CBI Operation Chakra-V: ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का नया जाल, ऐसे बचें साइबर ठगी से

CBI Operation Chakra Online Job Fraud Awareness

अगर आप भी ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब या इन्वेस्टमेंट स्कीम के नाम पर पैसे कमाने की सोच रहे हैं, तो सावधान रहें।
CBI के Operation Chakra-V ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है जो ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड (Online Job Fraud) और Investment Scam के जरिए लोगों से लाखों रुपये ठग रहा है। यह गिरोह फर्जी वेबसाइट, मोबाइल ऐप और शेल कंपनियों का इस्तेमाल करता है।

यह लेख आपको बताएगा कि ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड कैसे चलता है, कौन लोग निशाने पर हैं और इससे खुद को कैसे बचाएं।

investment scam: निशाने पर कौन हैं, कैसे चलती है ठगी की प्रक्रिया

बेरोजगार युवा, गृहिणियां और रिटायर्ड नागरिक, पार्ट-टाइम कमाई की तलाश में सोशल मीडिया यूजर, ऐसे लोग जो डिजिटल पेमेंट करते हैं लेकिन साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक नहीं हैं।

कैसे चलती है ठगी की प्रक्रिया

1. सोशल मीडिया से फिशिंग

Facebook, Instagram, WhatsApp और Telegram पर “पार्ट-टाइम जॉब” या “इन्वेस्टमेंट स्कीम” के नाम पर आकर्षक ऑफर भेजे जाते हैं।
लिंक या QR कोड से यूजर को फर्जी वेबसाइट या ऐप पर ले जाया जाता है।

2. फर्जी वेबसाइट और ऐप्स

यह प्लेटफॉर्म इन्वेस्टमेंट पोर्टल या जॉब साइट की तरह दिखते हैं।
यूजर से पहले ₹100-₹500 का रजिस्ट्रेशन फीस लिया जाता है, फिर “VIP इन्वेस्टमेंट” या “बड़े टास्क” के नाम पर ₹5,000 से ₹50,000 तक ठग लिया जाता है।

3. मनोवैज्ञानिक हेरफेर

शुरुआत में कुछ रिटर्न देकर भरोसा जीता जाता है।
फर्जी ग्रुप्स में जोड़ा जाता है जहां नकली यूजर “कमा चुके” दिखाए जाते हैं।

4. फर्जी कंपनियां और मनी लॉन्ड्रिंग

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसी जगहों पर Shell Companies बनाई जाती हैं।
इनमें निर्दोष लोगों को डायरेक्टर बनाकर उनके नाम पर बैंक खाते खोले जाते हैं।
इन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम देश-विदेश में ट्रांसफर होती है।

5. अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और एन्क्रिप्शन

गिरोह के सदस्य भारत, चीन, दुबई और सिंगापुर में फैले हैं।
Telegram और Signal जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल कर पहचान छिपाई जाती है।

6. सबूत मिटाना और ब्लॉक करना

जैसे ही बड़ा भुगतान होता है, वेबसाइट या ऐप बंद कर दी जाती है।
यूजर को ग्रुप से हटा दिया जाता है और उसकी डिजिटल पहचान का दुरुपयोग होता है।

CBI की बड़ी कार्रवाई

CBI और Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने डिजिटल फॉरेंसिक के जरिए इन नेटवर्क्स को ट्रेस किया।
तीन मुख्य आरोपी गिरफ्तार किए गए और कई डिजिटल डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड और फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए।

यह जांच दिखाती है कि साइबर ठगी अब केवल तकनीकी नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय उद्योग बन चुकी है।

कैसे बचें ऐसे फ्रॉड से

किसी भी ऑनलाइन जॉब ऑफर या इन्वेस्टमेंट लिंक पर क्लिक करने से पहले वेबसाइट की जांच करें।

कोई भी ऐप Google Play या App Store से ही डाउनलोड करें।

किसी को भी UPI या बैंक डिटेल न दें।

संदिग्ध संदेश तुरंत http://cybercrime.gov.in या 1930 पर रिपोर्ट करें।

ऑनलाइन ठगी का यह नया जाल आपकी जेब ही नहीं, आपकी पहचान पर भी हमला करता है।
इसलिए किसी भी “आसान कमाई” वाले ऑफर से पहले सोचें, जांचें और सतर्क रहें।
जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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Picture of inspector raman kumar
inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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05-07-2026