झारखंड में जनजातीय गौरव वर्ष कौन मना रहा है, क्या है उद्देश्य

झारखंड

झारखंड मेंं जनजातीय गौरव वर्ष मनाया जा रहा है। झारखंड जैव विविधता बोर्ड द्वारा मनाए जा रहे इस गौरव वर्ष में पर्यावरण भी एक मुद्दा है। इसी संदर्भ में विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा नियंत्रण दिवस के अवसर पर 17 जून को झारखंड जैव विविधता बोर्ड ने भूमि संरक्षण एवं जागरूकता लाने के उद्देश्य से रांची के डोरंडा स्थित पलाश भवन में कार्यशाला का आयोजन किया।

झारखंड में भूमि-क्षरण को रोकने का है प्रयास

भूमि क्षरण को रोकने और सतत भूमि उपयोग को बढ़ावा देने के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 17 जून को विश्व मरुस्थलीकरण एवं सूखा नियंत्रण दिवस मनाया जाता है। 2025 की थीम में कहा गया है कि भूमि बहाली न केवल पर्यावरणीय जरूरत है, बल्कि यह आजीविका, खाद्य सुरक्षा, जल संरक्षण और रोजगार का रास्ता भी है। झारखंड जैव विविधता बोर्ड के पीसीसीएफ सह सदस्य सचिव संजीव कुमार ने कहा कि उपजाऊ भूमि के शुष्क, बंजर और अनुपयोगी होने का मुख्य कारण रासायनिक खेती, जलवायु परिवर्तन, खनन और वनों की कटाई तथा शहरीकरण है।

उन्होंने कहा कि जैव विविधता भूमि को मजबूत बनाती है भूमि को मरुस्थलीकरण से बचाने का काम जैवविविधता वाले विरासत स्थलों, जैविक खेती, प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, आम जनता की शिक्षा और जागरूकता के जरिए ही किया जा सकता है। आज के समय में झारखंड में करीब 68 फीसदी भूमि बंजर हो चुकी है, जिसे रोकने के लिए हम निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं- देशी पौधों का रोपण, जैवविविधता का संरक्षण, वर्षा जल संरक्षण, प्लास्टिक का कम प्रयोग, टिकाऊ कृषि, समुदाय आधारित संरक्षण, स्थानीय पारंपरिक ज्ञान का प्रयोग, शहरीकरण में हरियाली और जल संरक्षण पर ध्यान, संरक्षित क्षेत्र (जैसे वन्यजीव अभ्यारण्य, बीएचएस), जैविक खेती, प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण शिक्षा और जागरूकता।

इन सब बातों को लेकर हमारे गांव, स्कूल और पंचायत में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। इस कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों से आए वैज्ञानिक व्याख्याताओं ने भी अपने प्रेजेंटेशन के जरिए लोगों को जागरूक किया, जिसमें डॉ. प्रसेनजीत मुखर्जी, के.ओ. कॉलेज गुमला, डॉ चक्रवर्ती बिरसा कृषि विश्वविद्यालय आदि। इस कार्यक्रम में सदस्य सचिव ने जैव विविधता प्रबंधन समिति (बीएमसी) के माध्यम से जागरूकता कार्यक्रम के लिए परिषद के तकनीकी पदाधिकारी हरि शंकर लाल को प्रमाण पत्र दिया। इसके अलावा अच्छे कार्य करने वाली जैव विविधता प्रबंधन समितियों (बीएमसी) को भी पुरस्कृत किया गया। इस कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य आदिल अजीम और समिति के सचिव कजरू मुंडा, शनिचरवा तिर्की, इरशाद अंसारी, आशा देवी, कम्मू देवी, इंदु तिग्गा और अरुण महली आदि तथा विभिन्न कॉलेजों से चयनित प्रशिक्षु उपस्थित थे।

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20-10-2026