कानपुर के इस मंदिर में ऐसे खुलती है किस्मत

कानपुर के एक मंदिर में किस्मत खोलने के लिए लोग ताला चाबी चढ़ाते हैं। मान्यता है कि यहां आकर अगर आप ताला चाबी चढ़ाते हैं तो बंद अवसरों के दरवाजे आपके लिए खुल जाते हैं। जीवन में किस्मत का साथ होना बहुत जरूरी है। यह हमें सफलता व असफलता दिलाती हैं। लेकिन किसी के किस्मत के दरवाज़े ही बंद हो तो जीवन में कुछ भी पाना आसान नहीं होता। इसके लिए बहुत से लोग ज्योतिष उपाय आदि करते हैं ताकि जल्द-जल्द से उनकी किस्मत पर लगा ताला खुले और उनका भाग्य चमके।

बहुत से ऐसे लोग होते हैं जिन्हें ये उपाय आदि के बारे में जानकारी प्राप्त नहीं होती। तो वो क्या करें? इसके लिए सिर्फ एक मंदिर में जाकर अपनी बंद किस्मत के द्वार खोलने की प्रार्थना करनी होगी।

कानपुर के बंगाली मोहाल मोहल्ले में काली माता का मंदिर (Kali Mata Mandir) हैं, जहां प्रचलित मान्यताओं के अनुसार ताला-चॉबी चढ़ाने से किस्मत का ताला खुल जाता है। इसी के चलते यहां आने वाले भक्त माता रानी के चरणों में ताला-चॉबी चढ़ाते हैं। जब उनकी मुराद पूरी हो जाती है तो वो अगले साल आकर ताला खोल लेते हैं। बताया जाता है कि यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है।

300 साल पुराने कानपुर के इस मां काली के इस मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर सैकड़ों की संख्या में भक्त मां के दर्शनों को आते हैं। कहा जाता है जो भक्त सच्ची श्रद्धा से मां के मंदिर में ताला बंद कर मनोकामनाएं मांगता है उसकी इच्छाएं अवश्य पूर्ण होती हैं।

आमतौर पर यहां लोहे के ताले लगाए जाते हैं, लेकिन कुछ भक्त मां के चरणों में सोने, चांदी और अन्य धातुओं के ताले भी लगाते हैं। यहां ताला लगाने से पहले ताले का पूर्ण विधि विधान से पूजन किया जाता है उसके बाद ही ताला लगाया जाता है।

पौराणिक किंवदंतियों के अनुसार सदियों पहले एक महिला भक्त बहुत परेशान थी। वह रोज़ाना मां काली के मंदिर में दर्शन करने के लिए आती थी। कुछ दिनों बाद वह महिला मंदिर के प्रांगण में ताला लगाने लगी तो मंदिर के पुरोहित ने उससे सवाल किया। महिला ने जवाब देते हुए उन्हें बताया कि उसके सपनों में मां काली आई थीं और उसे ऐसा करने के लिए कहा। मां ने यह भी कहा था कि ऐसा करने से उनकी इच्छा ज़रूर पूरी होगी।

इसके बाद ही कुछ दिनों बाद स्वतः मंदिर की दीवार पर लिखा पाया गया कि तुम्हारी मनोकामना पूरी हो गई है। कहा जाता है इसके बाद से ही वह महिला भी कभी नहीं दिखी और उसके द्वारा लगाया हुआ ताला भी गायब हो गया। इसी घटना के बाद ही यहां यह परंपरा शुरू हुई।

अस्वीकरण (disclaimer) -चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म. ज्योतिष, आदि विषयों पर indiavistar.com में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ जानकारी के लिए है। इससे संबंधित किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | आपकी कार का डेटा चोरी हो रहा है? स्मार्ट इलेक्ट्रिक वाहन का सच जानिए | Dhanushkodi Ghost Village: भारत की आखिरी सड़क पर बसा ‘भूतिया गांव’, शाम ढलते ही क्यों लग जाता है कर्फ्यू? | क्रिप्टो Conduits और USDT मनी लॉन्ड्रिंग: साइबर ठग कैसे छिपाते हैं धोखाधड़ी की रकम, जानिए बचाव और कार्रवाई का पूरा मॉडल | पेंशन अदालत क्या है? पेंशनभोगियों की शिकायतों के समाधान की पूरी जानकारी | अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस: क्यों मनाया जाता है और हर नागरिक के लिए इसका क्या महत्व है? | CKYC नंबर है या नहीं? अभी जानें, एक नंबर से आसान होगी बैंकिंग और बढ़ेगी साइबर सुरक्षा | श्राद्ध में कौवे को पहला ग्रास क्यों दिया जाता है? जानिए काक बलि का रहस्य | ऑपरेशन Cy-Vajra में बड़ा खुलासा, 8 फर्जी कॉल सेंटर सील, 49 गिरफ्तार, ऐसे काम करता है साइबर ठगी का नेटवर्क | RBI आंतरिक लोकपाल (Internal Ombudsman) क्या है? साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए शिकायत निवारण का मजबूत सुरक्षा तंत्र | दिल्ली ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, जानिए कैसे मिलकर काम करती हैं Delhi Traffic Police और दूसरी एजेंसियां |
22-07-2026