दिल्ली की द्वारका पुलिस के हत्थे ऐसे चढ़ा यह भगोड़ा

पीपी सेक्टर 10, थाना द्वारका साउथ की टीम ने तकनीकी निगरानी और मुखबिर की सूचना पर जतिन कुमार (24 वर्ष) को 11 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया, जो दिल्ली आबकारी अधिनियम मामले में न्यायालय द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित था।
Delhi Police PP Sec. 10 Dwarka South team arrests Proclaimed Offender Jatin Kumar near Uttam Nagar East Metro Station on 11 March 2026
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महीनों से फरार आरोपी को दिल्ली की द्वारका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी पहचान जतिन कुमार के रूप में हुई है। द्वारका सेक्टर 10 की पुलिस चौकी डीसीपी कुशल पाल सिंह के निर्देश पर भगोड़ो के बारे में जानकारी एकत्रित करती रहती है।

द्वारका पुलिस ने ऐसे की कार्रवाई

द्वारका डीसीपी कुशल पाल सिंह के मुताबिक भगोड़ो का पता लगाने के लिए एसीपी किशोर कुमार रेवला की निगरानी और द्वारका थाना साउथ के एसएचओ राजेश कुमार शाह और सेक्टर 10 चौकी प्रभारी रजत मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई थी।

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पुलिस टीम में एएसआई संजीव कुमार, हेडकांस्टेबल पवन और रोहित भाटी भी शामिल थे। टीम ने भगोड़ों का डाटा एकत्रित करने के बाद तकनीकी और मानवीय निगरानी रखना शुरू किया था। इसी दौरान जतिन कुमार नाम के भगोड़े के बारे में पता लगा।

ऐसे पकड़ा गया

पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि जतिन उत्तम नगर ईस्ट के मेट्रो स्टेशन पर आएगा। इसी सूचना के आधार पर जाल बिछाकर जतिन को दबोच लिया गया। पूछताछ में पता लगा कि उसे एक्साइज एक्ट के मामले में फरार घोषित किया गया है।

ऐसे काम करती है टीम

एसआई रजत मलिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हाल के दिनों में कई घोषित अपराधियों (Proclaimed Offenders) का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है, जो लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे। लगातार निगरानी, ​​खुफिया जानकारी जुटाने और समर्पित ज़मीनी प्रयासों के माध्यम से, टीम ने विभिन्न आपराधिक मामलों में वांछित कई फरार आरोपियों का सफलतापूर्वक पता लगाया है और उन्हें गिरफ्तार किया है।

टीम POs का पता लगाने के लिए समन्वित छापेमारी करती है, सोशल मीडिया की निगरानी करती है और मुखबिरों के नेटवर्क का उपयोग करती है। फरार लोगों का पता लगाने में डिजिटल निशान और फ़ोन रिकॉर्ड अत्यंत सहायक सिद्ध हुए हैं।

अंतर-राज्यीय अभियान भी इस टीम के लिए एक नियमित कार्य बन गया है; यह टीम अक्सर दिल्ली-NCR और अन्य राज्यों (जैसे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान) में समन्वय स्थापित करके उन अपराधियों को पकड़ती है जो गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी जगह बदलते रहते हैं

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15-03-2026