दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया सालों से फरार सिमी का यह सदस्य

👁️ 500 Views

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। वह सालों से फरार था। गिनती की जाए तो करीब 19 सालों से। इस दौरान वह भोले भाले मासूम मुस्लिम युवाओं को बरगलाता भी रहा। एक साल पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल एसीपी अत्तर सिंह को उसके बारे में सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने एक साल तक उसे ट्रैक किया औऱ आखिरकार 5 दिसंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी पहचान अबदुल्लाह दानिश के रूप में हुई है। वह इंडियम मुजाहिदीन के खूंखार आतंकी तौकीर आदि के साथ भी काम कर चुका है। सिमी की पत्रिका के हिंदी संस्करण का वह संपादक भी था।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के मुताबिक उसे एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर शिव कुमार औऱ कर्मवीर सिंह की टीम ने गिरफ्तार किया। मूल रूप से यूपी के मऊ और वर्तमान में अलीगढ़ का रहने वाला गिरफ्तार आरोपी अब्दुल्ला दानिश के खिलाफ देशद्रोह समेत संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज था। साल 2002 में कोर्ट ने उसे फरार अपराधी घोषित किया जा चुका था । वह पिछले कुछ सालों से यूपी, गुजरात, महाराष्ट्र में सिमी आतंकी संस्था को फिर से एक्टिव करने का प्रयास कर रहा था।

इस मामले में केंद्रीय खुफिया एजेंसियां कई राज्यों को कई बार अलर्ट भेज चुकी थी।  कई राज्यों की पुलिस इस आरोपी को तलाश कर रही थी।  दानिश सिमी संस्था द्वारा प्रकाशित SiMI मैगजीन के हिंदी संस्करण ” इस्लामिक मूवमेंट “का संपादक भी रह चुका था। चार सालों तक  कट्टरपंथी मैगजीन का रह चुका है संपादक।

अबदुल्लाह दानिश सिमी के सीनियर कैडर में शामिल था। पुलिस अभी उससे पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है वह सीएए विरोधी आंदोलन को भड़काने में भी शामिल रहा है। वह मुस्लिम समुदाय पर भारत सरकार के अत्याचार की झूठी कहानियां सुनाकर युवकों को बरगलाया करता था।

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | दिल्ली में फर्जी ईडी रेड का सनसनीखेज खुलासा, मेड ही निकली मास्टरमाइंड | जान लीजिए मैसेजिंग ऐप्प पर ढील से कैसे बढ़ रहा है साइबर क्राइम | बिहार के गया में लगता है मौत के बाद मुक्ति का मेला, क्यों खास है यह पौराणिक परंपरा | जानिए क्या है ‘सबके लिए आवास’ मिशन, शहरी गरीबों को कैसे मिलता है पक्का घर | बिहार का वह शहर जिसे राम की कर्मभूमि कहा जाता है, जहां ताड़का से जुड़ी है एक रहस्यमयी कथा | operation octopus: हैदराबाद पुलिस ने 127 करोड़ के साइबर ठगी का नेटवर्क कैसे तोड़ा | UIDAI AI Invisible Shield: आपके आधार की पहचान अब पहले से ज्यादा सुरक्षित कैसे हुई | दिल्ली पुलिस ने एआई समिट के दौरान हुए प्रदर्शन पर तोड़ी खामोशी, बोली पूर्व नियोजित था प्रदर्शन | मुठभेड़ के बाद क्या हुआ खुलासा, दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े कौन से गैंग के शूटर | दिल्ली से कोलकाता तक आतंकी नेटवर्क, स्पेशल सेल ने कैसे बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया |
26-02-2026