internet device में कर लें यह उपाय, वर्ना पड़ सकता है पछताना

internet device

internet device में कुछ उपाय करने जरुरी हैं। आपका internet device साइबर हमलावरों के निशाने पर हो सकता है। दो चुपके से हमला करने वाले साइबर खतरे हर समय बरकरार रहते हैं। इन खतरों को टाइपो मालवेयर और क्लिपबोर्ड हाइजैकिंग के नाम से जाना जाता है। इनसे बचाव के लिए अपनाए जा सकने वाले सुरक्षा उपाए इस पोस्ट में बताए जा रहे हैं।

internet device को ऐसे बचाइए

सबसे पहले जानिए टाइपो मालवेयर (Typo squatting) से सुरक्षा। Typosquatting का मकसद यूज़र की टाइपिंग में हुई गलतियों का फायदा उठाकर उन्हें फर्जी वेबसाइटों पर भेजना होता है। इसके लिए वेबसाइट टाइपो प्रोटेक्शन सक्षम करें। अपडेटेड रहें: ब्राउज़र, ऑपरेटिंग सिस्टम और एंटीवायरस को नियमित रूप से अपडेट करें ताकि सुरक्षा खामियाँ दूर की जा सकें।

Microsoft Edge जैसे ब्राउज़र्स का इस्तेमाल करें, जिनमें टाइपो सुरक्षा बिल्ट-इन होती है। Settings > Privacy, Search, and Services > Security पर जाएं और Website Typo Protection को ऑन करें। यह फ़ीचर आपको चेतावनी देगा जब आप लोकप्रिय डोमेन को गलत टाइप करके संदेहास्पद साइट पर पहुँचने वाले होंगे।
SmartScreen या समान फिल्टर का उपयोग करें

Microsoft Defender SmartScreen फिशिंग और मालवेयर साइट्स को ब्लॉक करता है।

अन्य ब्राउज़र भी इसी तरह के फ़िल्टर प्रदान करते हैं—सुनिश्चित करें कि वे चालू हैं। विश्वसनीय साइट्स को बुकमार्क करें। संवेदनशील साइट्स (जैसे बैंकिंग या क्रिप्टो एक्सचेंज) के लिए URL मैनुअली टाइप करने से बचें। टाइपो की गलती को रोकने के लिए बुकमार्क का प्रयोग करें।
क्लिपबोर्ड मालवेयर (Clipboard Hijacking) से सुरक्षा
Clipboard मालवेयर आपके कॉपी किए गए डेटा की निगरानी करता है या उसमें बदलाव करता है—जो क्रिप्टो वॉलेट एड्रेस और पासवर्ड्स के लिए बेहद खतरनाक है। क्लिपबोर्ड सुरक्षा वाला एंटीवायरस इस्तेमाल करें । Norton, Avast, या AVG जैसे सिक्योरिटी सूट्स क्लिपबोर्ड स्कैन करते हैं और हानिकारक स्क्रिप्ट्स को रोकते हैं।

ये टूल्स ClickFix या FakeCaptcha जैसे खतरे को भी ब्लॉक कर सकते हैं। संवेदनशील उपयोग के बाद क्लिपबोर्ड को साफ करें। पासवर्ड या वॉलेट एड्रेस कॉपी करने के बाद, क्लिपबोर्ड को किसी साधारण टेक्स्ट (जैसे स्पेस या इमोजी) से ओवरराइट करें। कुछ पासवर्ड मैनेजर यह काम स्वतः करते हैं।
संवेदनशील डेटा की कॉपी-पेस्टिंग से बचें।

क्रेडेंशियल्स कॉपी करने के बजाय विश्वसनीय पासवर्ड मैनेजर से ऑटोफिल का इस्तेमाल करें। रिमोट सेशन में क्लिपबोर्ड शेयरिंग बंद करें। अगर Remote Desktop इस्तेमाल कर रहे हैं तो क्लिपबोर्ड शेयरिंग डिसेबल करें ताकि रिमोट हाइजैकिंग न हो सके।

यह भी पढ़ेंः

Support India Vistar
Picture of inspector raman kumar
inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | CISF जवानों के तनाव और मानसिक स्वास्थ्य पर बड़ा कदम, IHBAS से 3 साल का समझौता | CRPF Women Battalion: 1986 में बनी पहली महिला बटालियन, 40 साल में ऐसे बदली महिलाओं की भूमिका | ऐप पर बढ़ता रहा मुनाफा, असली पैसा पहुंचा दुबई: जानिए Fake Trading App का नया जाल | एयरपोर्ट पर मदद के नाम पर ठगी: ₹11 हजार देने के बाद खुला राज, CISF को मिले तीन अलग नाम वाले पहचान पत्र | Tech Support Scam क्या है? कंप्यूटर पर Pop-Up दिखाकर कैसे होती है ठगी, IFSO केस से समझें पूरा तरीका | Property fraud: रिटायरमेंट के ₹1.75 करोड़ फंसे, जमीन खरीदने से पहले इन कागजात की जांच क्यों जरूरी, आप भी जान लें | RBI का नया प्रस्ताव: संदिग्ध बैंक ट्रांजैक्शन पर 60 दिन तक रोक, आपके खाते पर कब पड़ सकता है असर? | Flight Baggage Rules: विदेश जाते समय बैग में क्या नहीं ले जा सकते? दिल्ली एयरपोर्ट पर चंदन के 11 डिब्बे मिले | Train Cancelled October 2026: अक्टूबर में 40 से ज्यादा ट्रेनें रद्द, टिकट है तो पहले चेक करें अपनी ट्रेन | सट्टे का पैसा शेयर बाजार तक कैसे पहुंचता है? महादेव बेटिंग केस से समझिए पूरा खेल |
25-09-2026