क्या बिहार फिर से अपना प्राचीन गौरव हासिल कर लेगा? इसी सवाल का जवाब तैयार करने की सोच के साथ ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ अपने 5 वें स्थापना दिवस पर एक खास आयोजन करने जा रहा है। माना जा रहा है कि यह केवल कार्यक्रम नहीं बल्कि आंदोलन का अगला चरण है।
पटना में होगा भव्य आयोजन
लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के 5 वें स्थापना दिवस पर पटना के बापू सभागार में “बिहार सांस्कृतिक पुनर्जागरण महासभा 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम राज्य की सांस्कृतिक पहचान, विकास दृष्टि और भविष्य की रणनीति को केंद्र में रखकर आयोजित किया जा रहा है।
5 साल में 3.5 लाख लोगों का नेटवर्क
22 मार्च 2021 को वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव द्वारा शुरू किया गया यह अभियान देश की सबसे तेजी से बढ़ती नागरिक-नेतृत्व वाली पहलों में शामिल हो चुका है। आंदोलन में देश विदेश से अब तक 3.5 लाख से अधिक लोग जुड़ चुके हैं।
पिछले पांच वर्षों में यह मंच अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को एक साझा लक्ष्य—“विकसित भारत @ 2047 के साथ विकसित बिहार”—की दिशा में जोड़ने में सफल रहा है।
इस बार फोकस: सांस्कृतिक पुनर्जागरण
इस वर्ष का स्थापना दिवस विशेष रूप से “बिहार के सांस्कृतिक पुनर्जागरण” पर केंद्रित है।
यह अवधारणा उस ऐतिहासिक विरासत को पुनर्जीवित करने की बात करती है, जब बिहार ज्ञान, आध्यात्मिकता, संस्कृति और व्यापार का वैश्विक केंद्र हुआ करता था।
कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों, उद्यमियों और स्वयंसेवकों की भागीदारी होगी, जहां:
- बिहार के विकास रोडमैप पर चर्चा होगी
- सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने पर विचार-विमर्श होगा
- अभियान से जुड़े योगदानकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा
पलायन रोकने की दिशा में प्रयास
लेट्स इंस्पायर बिहार शिक्षा, समानता और उद्यमिता के सिद्धांतों पर काम करता है।
इसका मुख्य उद्देश्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां लोगों को रोजगार और अवसरों के लिए राज्य छोड़ने की मजबूरी न हो।
अभियान के विभिन्न प्रकोष्ठ जमीनी स्तर पर शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा दे रहे हैं।
पिछले एक वर्ष में इसने दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी अपने कार्यक्रमों के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार किया है।
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क्या बोले विकास वैभव
अभियान के मुख्य संरक्षक विकास वैभव ने कहा कि बिहार ऐतिहासिक रूप से सांस्कृतिक, बौद्धिक और आर्थिक उत्कृष्टता का केंद्र रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में बिहार का सांस्कृतिक पुनर्जागरण अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि:
- बिहार की परंपराएं सामाजिक समरसता और नवाचार की प्रेरणा देती हैं
- आधुनिक संसाधनों के अभाव में भी बिहार ने महान संस्थानों और साम्राज्यों का निर्माण किया
- आज 3.5 लाख से अधिक लोग इस मिशन से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं
राष्ट्रीय प्रवक्ता ने क्या कहा
संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहित कुमार के अनुसार, यह 5 साल का सफर एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान अब एक स्थानीय पहल से आगे बढ़कर राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है।
उनके अनुसार, यह आयोजन:
- उपलब्धियों का उत्सव है
- भविष्य के संकल्प का प्रतीक है
- और बिहार को उसकी सभ्यतागत ताकत से जोड़ने का प्रयास है
सभी नागरिकों को खुला आमंत्रण
लेट्स इंस्पायर बिहार ने युवाओं, पेशेवरों, छात्रों और सभी नागरिकों को इस कार्यक्रम में भाग लेने का आमंत्रण दिया है। संगठन का मानना है कि यह केवल एक आयोजन नहीं बल्कि बिहार के भविष्य को दिशा देने का अवसर है।








