नोएडा में पकड़ा गया ठगों का कैसा गिरोह, पुलिस ने बताई पूरी कहानी

नोएडा

नोएडा पुलिस के हत्थे ठगों का एक खास गिरोह चढ़ा है। यह गिरोह NYKAA, EBAY, MYNTRA, ETSY आदि नामी ई-कॉमर्स कम्पनियों के नाम से फर्जी सर्टिफिकेट तैयार भोले भाले कारोबारियों को ठगा करते थे। इसके लिए गिरोह विक्रताओं को झांसे में लेकर उनसे मोटी रकम ऐंठते थे। पुलिस ने इस सिलसिले में 16 पुरुषों और 5 महिलाओं सहित 21 लोगों को गिरफ्तार किया है।

नोएडा में बैठकर देश भर में ठगी

गिरोह के पास से पुलिस को 12 डैस्कटाप कम्प्यूटर, 12 लैपटॉप (जिनमे 04 डेल कम्पनी एवं 08 लिनोवा कम्पनी), 12 की बोर्ड 12 माउस 04 सीपीयू 02 छोटे सीपीयू 02 टैब 28 अदद मोबाइल (भिन्न-भिन्न कम्पनी) बरामद हुए हैं। थाना सैक्टर 63, नोएडा पुलिस द्वारा उक्त सम्बन्ध में साइबर हेल्प डेस्क पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच के क्रम में लोकल इंटेलीजेंस के आधार पर कार्यवाही करते हुए इन्फोबीम सोल्यूसेन्स कम्पनी के पते पर जाकर चेक किया गया। वहां NYKAA, EBAY, MYNTRA, ETSY आदि ई-कॉमर्स कम्पनियों के फर्जी सर्टिफिकेट फ्रेम कराकर दीवारों पर लगाये गये थे, जिससे कम्पनी में आने वाले किसी भी व्यक्ति को यह यकीन हो सके कि यह कम्पनी उपरोक्त ई-कॉमर्स कम्पनियों द्वारा उनके प्लेटफार्म पर वस्तुओ की बिक्री के लिए अधिकृत की गयी है एवं कम्पनी में प्रयोग हो रहे कम्प्यूटर और लेपटॉप से विभिन्न विक्रेताओं को इन्ही जाली सर्टिफिकेट की प्रति व्हाटसएप व अन्य सोषल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए प्रसारित की जा रही थी।

इसी क्रम में ई-कॉमर्स कम्पनियों के प्लेटफार्म पर अपना सामान बेचने वाले विक्रेताओं को भेजकर उन्हे झांसे में लेकर उनसे पैसे ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए “कुल 21 अभियुक्तगण (16 पुरूष एवं 05 महिला) 1-जोगेन्द्र कुमार 2-हिमांशु शर्मा 3-गोपाल सक्सेना 4-रेयांश शर्मा 5-अखिल गर्ग 6-निशांत 7-रवि कुमार 8-सरस भारद्वाज 9-अनिल कुमार 10-कार्तिक मिश्रा 11-आकाश यादव 12-पंकज उपाध्याय 13-लोकेश चौधरी 14-प्रदीप कुमार 15-मुकुल त्यागी 16-आकाश शर्मा 17-स्वीटी 18-मोनिका वर्मा 19-गुंजन चौहान 20-पूर्ति 21-गुंजन कात्याल को डी-247/01 सैक्टर 63 चौकी क्षेत्र सी ब्लाक से गिरफ्तार किया गया।

ऐसे करते थे ठगी

पुलिस ने पूरी कहानी बताई है जिसे आप वीडियो में देख सकते हैं।

गिरफ्तारशुदा अभियुक्तगण उपरोक्त NYKAA, EBAY, MYNTRA, ETSY आदि नामी ई-कामर्स कम्पनियो के नाम से फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करते थे तथा उन्हे उन विक्रेताओं को भेजते थे, जो अपना कोई सामान इन ई-कॉमर्स कम्पनियों के प्लेटफार्म पर बेचना चाहते थे तथा उन्हे इसके माध्यम से यकीन दिलाया जाता था कि यह लोग उपरोक्त कम्पनियो के द्वारा इस प्रकार का कार्य करने के लिए अधिकृत किए गये है।

अभियुक्तगण द्वारा विक्रेताओं को बताया जाता था कि यदि आपको उपरोक्त ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर अपना सामान बेचना है तो आपको हमे फीस के रुप मे पैसे अदा करने होगे, जिसके बाद हम आपका सामान ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ब्रिकी हेतु प्रासारित करा देंगे। विक्रेता इन लोगो के ऊपर विश्वास कर लेते थे तथा यह लोग उनके विश्वास का फायदा उठाकर प्रलोभन देकर ई-कॉमर्स मे सामान प्रसारित करने के एवज मे उनसे पैसे ठगते थे।

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