भारतीय नौसेना का पोत किलटन कहां औऱ क्यों पहुंचा

0
58

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। मिशन सागर-III के अंतर्गत भारतीय नौसेना का पोत ‘किलटन’ 29 दिसंबर 2020 को ‘कंबोडिया के सिहानोकविले’ बंदरगाह पर पहुंच गया है। भारतीय नौसैनिक जहाज कंबोडिया के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 15 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री लेकर पंहुचा है, जिसे कंबोडिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनडीएमसी) को सौंप दिया जाएगा। भारत की ओर से भेजी गई यह सहायता दो मित्र देशों के बीच व्यक्तिगत गहरे संबंधों को दर्शाती है।

मिशन सागर- III वर्तमान में चल रही कोविड महामारी के दौरान मित्र देशों को भारत की ओर से मानवता के नाते सहायता और आपदा राहत (ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ- एचएडीआर) पहुंचाने का एक हिस्सा है। यह मिशन प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) दृष्टिकोण के अनुसार चलाया जा रहा है और यह एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में भारत की स्थिति को दर्शाता है। मिशन सागर इस बात पर बल देता है कि, भारतीय नौसेना को एक सुरक्षा साझेदार के रूप में सबसे अधिक पसंद किया जाता है और यह किसी भी स्थिति में सहायता के लिए सबसे पहले आगे आने वाला संगठन है। यह मिशन आसियान देशों को दिए गए महत्व को रेखांकित करने के अलावा दोनों देशों के बीच मौजूदा आपसी सम्बंधों को और मजबूती प्रदान करता है।

ऐतिहासिक रूप से भारत और कंबोडिया घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंधों को साझा करते हैं। सभी क्षेत्रों में बढ़ती व्यवसायिक उपलब्धियों के कारण हाल के वर्षों में संबंधों में मजबूती आई है। वर्तमान यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और सशक्त करने तथा इस क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता की दिशा में योगदान को बढ़ाना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

fourteen − 1 =