विदेश जाने के लिए फ्लाइट पकड़ रहे हैं तो बैग में रखा एक सामान आपको एयरपोर्ट पर रोक सकता है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर ऐसा ही मामला सामने आया। काबुल जाने वाले एक यात्री के हैंड बैगेज की एक्स-रे जांच में चंदन से भरे 11 प्लास्टिक कंटेनर मिले। CISF ने सामान मिलने के बाद कस्टम विभाग को सूचना दी और यात्री को बाद में फ्लाइट से ऑफलोड कर दिया गया।
और जानेंः सीआईएसएफ ने पकड़ा दिल्ली के इस मेट्रो स्टेशन पर 35 लाख रुपये के साथ
यह मामला सिर्फ चंदन पकड़े जाने की खबर नहीं है। इससे बड़ा सवाल है कि International Flight में क्या सामान नहीं ले जा सकते और Hand Baggage Rules क्या हैं? विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षा नियमों के साथ कस्टम और आयात-निर्यात के नियम समझना भी जरूरी है।
और जानेंः CISF Training: ड्रोन, साइबर सुरक्षा और कमांडो ट्रेनिंग से कैसे तैयार होते हैं अधिकारी?
मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सवाल सिर्फ एयरपोर्ट सुरक्षा जांच का नहीं है। भारत से चंदन बाहर ले जाने के लिए निर्यात नीति में अलग-अलग रूपों के लिए अलग नियम हैं। सामान्य चंदन के निर्यात पर रोक है, जबकि तैयार हस्तशिल्प और मशीन से तैयार कुछ उत्पादों के लिए अलग व्यवस्था है। कुछ श्रेणियों में अनुमति की जरूरत पड़ सकती है। DGFT की मौजूदा निर्यात नीति में ये प्रावधान दर्ज हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट पर बैग की जांच में क्या मिला?
CISF की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक घटना 22 सितंबर की है। दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए जाने वाले यात्रियों के सामान की सुरक्षा जांच चल रही थी।
दोपहर करीब 12 बजे इंटरनेशनल सिक्योरिटी होल्ड एरिया में एक्स-रे बैगेज स्क्रीनिंग के दौरान CISF कर्मियों को एक यात्री के हैंड बैगेज में संदिग्ध सामग्री दिखाई दी।
जांच में 11 प्लास्टिक कंटेनर मिले, जिनमें CISF के मुताबिक चंदन रखा हुआ था।
यात्री काबुल जाने वाला था। उसे KAM Air की फ्लाइट RQ4402 से यात्रा करनी थी, जिसका निर्धारित प्रस्थान समय दोपहर 2:10 बजे बताया गया है।
चंदन मिलने के बाद CISF ने क्या किया?
CISF ने सामान मिलने के बाद इसकी सूचना कस्टम विभाग को दी। CISF के अनुसार कस्टम अधीक्षक जांच स्थल पर पहुंचे और यात्री के साथ बरामद सामग्री को आगे की जांच तथा कानून के मुताबिक आवश्यक कार्रवाई के लिए कस्टम को सौंप दिया गया।
प्रेस रिलीज में बताया गया है कि संबंधित एयरलाइन ने बाद में यात्री को फ्लाइट से ऑफलोड कर दिया।
यहां एक बात का ध्यान रखना जरूरी है। इस स्तर पर यात्री को सीधे “चंदन तस्कर” कहना उचित नहीं होगा। CISF ने सामग्री का पता लगाकर मामला कस्टम को सौंपा है। सामग्री की प्रकृति, उसकी श्रेणी और उस पर लागू नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई संबंधित एजेंसी को करनी है।
Flight Baggage Rules: बैग में सामान रखने से पहले क्यों जांचें नियम?
यहां यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात सामने आती है। फ्लाइट में सामान ले जाने के नियम सिर्फ इस बात तक सीमित नहीं हैं कि कोई वस्तु केबिन बैग में जाएगी या चेक-इन बैगेज में।
किसी सामान पर एविएशन सिक्योरिटी का प्रतिबंध हो सकता है, जबकि कुछ वस्तुओं पर कस्टम या आयात-निर्यात के नियम लागू हो सकते हैं।
मसलन, BCAS की प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची में धारदार वस्तुएं, हथियार, गोला-बारूद और कई प्रकार के औजार हैं जिन्हें हैंड बैगेज में ले जाने की अनुमति नहीं है। Bureau of Civil Aviation Security
इसलिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा में “मेरे बैग में यह सामान आ जाएगा” और “इस सामान को देश से बाहर ले जाने की अनुमति है” दो अलग सवाल हैं।
चंदन के अलग-अलग रूपों पर अलग नियम
DGFT की नीति को आसान भाषा में समझें तो तस्वीर कुछ ऐसी बनती है:
| चंदन का स्वरूप | निर्यात स्थिति |
|---|---|
| सामान्य चंदन, चिप्स और डस्ट | प्रतिबंधित |
| तैयार चंदन हस्तशिल्प | मुक्त श्रेणी, लागू नियमों के अधीन |
| मशीन से तैयार चंदन उत्पाद | मुक्त श्रेणी |
| चंदन तेल | प्रतिबंधित श्रेणी, अनुमति जरूरी |
| निर्धारित प्रकार के छोटे टुकड़े, पाउडर आदि | शर्तों के तहत अनुमति की व्यवस्था |
DGFT दस्तावेज में मशीन से तैयार चिप्स, निर्माण के बाद बचे कुछ छोटे टुकड़े, पाउडर और डस्ट जैसी श्रेणियों के लिए भी शर्तें बताई गई हैं। DGFT
बैग में थोड़ा सा चंदन हो तो क्या नियम बदल जाएगा?
यह सबसे उपयोगी सवाल है।
सिर्फ यह मान लेना कि सामान कम मात्रा में है या निजी इस्तेमाल के लिए है, पर्याप्त नहीं है। चंदन किस रूप में है और वह किस निर्यात श्रेणी में आता है, यह महत्वपूर्ण हो सकता है।
मसलन, किसी तैयार हस्तशिल्प वस्तु और कच्चे चंदन के टुकड़ों की निर्यात स्थिति एक जैसी नहीं है। इसलिए विदेश जाते समय चंदन या उससे बनी वस्तु साथ ले जाने से पहले उसकी सही श्रेणी और लागू नियम की पुष्टि करना बेहतर है।
एयरपोर्ट पर CISF और Customs की भूमिका अलग क्यों है?
दिल्ली एयरपोर्ट की यह घटना एक और महत्वपूर्ण बात समझाती है।
CISF यात्रियों और उनके सामान की सुरक्षा जांच करती है। इस जांच के दौरान कोई प्रतिबंधित या दूसरी एजेंसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सामग्री मिलने पर मामला संबंधित विभाग को भेजा जा सकता है।
इस मामले में भी CISF ने एक्स-रे जांच के दौरान कंटेनर पकड़े और कस्टम विभाग को सूचना दी। आगे की जांच के लिए यात्री और सामग्री कस्टम को सौंप दिए गए।
इसका अर्थ यह है कि एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच सिर्फ हथियार या दूसरी सुरक्षा संबंधी वस्तुओं तक सीमित नहीं रहती। जांच के दौरान दूसरी नियंत्रित या प्रतिबंधित सामग्री सामने आने पर संबंधित एजेंसी को बुलाया जा सकता है।
विदेश यात्रा से पहले यह जानकारी क्यों जरूरी है?
अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ते समय बैग में रखा कोई सामान भारत में सामान्य रूप से खरीदा जा सकने वाला हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उसे देश से बाहर ले जाने के नियम भी वैसे ही होंगे।
खास तौर पर लकड़ी, वन्यजीव से जुड़े उत्पाद, पौधों से बनी कुछ वस्तुएं और दूसरी नियंत्रित सामग्री के मामले में आयात-निर्यात के अलग नियम हो सकते हैं।
इसलिए चंदन या उससे बना सामान विदेश ले जाना हो तो यात्रा से पहले DGFT और संबंधित कस्टम नियमों में उसकी श्रेणी की पुष्टि करना परेशानी से बचा सकता है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर 11 कंटेनर मिलने का मामला इसी वजह से एक सामान्य अपराध समाचार से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए उपयोगी जानकारी भी देता है।













