Satta Market:भारत में सट्टे का मार्केट साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है। बताते हैं कि इस समय भारत में कुल सट्टे का बाजार 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है। हमारे देश में तरह तरह के सट्टे खेले जाते हैं। क्रिकेट और चुनाव पर लगने वाले सट्टे के अलावा और भी कई प्रकार के सट्टे खेले जाते हैं। देश में मटका का भी खूब प्रचलन है। इसके अलावा लॉटरी की तो कोई ना कोई खबर आप आए दिन पढ़ ही लेते होंगे।
सट्टा और मटका
सट्टा और मटका दोनो एक प्रकार का जुआ है। इन दोनों का ही देश में बहुत प्रचलन है। दोनो में हार जीत का फैसला ड्रा से होता है। यह खेल नंबरों से खेला जाता है। लोग नंबरों पर ही पैसा लगाते हैं। वह नंबर खुलता है तभी उस नंबर पर पैसा लगाने वाले को पैसा मिलता है। इसमें बहुत से लोग अलग-अलग नंबरों पर पैसा लगाते हैं। इसमें अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग प्रकार से जीत की राशि तय की जाती है। कुछ राज्यों में जीतने पर 10 गुना पैसे दिए जाते हैं। इसके लिए कई सारे वेबसाइट भी अवैध रूप से चल रहे हैं।
लॉटरी इनसे अलग है। इसे एक स्कीम कहा जा सकता है। इसमें बहुत सारे लोग एक टिकट खरीदते हैं। इसमें एक या एक से अधिक जीतने वाले को इनाम के तौर पर पैसे या कोई चीज दिया जाता है। भारत सरकार द्वारा रेगुलेशन एक्ट 1998 के तहत लॉटरी को मान्यता दी गई है। मटका और सट्टा पूरी तरह से अवैध है।
मटका और सट्टा जहां भी खेला जाता है वह गैरकानूनी रूप से खेला जाता है। लॉटरी को मान्यता जरूर प्राप्त है। लेकिन यह भी हर कोई नहीं खेला सकता। राज्य सरकार द्वारा पंजीकृत डिस्ट्रीब्यूटर ही इसका आयोजन कर सकते हैं। भारत में केरल, असम, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, मिजोरम, वेस्ट बंगाल, अरूणाचल प्रदेश, सिक्किम, नागालैमड और मेघालय जैसे राज्यों में लॉटरी खेल सकते हैं। बाकि जगहों पर इस पर प्रतिबंध हैं।
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