क्या आपका आधार डेटा सुरक्षित है ? डिजिटल युग में सबसे बड़ा सवाल यही है। आपके इसी सबसे बड़े सवाल को ध्यान में रख कर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण https://uidai.gov.in/ ने आपके आधार को और ज्यादा सुरक्षित करने के लिए बहु स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसे इनवीजिबल शील्ड का नाम मिला है।
क्या है UIDAI AI Invisible Shield
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण देश की आधार प्रणाली का संचालन करता है, जो 1.3 अरब से अधिक लोगों की पहचान से जुड़ी हुई है। इतने बड़े स्तर पर पहचान की विशिष्टता बनाए रखना और फर्जी नामांकन को रोकना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है।
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20 फरवरी 2026 को शुरू की गई यह नई सुरक्षा व्यवस्था आधार नामांकन और अपडेट प्रक्रिया को अंदर से मजबूत बनाती है। यह प्रणाली पृष्ठभूमि में काम करती है, इसलिए आम नागरिक को कोई अतिरिक्त कदम उठाने की जरूरत नहीं पड़ती।
विशेष नोटः पहचान चोरी से बचने के लिए केवल डिजिटल नहीं, फिजिकल सुरक्षा भी जरूरी है। RFID ब्लॉकिंग वॉलेट कार्ड डेटा को स्कैनिंग से बचाता है। https://amzn.to/4c6h0QW
यह है मुख्य विशेषताएं
✔️ बायोमेट्रिक मिलान में सख्ती
- पहले से मौजूद रिकॉर्ड से मिलान कर डुप्लीकेट नामांकन की पहचान
- करोड़ों रिकॉर्ड को तेज़ी से जांचने की क्षमता
✔️ दस्तावेज़ सत्यापन की बेहतर व्यवस्था
- नामांकन और अपडेट के दौरान पहचान दस्तावेज़ों की स्वतः जांच
- मानवीय गलती की संभावना कम, प्रक्रिया अधिक भरोसेमंद
✔️ बहु-स्तरीय सुरक्षा कवच
- संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत अलर्ट
- आधार डेटा की अखंडता बनी रहती है
✔️ स्वदेशी तकनीकी ढांचा
- देश में विकसित समाधान
- पहचान प्रणाली पर राष्ट्रीय नियंत्रण और भरोसा
आपको मिलने वाला लाभ
फर्जी आधार और डुप्लीकेट नामांकन पर कड़ी रोक
पहचान चोरी और साइबर धोखाधड़ी से बेहतर सुरक्षा
आधार अपडेट और नामांकन प्रक्रिया पहले से तेज़
कम अस्वीकृति, कम चक्कर
सरकारी और वित्तीय सेवाओं में भरोसेमंद पहचान सत्यापन
यह कदम रणनीतिक रूप से अहम?
- भारत की डिजिटल पहचान प्रणाली को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाता है
- बैंकिंग, सब्सिडी, सरकारी योजनाओं और नियामक सेवाओं को सुरक्षित आधार देता है
- साइबर अपराध के बढ़ते खतरों के बीच नागरिकों का भरोसा बढ़ाता है
UIDAI की ‘इनविज़िबल शील्ड’ कोई दिखने वाला बदलाव नहीं है, लेकिन इसका असर हर आधार धारक की सुरक्षा पर पड़ता है। यह पहल दिखाती है कि भारत डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखने के मामले में लगातार आगे बढ़ रहा है।










