भोपाल में अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस (International Tiger day) के उपलक्ष्य में आयोजित ‘Run for Tiger’ केवल एक खेल आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह प्रकृति, जंगल और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति समाज की बढ़ती जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया। मध्य प्रदेश वन विभाग की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 600 नागरिकों ने भाग लेकर यह संदेश दिया कि बाघों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा दायित्व है।
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मध्य प्रदेश को देश का ‘टाइगर स्टेट’ कहा जाता है। यहां बाघ केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि जैव विविधता, स्वस्थ जंगलों और प्राकृतिक संतुलन के प्रतीक हैं। यही कारण है कि राज्य में समय-समय पर ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को वन्यजीव संरक्षण से जोड़ना है।
5 किलोमीटर की दौड़ में दिखा प्रकृति संरक्षण का संकल्प
भोपाल के वन भवन से शुरू हुई लगभग 5 किलोमीटर लंबी दौड़ निर्धारित मार्ग से होकर फिर वन भवन पर समाप्त हुई। इसमें स्कूली छात्र, युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, पर्यावरण प्रेमी और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उत्साह के साथ शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. समीता राजोरा सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर किया।
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बाघ बचेंगे तो जंगल बचेंगे, जंगल बचेंगे तो जीवन बचेगा
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बाघ जंगल की खाद्य श्रृंखला के शीर्ष शिकारी (Apex Predator) हैं। उनकी उपस्थिति यह संकेत देती है कि जंगल, जल स्रोत और संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ है। इसलिए बाघ संरक्षण का अर्थ केवल एक प्रजाति को बचाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना भी है। प्रतिभागियों से अपने-अपने क्षेत्र में ‘बाघ संरक्षण के एम्बेसडर’ बनने का भी आह्वान किया गया।
स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर दिया गया जोर
मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक डॉ. समीता राजोरा ने कहा कि बाघ संरक्षण तभी सफल होगा जब स्थानीय समुदाय, विशेषकर वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोग, इस अभियान के सक्रिय भागीदार बनेंगे। उन्होंने कहा कि ‘Run for Tiger’ जैसे आयोजन समाज को प्रकृति से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं और बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी को संरक्षण अभियान का हिस्सा बनाते हैं।
विजेताओं का सम्मान भी किया गया
International Tiger Day 2026 दौड़ को विभिन्न आयु वर्गों में आयोजित किया गया। जूनियर, वेटरन, सीनियर वेटरन और सीनियर सिटीजन श्रेणियों में पुरुष एवं महिला विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। 12 वर्ष तक के बच्चों को भी प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे तथा मध्य प्रदेश एथलेटिक्स एसोसिएशन ने आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस क्यों है महत्वपूर्ण?
हर वर्ष 29 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बाघों की घटती संख्या पर वैश्विक स्तर पर जागरूकता बढ़ाना और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है। भारत दुनिया के सबसे बड़े बाघ आवास वाले देशों में शामिल है और मध्य प्रदेश लंबे समय से देश में सर्वाधिक बाघों वाले राज्यों में अपनी पहचान बनाए हुए है। भारत सरकार और राज्य सरकारें बाघ संरक्षण को मजबूत करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।
निष्कर्ष
भोपाल का ‘Run for Tiger’ यह बताता है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है। जब विद्यार्थी, युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक एक मंच पर आकर प्रकृति के लिए कदम बढ़ाते हैं, तब संरक्षण अभियान जनभागीदारी का रूप लेता है। बाघों की सुरक्षा, स्वस्थ जंगलों और सुरक्षित भविष्य का आधार है। ऐसे आयोजन समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत करते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए सकारात्मक संदेश छोड़ते हैं।








