इस तरह के cyber attack से आपकी हर जानकारी हो सकती है लीक

cyber attack
👁️ 404 Views

cyber attack कई तरह से होते हैं। इस पोस्ट में cyber attack के एक खास तरीके की जानकारी दी जा रही है। इस तरह के cyber attack आपकी सारी जानकारी ही नहीं आपके बैंक खाते में सेंध भी लगा सकते हैं। इसे लोग सेशन हाइजैंकिंग के नाम से जानते हैं। क्या है सेशन हाईजैकिंग?
सेशन हाईजैकिंग एक साइबर हमला है जिसमें अपराधी आपके सक्रिय वेब सत्र (जैसे बैंकिंग या ईमेल) को बिना पासवर्ड या OTP के अपने नियंत्रण में ले लेते हैं।

cyber attack session highjacking

यह कैसे काम करता है:
• जब आप लॉग इन करते हैं, सर्वर आपके ब्राउज़र को एक सेशन ID देता है (जो cookies में स्टोर होती है)।
• यह ID सर्वर को बताती है कि “यह उपयोगकर्ता प्रमाणित है।”
• अगर यह ID चोरी हो जाए, तो हमलावर आपकी पहचान में लॉग इन कर सकते हैं — चाहे आपने लॉगआउट कर लिया हो या पासवर्ड बदल दिया हो।
सेशन हाईजैकिंग के सामान्य तरीके
तरीका विवरण
पैकेट स्निफिंग असुरक्षित नेटवर्क पर सेशन ID को पकड़ना।
क्रॉस-साइट स्क्रिप्टिंग (XSS) वेबसाइट में कोड डालकर cookies चुराना।
सेशन फिक्सेशन उपयोगकर्ता को पहले से तय सेशन ID से लॉग इन करवाना।
मैन-इन-द-मिडल उपयोगकर्ता और सर्वर के बीच की बातचीत को इंटरसेप्ट करना।
मैलवेयर संक्रमित डिवाइस से सेशन डेटा निकालना।
वास्तविक मामला: Gmail कुकी हाईजैक और ₹89,000 की चोरी (दिल्ली)
• पीड़ित के Gmail की सेशन कुकीज़ चोरी हो गईं, जिससे अपराधियों को अकाउंट तक पहुंच मिल गई।
• उन्होंने OTP इंटरसेप्ट किए और रात में खरीदारी की जब पीड़ित सो रहा था।
• पासवर्ड या OTP की जरूरत नहीं पड़ी — सेशन पहले से प्रमाणित था।
• पुलिस ने IP लॉग्स के जरिए धोखाधड़ी का पता लगाया और ₹2 लाख छह खातों में फ्रीज़ किए।
यह घटना दर्शाती है कि कैसे सेशन टोकन और कुकीज़ डार्क वेब पर बेचे जा रहे हैं, और साइबर अपराधी इन्हें हथियार बना रहे हैं।
सेशन हाईजैकिंग से कैसे बचें
सुरक्षित कनेक्शन का उपयोग करें
• हमेशा HTTPS वेबसाइट्स का उपयोग करें।
• सार्वजनिक Wi-Fi से बचें, या VPN का उपयोग करें।
🧹 कुकीज़ साफ करें और ऑटो-लॉगिन से बचें
• ब्राउज़र में पासवर्ड या सेशन कुकीज़ सेव न करें।
• संवेदनशील कार्यों के लिए इनकॉग्निटो मोड का उपयोग करें।
अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें
• विश्वसनीय एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करें।
• ऐप्स और OS को अपडेट रखें।
ऐप-आधारित 2FA सक्षम करें
• SMS OTP की बजाय ऑथेंटिकेटर ऐप का उपयोग करें।
• ईमेल को मजबूत पासवर्ड और 2FA से सुरक्षित करें।
खाते की गतिविधि पर नजर रखें
• हर लेन-देन के लिए अलर्ट सेट करें।
• ईमेल और बैंकिंग ऐप्स में लॉगिन हिस्ट्री नियमित रूप से जांचें।
जन-जागरूकता संदेश
“Browser में सेव किया गया cookie, आपके बैंक खाते की चाबी बन सकता है – इसे सुरक्षित रखें या साफ करें!”

यह भी पढ़ेंः

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | मुठभेड़ के बाद क्या हुआ खुलासा, दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े कौन से गैंग के शूटर | दिल्ली से कोलकाता तक आतंकी नेटवर्क, स्पेशल सेल ने कैसे बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया | चीन के साइबर धोखेबाज़ भारत में कैसे चला रहे हैं वर्चुअल SIM बॉक्स, गुरुग्राम केस ने खोली पोल | Agniveer भर्ती 2026: उम्र सीमा बढ़ी, क्या मिलेगा स्थायी मौका? जानिए नया नियम और पूरा प्रोसेस | क्या आपको मालूम है यूपीआई के ये नियम, अप्रैल से बदल जाएगा सब कुछ | विकसित बिहार का निश्चयः हर जिले में पांच स्टार्ट अप जानिए किसने बनाई यह योजना | गलत जानकारी समाज के लिए खतरा क्यों बन गई है? अश्विनी वैष्णव का AI Summit में बड़ा अलर्ट | फ्रॉड से बचना है तो SMS से दूर हो जाएं अपना लें ये दो चीजें | दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा ड्रग तस्कर का परिवार हुए बड़े सनसनीखेज खुलासे | साइबर अपराध पर ऐसे भारी पड़ेंगे AI और Sim binding |
22-02-2026