अवैध संबंधों की दो दास्तन, अंजाम क्या हुआ जानिए दिल्ली की ये दो सत्य घटनाएं

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नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। दिल्ली क्राइम की दो ऐसी दास्तान सामने आई है जो बताती है कि अवैध संबंध बर्बादी की कगार पर किस तरह पहुंचाते हैं। इन दोनो दास्तानों में पत्नियां अपने पति की जान लेने की साजिश रचती हैं एक तो कामयाब भी हो जाती है।

अवैध संबंध की पहली दास्तान दिल्ली के डिफेंस कालोनी से। मैदानगढ़ी और डिफेंस कालोनी पुलिस की संयुक्त टीम ने रोहन कुमार उर्फ मनीष और उसकी महिला मित्र बबीता को गिरफ्तार किया है। 10 मार्च को एंड्रयूज गंज बीएसईएस आफिस के पास मोटरसाइकिल सवारों द्वारा एक टैक्सी चालक भीम राज को गोली मारने की सूचना मिली थी। मामले की जांच के लिए एसीपी कुलबीर सिंह और रणबीर सिंह की देखरेख में डिफेंस कालोनी एसएचओ इंस्पेक्टर जितेन्द्र मलिक और मैदान गढ़ी एसएचओ जतन सिंह और इंस्पेक्टर एमपी सिंह के नेतृत्व में एसआई उमेश यादव, एएसआई किशोर सिंह, हेडकांस्टेबल पंकज, कांस्टेबल कमल प्रकाश और नरेन्द्र की टीम बनाई गई। पुलिस टीम ने सीसीटीवी की जांच और परिवारवालों से पूछताछ की मगर कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने बिना नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल के रूट को सीसीटीवी में  देखा काफी मशक्कत के बाद धुंधले से नंबर प्लेट के सहारे पुलिस ने सौ समान नंबर वाले मोटरसाइकिल छांटे। इनकी गहन जांच के बाद दो मोटरसाइकिलो की जांच की गई जिसमें से एक पर संदेह हुआ। इसके मालिक का पता एक ऐसी झुग्गी बस्ती में था जहां उसे तलाशना टेढ़ी खीर थी। पुलिस ने बीमा कंपनी से उसका पता लगाया। स्थानीय मुखबिरों की सहायता से मोटरसाइकिल मालिक लखन तक पुलिस पहुंच भी गई मगर उसने अपने दोस्त प्रवीण की मदद से पहले ही मोटरसाइकिल बेच दी थी। पता चला की बाइक गोविंद पुरी के रहने वाले मनीष ने खरीदी थी लेकिन मनीष का पता मालूम नहीं था। काफी कोशिश के बाद पुलिस रोहन उर्फ मनीष तक पहुंच गई। पूछताछ में रोहऩ उर्फ मनीष ने बताया कि उसकी दोस्ती टैक्सी चालक भीम राज की पत्नी बबीता से थी। इस दोस्ती का पता भीम राज को लगा तो उसने बबीता के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी को लेकर बबीता ने रोहण के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची इसके लिए उसने 30 हजार रुपये भी खर्च किए। पुलिस ने रोहण के बयान पर बबीता को भी गिरफ्तार कर लिया।

अवैध संबंध की दूसरी दास्तान दिल्ली के द्वारका की है। यहां 3 मार्च को द्वारका के इस्कॉन मंदिर के पास एक पुरूष का शव मिला था। उसके शरीर पर किसी चोट के निशान नहीं थे। बाद में उसकी पहचान द्वारका सेक्टर 3 निवासी विनोद के रूप में हुई।पोस्टमार्टम में पता लगा कि उसकी मौत मफलर से गला घोंटने की वजह से हुई है। मामले को सुलझाने के लिए एसीपी द्वारका मिहिर सकारिया की देखरेख में एसएचओ द्वारका विजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एटीओ पवन कुमार , एसआई दीपक, सतीश यादव, वीर सिंह, आशीष, हेडकांस्टेबल राजपाल, जितेन्द्र, कुलदीप. सुभाष, रविप्रकाश, महावीर, कांस्टेबल कुलदीप, सुभाष, बच्चू सिंह, रितेश, सतीश औऱ विपिन की टीम बनाई गई। कॉल्स डिटेल्स आदि खंगालने के बाद पुलिस ने अर्जुन नाम के बदमाश को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता लगा कि तीन साल पहले अर्जुन मृतक विनोद की पत्नी के संपर्क में आया था बाद में दोनो के बीच संबंध हो गए। दोनो एक दूसरे से शादी करना चाहते थे मगर विनोद इस बात को लेकर अपनी पत्नी लक्ष्मी औऱ उसके बच्चों के साथ मारपीच करता था। इसी बात को लेकर लक्ष्मी और अर्जुन ने विनोद को रास्ते से हटाने की साजिश रची। 2 मार्च को लक्ष्मी ने अर्जुन को बताया कि विनोद ने शराब पी रखी है। इसके बाद अर्जुन विनोद के घर पहुंचा वह विनोद को लेकर डीडीए पार्क अपनी स्कूटी पर पहुंचा जहां दोनो ने शराब पी इसके बाद अर्जुन ने विनोद का गला घोंट दिया।

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