solar industries के नाम पर मोटी रकम की ठगी हो रही है। साइबर ठग इसके नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठ ले रहे हैं। इसलिए इसके नाम पर हो रहे स्कैम से सावधान रहिए। निवेश के लिए हर शख्स दिलचस्पी रखता है। solar industries मेंं दिलचस्पी हो भी क्यों ना सरकार की प्राथमिकता है कि solar industries को बढ़ावा दिया जाए।
ज़रा हटके, ज़रा बचके — ये है Solar industries साइबर फ्रॉड!
केस 1: Goldcoat Solar Scam (दिल्ली)
धोखाधड़ी का तरीका:
• ठग खुद को सरकारी एजेंट बताकर भारत की सोलर एनर्जी योजना को बढ़ावा देने का दावा करते थे।
• ऊर्जा मंत्रालय से जुड़ा होने का झूठा दावा कर निवेश पर भारी रिटर्न का वादा करते थे।
• नकली दस्तावेज़ और फर्जी अधिकारियों की पहचान से भरोसा जीतते थे।
• सोशल मीडिया और फर्जी प्रमोशन से स्कीम को प्रचारित करते थे।
प्रभाव और नुकसान:
• 100,000 USDT (क्रिप्टोकरेंसी) की रिकवरी हुई।
• पीड़ितों को नकली कमाई के रिपोर्ट और झूठे अनुभवों से फंसाया गया।
• चोरी की पहचान पर रजिस्टर्ड सिम कार्ड से ऑपरेशन को छुपाया गया।
कार्रवाई:
• दिल्ली पुलिस ने Binance की मदद से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और क्रिप्टो ट्रेल को ट्रेस किया।
• भारत की नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं का दुरुपयोग कर स्कैम को विश्वसनीय दिखाया गया।
केस 2: बेंगलुरु व्यापारी की दोहरी ठगी
पहली धोखाधड़ी:
• एक व्यापारी ने ₹1.5 करोड़ एक ऑनलाइन ग्रुप को दिए जो सोलर प्लांट इंस्टॉलेशन की सेवा देने का दावा करता था।
• पैसे मिलते ही ग्रुप गायब हो गया।
दूसरी धोखाधड़ी:
• कानूनी मदद के लिए व्यापारी ने Quickmoto Legal Service से संपर्क किया — जो खुद एक फर्जी रिकवरी फर्म निकली।
• उसने ₹12.5 लाख और गंवा दिए।
मुख्य आरोपी:
• तुफैल अहमद (उर्फ छोटा अहमद मुबारक), उम्र 27, गिरफ्तार।
• Zoiper-5 VoIP तकनीक से फर्जी कॉल सेंटर चलाता था।
• “India Legal Service” जैसे नामों से काम करता था।
• उसका बड़ा भाई, जो मास्टरमाइंड माना जा रहा है, दुबई में है।
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