crime story में आज आपको एक ऐसे डकैत के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी डिग्रीयां जानकर आप हैरान रह जाएंगे। इस शख्स ने केमिस्ट्री में एमफिल करने के अलावा एसएलबी की पढ़ाई एक साल तक की है और भी कई सारी डिग्रीयां प्राप्त की हैं। पकड़े जाने के समय एक फर्म में वह इंटीरियर डिजाइनर का काम कर रहा था। फिर यह शख्स crime story का पात्र कैसे बन गया।
crime story क्राइम ब्रांच ने कैसे पकड़ा
क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा के मुताबिक क्राइम ब्रांच की एक टीम ने दिल्ली के मॉडल टाउन थाना क्षेत्र में हुई दो सनसनीखेज सशस्त्र डकैती की घटनाओं में शामिल एक फरार और शातिर अपराधी को सोहना, हरियाणा से गिरफ्तार किया है। भगोड़े आरोपी की पहचान दीप शुभम के रुप में हुई है। उसे कोर्ट ने फरार घोषित कर रखा था। दिल्ली में दो स्थानों पर बैंक लूट के अलावा उसकी तलाश बिहार के सीतामढ़ी में हुई एक बैंक डकैती में भी की जा रही थी।
श्री इंदौरा के मुताबिक पश्चिमी रेंज के हवलदार अजय को दीप शुभम के सोहना में आने की सूचना मिली। इस आधार पर एसीपी राजपाल डबास की निगरानी में इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में हवलदार अजय, रविंद और अशोक की टीम ने तकनीकी जाल बिछाया। टीम द्वारा हरि नगर, सोहना में एक जाल बिछाया गया और आरोपी दीप शुभम को पकड़ लिया गया। पुलिस के मुताबिक दीप ने 17 सितंबर 2021 को मॉडल टाउन में महिला गोल्ड एक्सपर्ट से लाखों रुपये की लूट की थी। इसके अलावा भी कई मामलो में उसकी तलाश थी। सीतामढ़ी के एक गांव में उस पर बैंक डकैती का भी आरोप है।
इतना है पढ़ा लिखा
आरोपी दीप शुभम का जन्म वर्ष 1993 में उसके पैतृक गाँव चोरौत, थाना पुपरी, जिला सीतामढ़ी, बिहार में हुआ था। उसके माता-पिता 1990 के दशक की शुरुआत में बुराड़ी, दिल्ली आ गए थे। उसके पिता एक व्यवसायी हैं और ई-रिक्शा बेचते हैं। उसका भाई इंजीनियर है। उसका पालन-पोषण उसकी दादी (नानी) ने किया। उसने 12वीं तक की पढ़ाई जगन्नाथ मिश्रा कॉलेज मुजफ्फरपुर, बिहार से की।
वह आगे की पढ़ाई के लिए वर्ष 2009 में दिल्ली आया और वर्ष 2012 में किरोड़ीमल कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी (ऑनर्स) रसायन विज्ञान में स्नातक किया। इसके बाद, उसने दिल्ली विश्वविद्यालय से एम.एससी. और एम.फिल (रसायन विज्ञान) किया। उसके बाद, CLAT पास किया और दामोदरम संजीवया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में LLB में दाखिला लिया।
उसने एक साल बाद LLB छोड़ दी और दिल्ली वापस आ गया और केएमसी, डीयू से एमए अंग्रेजी में दाखिला लिया। इसके बाद, दो साल तक जेनपैक्ट कॉल सेंटर में काम किया। उसकी आर्थिक स्थिति खराब रही क्योंकि उनके परिवार ने समर्थन नहीं किया। अपनी आर्थिक स्थिति के कारण, वर्ष 2017 में, उसने बैंक ऑफ इंडिया, पीएस पुपरी, जिला सीतामढ़ी, बिहार को लूट लिया।
वह बस लेकर लूटी गई नकदी लेकर दिल्ली आ गया। मामला उजागर हुआ और बाद में, बिहार पुलिस ने उसकी पहचान कर उसे दिल्ली के बुराड़ी से गिरफ्तार कर लिया। सीतामढ़ी जेल में बंद रहने के दौरान उसकी मुलाकात रितेश ठाकुर नाम के एक व्यक्ति से हुई। जेल से रिहा होने के बाद, उसने दिल्ली में रितेश ठाकुर से मुलाकात की और मॉडल टाउन में डकैती की।
स्थानीय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मुकदमे के दौरान, उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया और कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए वह भूमिगत हो गया। वर्तमान में, वह सोहना, हरियाणा में ग्लॉसी गेज फर्म में एक इंटीरियर डिजाइनर के रूप में काम कर रहा था।
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