स्वतंत्रता दिवस की 70वीं वर्षगांठ- लाल किले के प्राचीर से इस बार क्या था खास

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आलोक वर्मा

वैसे तो स्वतंत्रता दिवस में हर साल लाल किले से पीएम का भाषण और समारोह दोनों खास होता है। लेकिन जब से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बने हैं तब से लाल किले पर आयोजिस स्वतंत्रता दिवस समारोह और भी खास हो गया है। वजह कई है। पीएम मोदी के भाषण में दिखने वाला सच्चाई, प्रेरणा देती उनके शब्द और आहवान औऱ सबसे खास भाषण के बाद उनका लोगों या बच्चों के बीच कुछ पल गुजारना।

आईए आपको बता दें इस बार पीएम मोदी के भाषण की क्या थी खास बातें उन्होंने कहा कि कभी-कभार प्राकृतिक आपदाएं लोगों के लिए बहुत बड़ी चुनौती बन जाती हैं। पिछले दिनों देश के कई भू-भागों में इस प्राकृतिक आपदा का संकट आया। पिछले दिनों अस्‍पताल में हमारे मासूम बच्‍चों की मौत हुई। मैं देशवासियों को विश्‍वास दिलाता हूं कि ऐसे संकट के समय पूर्ण संवेदनशीलता के साथ जन सामान्‍य की सुखकारी के लिए, सुरक्षा के लिए कुछ भी करने में हम कमी नहीं रहने देंगे।

उन्होंने याद दिलाया कि यह वर्ष आजाद भारत के लिए एक विशेष वर्ष है। अभी पिछले सप्‍ताह ही Quit India Movement का 75 साल हमने स्‍मरण किया। हम चम्‍पारण सत्‍याग्रह की शताब्‍दी मना रहे हैं। यह साबरमती आश्रम की शताब्‍दी का भी वर्ष है। यह वर्ष है लोकमान्‍य तिलक की उस घोषणा का 125वां वर्ष है जिसमें उन्‍होंने कहा था कि स्‍वराज मेरा जन्‍मसिद्ध अधिकार है।

अपने नए अभियान का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि न्यू इंडिया का एक संकल्‍प लेकर के हमें देश को आगे बढ़ाना है। ‘New India’ जो सुरक्षित हो, समृद्ध हो, शक्तिशाली हो, ‘New India’ जहां हर किसी को समान अवसर उपलब्‍ध हो, ‘New India’ जहां आधुनिक विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में भारत का विश्‍व में दबदबा हो।उन्होने नौजवानों का आहवान करते हुए कहा कि 21वीं सदी का भाग्‍य ये नौजवान बनाएंगे जिनका जन्‍म 21वीं सदी में हुआ है, और अब 18 साल होने पर है। मैं इन सभी नौजवानों को हृदय से बहुत-बहुत स्‍वागत करता हूं, सम्‍मान करता हूं और उनका अभिनंदन करता हूं।

पीएम ने कहा कि  चलता है का जमाना चला गया, अब तो आवाज यही उठे कि बदला है, बदल रहा है, बदल सकता है; यही विश्‍वास हमारे भीतर होगा, तो अपने-आप बहुत बड़ा परिवर्तन आता है और संकल्‍प सिद्धि में परिवर्तित हो जाता है।

उन्होंने शहीदों को याद करते हुए कहा कि बलिदान की पराकाष्‍ठा करने में हमारे वीर कभी पीछे नहीं रहे हैं। चाहे लेफ्ट विंग एक्स्ट्रीम्स हो, चाहे आतंकवाद हो, चाहे infiltrators हो, चाहे हमारे भीतर कठिनाइयां पैदा करने वाले तत्‍व हों, हमारे देश के इन यूनिफार्म में रहने वाले लोगों ने बलिदान की पराकाष्ठा की है। और जब सर्जिकल स्ट्राइक हुई, दुनिया को हमारा लोहा मानना पड़ा, हमारे लोगों की ताकत को मानना पड़ा। सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, आंतरिक सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।

काला धन पर अपने सख्गत लहजे का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि गरीबों को लूटकर के तिजोरी भरने वाले लोग आज चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं और उससे मेहनतकश और ईमानदार व्यक्ति का भरोसा बढ़ता है। आज ईमानदारी का महोत्सव मनाया जा रहा है और बेईमानी के लिए सिर छुपाने की जगह नहीं बच रही है। ये काम एक नया भरोसा देता है। 800 करोड़ रुपए से ज्यादा बेनामी संपत्ति सरकार ने जब्त कर ली है।

पीएम ने सेवा निवृत सैन्यकर्मियों के बारे में भी जिक्र किया और कहा कि ‘वन रैंक – वन पेंशन’ का अटका हुआ मामला हल किये जाने से हमारे फौजियों की आशा-आकांक्षाएं पूरी हुई है जिससे देश के लिए मर-मिटने की उनकी ताकत और बढ़ जाती है।

विकास रफ्तार की बात कहते हुए पीएम ने कहा कि आज दुगुनी रफ्तार से सड़के बन रही हैं, आज दुगुनी रफ्तार से रेलवे की पटरियां बिछाई जा रही हैं, आज 14 हजार से ज्यादा गांव, जो आजादी के बाद भी अंधेरे में पड़े हुए थे, वहां तक बिजली पहुंचाई जा चुकी है और देश उजाले की तरफ बढ़ रहा है।वक्त बदल चुका है। आज सरकार जो कहती है वो करने के लिए संकल्पबद्ध नजर आती है। चाहे हमने इंटरव्यू खत्म करने की बात की हो, चाहे हमने process को खत्म करने की बात की हो। पीएम ने कहा कि हम सब मिलकर एक ऐसा भारत बनाएंगे जो आतंकवाद, सांप्रदायवाद और जातिवाद से मुक्‍त होगा।हम सब मिलकर एक ऐसा भारत बनाएंगे, जहां भ्रष्‍टाचार और भाईभतीजावाद से कोई समझौता नहीं होगा।हम सब मिलकर एक ऐसा भारत बनाएंगे जो स्‍वच्‍छ होगा, स्‍वस्‍थ होगा और स्‍वराज के सपने को पूरा करेगा।हम एक दिव्‍य और भव्‍य भारत के निर्माण के लिए काम कर रहे हैं।

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