crime story: चार लोगों ने एक 13 साल की नाबालिग का अपहरण कर लिया। इनमें से एक से मोटी रकम लेकर मासूम की शादी कर दी गई। शादी के लिए इन्होंने नाबालिग का फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिया। दिल्ली पुलिस ने इस गहरी साजिश का खुलासा करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। लड़की को भी सकुशल बरामद कर लिया गया है।
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नार्थवेस्ट दिल्ली पुलिस डीसीपी भीष्म सिंह के मुताबिक पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजीव, विकास, आशु और रमनजोत सिंह है। दिल्ली के भारत नगर में रहने वाली महिला ने 22 जुलाई को अपनी 13 साल की बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। बताया गया था कि लड़की टयूशन के लिए घर से निकली थी। उसकी तलाश के लिए एसीपी आकाश रावत की निगरानी में भारत नगर एसएचओ राम किशोर के नेतृत्व में एसआई शिवेंद्र, एसआई शिवानी, एएसआई पुष्कर, सुनील, हेड कांस्टेबल कपिल, कांस्टेबल मुकेश, आशाराम, रणजीत, राकेश और महिला कांस्टेबल प्रीति की टीम बनाई गई।
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पुलिस टीम ने एनसीआरबी, जिपनेट के अलावा देश भर के अखबारों में लड़की के लापता होने के बारे में सूचना प्रकाशित करवाई। 30 से अधिक मोबाइल फोन खंगाले गए इंस्टाग्राम आदि की निगरानी के बाद आखिरकार पुलिस को सुराग मिला और शामली में राजीव के घर छापा मार कर लड़की को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने राजीव, विकास और आशु को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता लगा कि परेशानी की हालत में लड़की इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक मेट्रो से यात्रा की। वहाँ से वह ट्रेन पकड़कर मेरठ पहुँची, जहाँ उसकी मुलाक़ात आरोपी विकास से हुई। इसके बाद, विकास पीड़िता को आरोपी आशु के घर ले गया। आरोपी ने उसे झूठे आश्वासन दिए और बाद में धमकाया, जिससे वह उनकी साज़िश में फँस गई।
विकास ने खुलासा किया कि उसने सबसे पहले मेरठ रेलवे स्टेशन पर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया और सह-आरोपी आशु के साथ मिलकर उसे पैसों के लिए बेचने की योजना बनाई। दोनों ने उसे आरोपी राजीव को सौंपने की साज़िश रची, जो अविवाहित था और लड़की की कीमत चुकाने को तैयार था। इस सौदे को आसान बनाने के लिए, पीड़िता को बालिग़ दिखाते हुए एक फ़र्ज़ी आधार कार्ड तैयार किया गया था। आरोपी राजीव ने स्वीकार किया कि 24 जुलाई को लड़की की उससे जबरन शादी कर दी गई थी और 28 जुलाई से वह अपने आवास पर उसका यौन शोषण कर रहा था। गाजियाबाद में रहने वाले रमनजोत सिंह ने फर्जी आधार कार्ड बनवाने में मदद की थी। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
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