Bihar History-प्राचीन बिहार का यह है इतिहास, स्थापना दिवस विशेष 2

Bihar History-प्राचीन बिहार के बारे में कुछ तथ्य आपको पिछले एपीसोड में बताए गए थे। इस बार हम आपको उसके आगे के काल के बारे में बताने जा रहे हैं। ताम्र पाषाण काल के अवशेष बिहार के चिरांद, सोनपुर, ताराडीह, चेचर, मनेर और मनुआर आदि से मिले हैं। इस काल में पत्थर के औजार के अतिरिक्त ताम्र उपयोग के प्रमाण मिले हैं। ये अवशेष लगभग 1000 ई. पू. के हैं। बिहार के भौगौलिक क्षेत्र की प्रथम चर्चा शतपथ ब्राह्मण में मिलती है जो 800 ई. पू. के हैं।

Bihar History Details in Hindi

छठी शताब्दी ई. पू. में अंगुत्तर निकाय और भगवती सूत्र से 16 महाजनपदों की जानकारी मिलती है। 16 महाजनपद में तीन महाजनपद का विस्तार क्षेत्र बिहार में था। इनके नाम थे लिच्छवी (वैशाली, मुजफ्फर पुर क्षेत्र), मगध (पटना, गया, नालंदा क्षेत्र) और अंग (भागलपुर, मुंगेर क्षेत्र) । मगध राजनैतिक, आर्थिक एवं भौगौलिक कारण से सभी महाजनपद में सर्वाधिक शक्तिशाली था। मगध की प्रारंभिक राजधानी गिरिब्रज/राजगृह थी। यह पांच पहाड़ियों से घिरा नगर था। मगध का विस्तार मुख्यतः पटना से गया क्षेत्र में था। मगध एवं अंग महाजनपद का वर्णन सबसे पहले अथर्ववेद में मिलता है। अंग महाजनपद का विस्तार भागलपुर एवं मुंगेर में मिलता है। अंग महाजनपद की राजधानी चंपा थी। अंग के अंतिम शासक ब्रह्मदत को मगध शासक बिम्बिसार ने अंग को मगध मे मिला लिया।

मगध की स्थापना बृहद्रथ ने की थी। बृहद्रथ का पुत्र जरासंध इस वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक था। जरासंध को भीम ने द्वन्द युद्ध में पराजित कर उसका वध किया था। इसका वर्णन महाभारत में मिलता है। मगध उर्वर भूमि, नदियों की उपलब्धता, खनित एवं वन संसाधन की उपलब्धता के कारण आर्थिक रूप से संपन्न क्षेत्र था। बृहद्रथ वंश का अंतिम शासक रिपुंजय था ।

प्राचीन बिहार से जुड़े कुछ रोचक तथ्य अगली बार

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | CISF को फिर मिला ISO 9001:2015 प्रमाणन, दिल्ली एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को मिली वैश्विक मान्यता | उपराष्ट्रपति से मिला ABVP प्रतिनिधिमंडल, युवा शक्ति, शिक्षा सुधार और पंजाब यूनिवर्सिटी के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा | हर 15 दिन में करें यह छोटा काम, हैकर्स से बची रह सकती है आपकी डिजिटल पहचान | सत्य बोलने का महत्व: क्यों कहा गया है ‘सांच को आंच नहीं’ | समुद्री सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत, CISF और भारतीय समुद्री विश्वविद्यालय के बीच हुआ बड़ा समझौता | BRICS NSA Meeting 2026: अजीत डोभाल की अध्यक्षता में भारत रच रहा साइबर सुरक्षा का नया इतिहास; जानें AI और Deepfake से निपटने का प्लान | Cyber Fraud Alert: बेरोजगार युवाओं के नाम पर खुल रहे बैंक खाते, दिल्ली पुलिस ने पकड़ा 50 लाख रुपये से जुड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का राज | सनातन धर्म में अन्न का महत्व: क्यों कहा गया है अन्न को सबसे बड़ा धन? | WhatsApp Boss Scam Alert: CEO बनकर ठग रहे साइबर अपराधी, I4C ने जारी की चेतावनी | सीआईएसएफ को मिला नया मुख्यालय, जानिए इसकी विशेषताएं |
25-06-2026