राष्ट्रीय स्तर पर एक आपात नंबर की शुरूआत करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य बना

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्तर पर एकल आपात नंबर की शुरूआत करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य बन गया है। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज मंडी में हिमाचल प्रदेश के लिए आपात प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) की शुरूआत की। ईआरएसएस के अंतर्गत अखिल भारतीय एकल आपात नंबर ‘112’ की शुरूआत करने वाला हिमाचल प्रदेश पहला राज्य है।

इस अवसर पर  जनसमूह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सक्षम नेतृत्व में ईआरएसएस परियोजना के अंतर्गत एकल आपात नंबर 112 की शुरूआत करने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार की पहल की सराहना की। उन्होंने राज्य के निवासियों के अपील की कि वे गूगल और एप्पल के ऐप स्टोर में उपलब्ध मोबाइल ऐप ‘112 इंडिया’ को डाउनलोड करें। ईआरएसएस परियोजना को शुरू करने में हिमाचल प्रदेश की सफलता का जिक्र करते हुए, उन्होंने अन्य राज्यों और संघ शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे अपनी-अपनी ईआरएसएस परियोजना शुरू करने के लिए हरसंभव प्रयास करें।

इस अवसर पर जयराम ठाकुर ने 112 एकल आपात नंबर, 112 इंडिया मोबाइल ऐप और ईआरएसएस वेबसाइट का उद्घाटन करने तथा परियोजना के लिए 4.71 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए केन्द्र गृहमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लिए समर्पित एनडीआरएफ बटालियन को मंजूरी देने, एमपीएफ योजना के अंतर्गत राज्य पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए 4.2 करोड़ रुपये तथा चंबा और लाहौल स्पीति जिलों में एसपीओ का मासिक वेतन 4,000/- रुपये से बढ़ाकर 6,000/- करने की मंजूरी देने के लिए गृहमंत्री को धन्यवाद दिया। इसके साथ ही एकल नंबर आधारित 112 आपात सेवाओं की शुरूआत हो गई जिससे पुलिस, दमकल, स्वास्थ्य और अन्य हेल्पलाइन राज्य में एक आपात प्रतिक्रिया केन्द्र से जुड़ जाएंगी। इस सेवा से नागरिकों को कई हेल्पलाइन नंबरों को याद करने की आवश्यकता से छुटकारा मिल जाएगा।

इस परियोजना के अंतर्गत पूरे राज्य को शामिल कर 12 जिलों के कमान केन्द्र (डीसीसी) के साथ शिमला में एक आपात प्रतिक्रिया केन्द्र (ईआरसी) स्थापित किया गया है। आपात प्रतिक्रिया केन्द्र को पुलिस (100), दमकल (101), स्वास्थ्य (108) और महिला हेल्पलाइन (1090) सेवाओं से जोड़ा गया है ताकि एकल आपात नंबर – 112 के जरिए आपात सेवाएं प्रदान की जा सकें। इस सेवा में ‘112 इंडिया’ मोबाइल ऐप भी शामिल किया गया है जिसे स्मार्ट फोन के पेनिक बटन और तत्काल सहायता प्राप्त करने में नागरिकों की सुविधा के लिए ईआरएसएस राज्य वेबसाइट से जोड़ा गया है। आपात प्रतिक्रिया की प्रभावशीलता में वृद्धि के लिए ईआरसी को दूरंसचार सेवाओं प्रदाताओं द्वारा लोकेशन आधारित सेवाओं से जोड़ा गया है।

महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘112 इंडिया’ में एक एसएचओयूटी फीचर की शुरूआत की गई है ताकि आपात प्रतिक्रिया केन्द्र से मिलने वाली तत्काल सहायता के अलावा आसपास पंजीकृत स्वयंसेवियों से तत्काल सहायता मिल सके। एसएचओयूटी फीचर विशेष रूप से महिलाओं के लिए उपलब्ध है।

एकीकृत आपात सेवाओं तक पहुंच के लिए देशभर में लोगों की मदद के लिए सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में ‘112 इंडिया’ मोबाइल ऐप शुरू किया जाएगा। केन्द्र सरकार ने देशभर में ईआरएसएस परियोजना के कार्यान्वयन के लिए निर्भय कोष के अंतर्गत 321.69 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

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