उत्तर भारत के राज्यो में 300 अवैध पिस्टल सप्लाई कर चुका है यह गैंग

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की गिरफ्त में एक ऐसा गैग आया है जो पिछले दो सालो में उत्तर भारत के राज्यो में 300 अवैध पिस्टल सप्लाई कर चुका है। उत्तर भारत के दिल्ली से लेकर पंजाब तक अवैध पिस्टल सप्लाई करने वाले इस गिरोह के 3 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। उत्तर भारत के राज्यो में अवैध पिस्टल सप्लाइ करने वाले इन लोगो से 21 पिस्चल बरामद किए गए हैं।

स्पेशल सेल के डीसीपी आलोक कुमार के मुताबिक गिरफ्तार लोगो की पहचान राजस्थान के राजिन्दर उर्फ राजू, पंजाब के नरेन्द्र सिंह उर्फ नीतू उर्फ सफेरा और राजस्थान के प्रदीप सिंह के रूप में हुई है। एसीपी अतर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर रंजीत सिंह औऱ सतविंदर की टीम ने अवैध हथियारों के इन सौदागरों को मोदी मिल के पास से गिरफ्तार किया।

अनोखा ऑफर-https://www.amazon.in/deal/f69d0f7e?_encoding=UTF8&linkCode=r02&tag=indiavistar0b-21&linkId=b4caf842ad34c73e2158eb3bbafb32a4&ref_=ihub_rc_td_c_deals-promotions_f69d0f7e

डीसीपी आलोक कुमार के मुताबिक 14 अप्रैल को सूचना मिली अवैध हथियार सप्लाई करने वाले गैंग के दो लोगों राजिन्दर और प्रदीप ने मध्य प्रदेश के खरगोन से अवैध हथियारों की खेप ली है और अपनी एटीओस कार में दिल्ली लेकर पहुंचे हैं। सूचना थी कि दोनो पंजाब के हथियार तस्कर से मोदी मिल्स के पास मिलेंगे। सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर कार से आने वाले राजिन्द्र और प्रदीप को उस समय दबोच लिया जब वे नरेन्द्र को अवैध पिस्टल का एक पैकेट दे रहे थे। तीनो के कब्जे से 21 पिस्टल बरामद हुए।

राजिन्दर उर्फ राजू को जयपुर में तीन साल पहले अवैध पिस्टल सप्लाई के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। नरेन्द्र के खिलाफ भी पंजाब के पटियाला में अवैध हथियार सप्लाई के मामले हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया है कि पिछले दो साल में वह अवैध हथियार की कई खेप मध्य प्रदेश से ला चुके हैं। ये अवैध हथियार उत्तर भारत के राज्यों दिल्ली एनसीआर औऱ पंजाब के गैंगस्टरों को सप्लाई होता रहा है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि 300 से अधिक अवैध पिस्टल उतर भारत के राज्यों में सप्लाई किया जा चुका है।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | पेंशन अदालत क्या है? पेंशनभोगियों की शिकायतों के समाधान की पूरी जानकारी | अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस: क्यों मनाया जाता है और हर नागरिक के लिए इसका क्या महत्व है? | CKYC नंबर है या नहीं? अभी जानें, एक नंबर से आसान होगी बैंकिंग और बढ़ेगी साइबर सुरक्षा | श्राद्ध में कौवे को पहला ग्रास क्यों दिया जाता है? जानिए काक बलि का रहस्य | ऑपरेशन Cy-Vajra में बड़ा खुलासा, 8 फर्जी कॉल सेंटर सील, 49 गिरफ्तार, ऐसे काम करता है साइबर ठगी का नेटवर्क | RBI आंतरिक लोकपाल (Internal Ombudsman) क्या है? साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए शिकायत निवारण का मजबूत सुरक्षा तंत्र | दिल्ली ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, जानिए कैसे मिलकर काम करती हैं Delhi Traffic Police और दूसरी एजेंसियां | बिना डेटा वाला मोबाइल रिचार्ज प्लान क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद? | क्या आपका स्मार्टफोन आपकी जासूसी कर रहा है? जेब में रखा फोन कैसे बन सकता है निगरानी का सबसे बड़ा हथियार | भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं। |
20-07-2026