatsApp Username Feature: क्या मोबाइल नंबर छिपाने वाला नया फीचर साइबर अपराधियों के लिए बन सकता है हथियार? | हल्दीघाटी का युद्ध और रक्त-तलाई: जहां आज भी इतिहास की सांसें सुनाई देती हैं | बच्चों के लिए सोशल मीडिया आयु सीमा: क्या भारत भी 16 वर्ष से कम उम्र के लिए सख्त नियम बनाएगा? | भारत में वन्यजीव तस्करी: कैसे होता है दुर्लभ जानवरों और पक्षियों का अवैध कारोबार? | साइबर फ्रॉड का पैसा वापस कैसे मिले? हरियाणा मॉडल से जानिए रिकवरी बढ़ाने का सफल तरीका |
14-07-2026