भारत में कोरोना के खिलाफ मजबूत हथियार है रोबोटिक सर्जरी जानिए क्यों

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। कोरोना के इस दौर में जब संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ गया है तब इलाज के लिए चिकित्सक और अलग अलग एजेंसियां देश की जनता को उपयुक्त इलाज मुहैया कराने का नया तरीका लगातार इजाद कर रही हैं। इसी कड़ी में रोबोटिक सर्जरी और रोबोटिक मेडिकल इंटरवेशन नया तरीका है जिसका प्रचलन पिछले चार महीनों में बढ़ा है।

क्या है रोबोटिक सर्जरी और रोबोटिक मेडिकल इंटरवेंशन
नाम से ही जाहिर होता है कि रोबोट के जरिए अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में इस तकनीक से इलाज किया जाता है। रोबोटिक मेडिकल इंटरवेंशन में तमाम तरीके की मेडिकल सर्विस जैसे वार्ड ब्याय, नर्सिंग स्टाफ, सपोर्ट स्टाफ की सर्विस रोबोट के जरिए संचालित करवाई जाती हैं। जबकि रोबोटिक सर्जरी में सर्जरी जैसी जटिल प्रक्रिया को रोबोट अंजाम देता है

विशेषज्ञों की राय
पटना में अनूप इंस्टीट्यूट आफ आर्थेपेडिक्स एंड रीहैबिलिटेशन के संचालक डाक्टर आशीष सिंह का कहना है कोरोना के इस दौर में जब लोग अस्पताल जाने के नाम से ही डर रहे हैं तो रोबोटिक सर्जरी लोगों को उपयुक्त इलाज मुहैया कराने की कारगर तरीका है। इसीलिए वो भी उत्तर भारत में पहली बार रोबोटिक आर्म सर्जरी का सिस्टम ला रहे है। इससे रोबोट की मदद से हड्डी के इलाज में सर्जरी जैसी जटिल प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सकेगा।

डाक्टर आशीष सिंह

रोबोटिक्स इलाज के फायदे
डाक्टर आशीष सिंह के मुताबिक रोबोटिक इलाज प्रक्रिया में हर मरीज को को कस्टमाइज़ इलाज मिलेगा।  यानि थ्री डी तकनीक से पहले उसका प्रोफाइल तैयार किया जाएगा फिर उसको उसकी जरूरत के मुताबिक इलाज दिया जाएगा। रोबोटिक सर्जरी प्रक्रिया में मरीज को कम अवधि के लिए अस्पताल में रहना पड़ता है और मरीजों के इलाज के दौरान सिर्फ रोबोट और रोबोट आपरेटर को ही रहना पड़ता है जिससे संक्रमण की संभावनाएं बिलकुल कम हो जाती हैं। इस प्रक्रिया से जुड़े इलाज करनेवालों का दावा है कि इलाज के दौरान मरीज को कम खून निकलता है और गलती की संभावना बेहद कम रहती है। यही नहीं रोबोटिक सर्जरी प्रक्रिया के इलाज की कीमत भी सामान्य सर्जरी के इलाज की कीमत जितनी ही होगी। रोबोटिक मेडिकल ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करनेवाले चिकित्सकों ने इसे भारत सरकार के आयुष्मान योजना से भी जोड़ा है।

भारत में कैसे उपयोग हो रही है रोबोटिक इलाज की तकनीक
कोरोना संक्रमण फैलते ही गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश के कुछ अस्पतालों ने रोबोट के इस्तेमाल की शुरुआत की..इनके साथ आईटीबीपी ने भी ग्रेटर नोएडा में अपने कोविड केयर सेंटर में रोबोट का इस्तेमाल किया..संक्रमण काल के इस दौर में फिलहाल इन रोबोट को वार्ड ब्याय यानि एक मरीज के बाद दूसरे मरीज तक सामान पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

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20-09-2026