नीरज बवाना गैंग के लिए वसूली करता था धरा गया

दिल्ली की आउटर नॉर्थ जिला की एएटीएस ने नीरज बवाना के लिए वसूली करने वाले बदमाश को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल से देशी तमंचा बरामद किया गया है ।

आउटर नॉर्थ जिला पुलिस उपायुक्त रवि कुमार सिंह के मुताबिक बाहरी उत्तरी जिले के एएटीएस में सूचना मिली कि नीरज बवानिया/परवेश मान गिरोह का एक साथी रोहिणी सेक्टर-11 के पास आएगा और अपने साथ अवैध हथियार लेकर आ सकता है. उक्त सूचना के आधार पर एसीपी यशपाल सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर सचिन मान के नेतृत्व में एएसआई प्रवीण, एचसी सुरेश, एचसी सतीश, एचसी अतुल, एचसी संदीप यादव, एचसी संदीप डबास, एचसी संदीप मान, एचसी महेश, एचसी प्यारेलाल, सी.टी. सचिन और सी.टी. मनजीत की टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने छापा मार शुभम सहरावत को उस समय रोक लिया गया, जब वह अपनी हुंडई क्रेटा एसयूवी नंबर में कहीं जा रहा था। उसके कब्जे से एक सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, एक देशी बन्दूक और 7 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। उसे गिरफ्तार कर लिया गया और आगे की पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह नीरज बवानिया/परवेश मान के निर्देश पर अपने आकाओं के निर्देशानुसार विभिन्न व्यक्तियों से पैसे वसूल करता था।

Latest Posts

IIT Gandhinagar में VoICE और C-DOT के बीच AI Smart Village India परियोजना के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करते प्रतिनिधि।

भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं।

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | RBI आंतरिक लोकपाल (Internal Ombudsman) क्या है? साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए शिकायत निवारण का मजबूत सुरक्षा तंत्र | दिल्ली ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, जानिए कैसे मिलकर काम करती हैं Delhi Traffic Police और दूसरी एजेंसियां | बिना डेटा वाला मोबाइल रिचार्ज प्लान क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद? | क्या आपका स्मार्टफोन आपकी जासूसी कर रहा है? जेब में रखा फोन कैसे बन सकता है निगरानी का सबसे बड़ा हथियार | भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं। | वन्दे माँ नर्मदे: माँ नर्मदा की महिमा, इतिहास और भारतीय संस्कृति को समर्पित महत्वपूर्ण कृति | रांची में हैं मनोकामना पूरी करने वाले वृक्ष | WhatsApp Username Feature: क्या मोबाइल नंबर छिपाने वाला नया फीचर साइबर अपराधियों के लिए बन सकता है हथियार? | हल्दीघाटी का युद्ध और रक्त-तलाई: जहां आज भी इतिहास की सांसें सुनाई देती हैं | बच्चों के लिए सोशल मीडिया आयु सीमा: क्या भारत भी 16 वर्ष से कम उम्र के लिए सख्त नियम बनाएगा? |
15-07-2026