internet device में कर लें यह उपाय, वर्ना पड़ सकता है पछताना

internet device
👁️ 395 Views

internet device में कुछ उपाय करने जरुरी हैं। आपका internet device साइबर हमलावरों के निशाने पर हो सकता है। दो चुपके से हमला करने वाले साइबर खतरे हर समय बरकरार रहते हैं। इन खतरों को टाइपो मालवेयर और क्लिपबोर्ड हाइजैकिंग के नाम से जाना जाता है। इनसे बचाव के लिए अपनाए जा सकने वाले सुरक्षा उपाए इस पोस्ट में बताए जा रहे हैं।

internet device को ऐसे बचाइए

सबसे पहले जानिए टाइपो मालवेयर (Typo squatting) से सुरक्षा। Typosquatting का मकसद यूज़र की टाइपिंग में हुई गलतियों का फायदा उठाकर उन्हें फर्जी वेबसाइटों पर भेजना होता है। इसके लिए वेबसाइट टाइपो प्रोटेक्शन सक्षम करें। अपडेटेड रहें: ब्राउज़र, ऑपरेटिंग सिस्टम और एंटीवायरस को नियमित रूप से अपडेट करें ताकि सुरक्षा खामियाँ दूर की जा सकें।

Microsoft Edge जैसे ब्राउज़र्स का इस्तेमाल करें, जिनमें टाइपो सुरक्षा बिल्ट-इन होती है। Settings > Privacy, Search, and Services > Security पर जाएं और Website Typo Protection को ऑन करें। यह फ़ीचर आपको चेतावनी देगा जब आप लोकप्रिय डोमेन को गलत टाइप करके संदेहास्पद साइट पर पहुँचने वाले होंगे।
SmartScreen या समान फिल्टर का उपयोग करें

Microsoft Defender SmartScreen फिशिंग और मालवेयर साइट्स को ब्लॉक करता है।

अन्य ब्राउज़र भी इसी तरह के फ़िल्टर प्रदान करते हैं—सुनिश्चित करें कि वे चालू हैं। विश्वसनीय साइट्स को बुकमार्क करें। संवेदनशील साइट्स (जैसे बैंकिंग या क्रिप्टो एक्सचेंज) के लिए URL मैनुअली टाइप करने से बचें। टाइपो की गलती को रोकने के लिए बुकमार्क का प्रयोग करें।
क्लिपबोर्ड मालवेयर (Clipboard Hijacking) से सुरक्षा
Clipboard मालवेयर आपके कॉपी किए गए डेटा की निगरानी करता है या उसमें बदलाव करता है—जो क्रिप्टो वॉलेट एड्रेस और पासवर्ड्स के लिए बेहद खतरनाक है। क्लिपबोर्ड सुरक्षा वाला एंटीवायरस इस्तेमाल करें । Norton, Avast, या AVG जैसे सिक्योरिटी सूट्स क्लिपबोर्ड स्कैन करते हैं और हानिकारक स्क्रिप्ट्स को रोकते हैं।

ये टूल्स ClickFix या FakeCaptcha जैसे खतरे को भी ब्लॉक कर सकते हैं। संवेदनशील उपयोग के बाद क्लिपबोर्ड को साफ करें। पासवर्ड या वॉलेट एड्रेस कॉपी करने के बाद, क्लिपबोर्ड को किसी साधारण टेक्स्ट (जैसे स्पेस या इमोजी) से ओवरराइट करें। कुछ पासवर्ड मैनेजर यह काम स्वतः करते हैं।
संवेदनशील डेटा की कॉपी-पेस्टिंग से बचें।

क्रेडेंशियल्स कॉपी करने के बजाय विश्वसनीय पासवर्ड मैनेजर से ऑटोफिल का इस्तेमाल करें। रिमोट सेशन में क्लिपबोर्ड शेयरिंग बंद करें। अगर Remote Desktop इस्तेमाल कर रहे हैं तो क्लिपबोर्ड शेयरिंग डिसेबल करें ताकि रिमोट हाइजैकिंग न हो सके।

यह भी पढ़ेंः

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | Panaji police cyber crime model: क्या पूरे देश में लागू हो सकता है गोवा पुलिस का सुरक्षा मॉडल | cisf raising day: मेट्रो से एयरपोर्ट तक CISF की अनकही कहानी | क्या आप जानते हैं डिजिटल सेतु और इसके फायदों को | QR code स्कैम से सावधान, जान लें बचने के ये उपाय | प्राइवेसी सेटिंग्स के बारे में जान लें ये जरूरी बातें | क्या आप जानते हैं किसी लिंक पर क्लिक करने के खतरे से बचने का उपाय ? | वर्दी बताएगी अनुभवः CISF में इस फैसले से वरिष्ठ कांस्टेबलों को मिली नई पहचान | अब आपका whatsapp ऐसे चलेगा, जान लें ये जरूरी नियम | दिल्ली में फर्जी ईडी रेड का सनसनीखेज खुलासा, मेड ही निकली मास्टरमाइंड | जान लीजिए मैसेजिंग ऐप्प पर ढील से कैसे बढ़ रहा है साइबर क्राइम |
06-03-2026