भारत टैक्सी लॉन्च: अमित शाह के भाषण की 5 बड़ी बातें जो हर नागरिक को जाननी चाहिए

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी की औपचारिक शुरुआत करते हुए इसे आम नागरिकों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद टैक्सी सेवा बताया। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की सोच को ज़मीनी स्तर पर मजबूत करेगी।
भारत टैक्सी के औपचारिक शुभारंभ के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। फोटो पीआईबी

भारत टैक्सी सिर्फ नई कैब सेवा नहीं, बल्कि सरकार का वह प्रयोग है जो प्राइवेट कैब ऐप्स की पूरी व्यवस्था को चुनौती दे सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी की औपचारिक शुरुआत करते हुए इसे केवल एक नई टैक्सी सेवा नहीं, बल्कि भरोसे और पारदर्शिता का मॉडल बताया।
अपने भाषण में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल आम नागरिकों, ड्राइवरों और डिजिटल भारत की सोच को कैसे जोड़ती है।
भारत टैक्सी को लेकर उनके संबोधन की ये 5 बातें आने वाले समय में परिवहन व्यवस्था की दिशा तय कर सकती हैं।इस अवसर पर केन्द्रीय सहकारिता राज्य मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर एवं श्री मुरलीधर मोहोल और सहकारिता सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। https://www.pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=2224018&reg=3&lang=2

अमित शाह के भाषण की 5 बड़ी बातें

  1. सरकारी समर्थन के साथ भरोसेमंद टैक्सी मॉडल
    अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य निजी ऐप्स के विकल्प के रूप में एक भरोसेमंद और जवाबदेह सेवा देना है।
  2. ड्राइवरों के हितों पर सीधा फोकस
    उन्होंने ज़ोर दिया कि इस प्लेटफॉर्म में ड्राइवरों का शोषण नहीं होगा और उन्हें पारदर्शी कमाई का अवसर मिलेगा।
  3. डिजिटल इंडिया की ज़मीनी झलक
    भारत टैक्सी को डिजिटल इंडिया मिशन से जोड़ते हुए उन्होंने इसे तकनीक आधारित सार्वजनिक सेवा का उदाहरण बताया।
  4. सुरक्षा और सत्यापन को प्राथमिकता
    गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा और ड्राइवर वेरिफिकेशन इस सेवा की बुनियाद होगी।
  5. आत्मनिर्भर भारत की सोच का विस्तार
    अमित शाह के अनुसार भारत टैक्सी स्वदेशी प्लेटफॉर्म के रूप में विदेशी निर्भरता कम करने की दिशा में एक अहम कदम है।

भाषण में भारत टैक्सी के बारे में यह सारी जानकारी

 भारत टैक्सी के औपचारिक शुरूआत कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए 1,200 से अधिक “सारथियों” (ड्राइवर पार्टनर्स) ने भाग लिया।

Explainer Box: भारत टैक्सी बनाम प्राइवेट कैब ऐप्स

पहलूभारत टैक्सीप्राइवेट कैब ऐप्स
स्वामित्व और दृष्टिसरकार समर्थित, सार्वजनिक हित पर आधारित मॉडलपूरी तरह व्यावसायिक, मुनाफा प्राथमिक
उद्देश्यभरोसेमंद, पारदर्शी और सुलभ टैक्सी सेवातेज़ ग्रोथ और मार्केट शेयर पर फोकस
किराया नीतिस्थिर और नियामक सोच के साथडिमांड के अनुसार बढ़ता-घटता किराया
ड्राइवर हितशोषण-मुक्त और पारदर्शी कमाई का दावाउच्च कमीशन और इंसेंटिव आधारित सिस्टम
सुरक्षा और सत्यापनसरकारी मानकों के अनुसार ड्राइवर वेरिफिकेशनकंपनी-स्तर पर सत्यापन, नियम अलग-अलग
डेटा और जवाबदेहीसार्वजनिक जवाबदेही की अपेक्षाआंतरिक नीतियों पर आधारित
दीर्घकालिक सोचआत्मनिर्भर भारत और डिजिटल गवर्नेंसप्रतिस्पर्धा और विस्तार केंद्रित

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए मालिकाना हक का एक मॉडल तैयार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि तीन साल के अंदर कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामख्या तक सहकार टैक्सी हमारे टैक्सी सारथियों के कल्याण का एक बहुत बड़ा माध्यम बन जाएगी। श्री शाह ने कहा कि जब पहली बार उन्होंने संसद के सामने सहकार टैक्सी का विषय रखा तो बहुत सारे लोगों, खासकर टैक्सी परिचालन से जुड़ी कंपनियों, ने सवाल उठाया कि सरकार टैक्सी के क्षेत्र में क्यों प्रवेश कर रही है।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को ‘सहकार’ और ‘सरकार’ के बीच का भेद नहीं मालूम है। श्री शाह ने कहा कि सरकार टैक्सी के क्षेत्र में प्रवेश नहीं रही, बल्कि सहकार (Cooperation) टैक्सी के क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि शायद पूरी दुनिया में पहली बार ऐसी अनूठी कंपनी अस्तित्व में आ रही है, जिसका असली मालिक कोई व्यक्ति या बाहरी कंपनी नहीं, बल्कि टैक्सी चलाने वाला सारथी ही है। सहकार टैक्सी से जुड़े हर एक सारथी भाई-बहन ही इस सहकारी टैक्सी समिति के सच्चे मालिक हैं।

उन्होंने कहा कि यह संकल्पना सहकार टैक्सी से जुड़ने वाले सारथियों के जीवन, आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिति में आमूल-चूल परिवर्तन लाने वाली है। श्री शाह ने यह भी कहा कि हमारे देश में पहले ऐसे कई मॉडल सफल हो चुके हैं। सिर्फ 11 दूध उत्पादकों ने अमूल की शुरुआत की थी। आज गुजरात में 36 लाख से अधिक पशुपालक महिलाओं का विशाल वटवृक्ष खड़ा हो चुका है। यह पशुपालक महिलाएं सवा लाख करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार करती हैं। उन्होंने कहा कि यह मॉडल दर्शाता है कि जब आम लोग स्वयं मालिक बनते हैं, तो छोटी शुरुआत भी बहुत बड़े परिणाम दे सकती है। उन्होंने कहा कि पशुपालक बहनें आज दूध बेचकर एक करोड़ रुपए तक की सालाना कमाई कर रही हैं, जो सहकारी मॉडल का कमाल है।

भारत टैक्सी सारथियों को यह मिलेगा फर्क

श्री अमित शाह ने टैक्सी सारथियों से अपील की कि वे अभी भी टैक्सी चलाते हैं, सहकार टैक्सी से जुड़ने के बाद भी टैक्सी चलाएँगे, लेकिन दोनों में एक बड़ा फर्क होगा। उन्होंने कहा कि अभी टैक्सी का पहिया किसी और की जेब में पैसे डालता है, लेकिन अब सारथियों की टैक्सी के पहिये की कमाई सारथियों की जेब में ही जाएगी।

उन्होंने कहा कि यह विचार सहकारिता की भावना से ही जन्म लेता है। सहकारिता का असली अर्थ यही है कि जब ढेर सारे छोटे-छोटे पूंजी वाले लोग अपनी ताकत को एकत्रित कर लेते हैं, तो वे मिलकर बहुत बड़े-बड़े काम कर पाते हैं। जिनके पास बहुत बड़ी पूंजी होती है, वे अकेले बड़ा काम करते हैं और मुनाफा भी कुछ ही लोगों तक सीमित रहता है।

श्री शाह ने कहा कि आज जिस सहकारिता मॉडल की बात की जा रही है, वही आज के समय में सबसे नई और सबसे सफल शुरुआत है। उन्होंने कहा कि अब टैक्सी का पहिया किसी और की कमाई के लिए नहीं, बल्कि टैक्सी सारथियों की समृद्धि और खुशहाली के लिए घूमेगा।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि भारत में कई विश्व-स्तरीय सहकारी मॉडल खड़े हो चुके हैं, जिनमें अमूल, इफको, कृभको जैसी संस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से किसी भी सहकारी संस्था में शुरूआती पूंजी बहुत बड़ी नहीं थी।

सबसे बड़ी शेयर पूंजी सिर्फ 500 रुपये

इसी तरह सहकार टैक्सी में सबसे बड़ी शेयर पूंजी सिर्फ 500 रुपये है और वही 500 रुपये सारथियों को असली मालिक का दर्जा दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह छोटी सी राशि टैक्सी सारथियों की मेहनत, आत्मसम्मान और उनकी आर्थिक आजादी की नींव बनने जा रही है।

श्री अमित शाह ने कहा कि हर पाँच साल पर होने वाले चुनाव के बाद टैक्सी सारथियों द्वारा चुने गए दो प्रतिनिधि बोर्ड में बैठेंगे। वे ही उनके हितों की देखभाल करेंगे और उनके लिए फैसले करेंगे। यही सहकारिता की आत्मा और सच्चे मालिकाना हक की भावना है।

उन्होंने कहा कि सहकार टैक्सी कुल मुनाफे में सिर्फ 20 फीसदी पैसे ही अपने पास रखेगी, यानि 100 रुपए में से 20 रुपए ही सहकार टैक्सी अपने पास रखेगी, जिसके मालिक सारथी ही हैं। श्री शाह ने कहा कि सारा मुनाफा भारत टैक्सी से जुड़े सारथी के अकाउंट में ही जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के पूंजी खाते में पड़े 20 रुपए के मालिक भी सारथी ही होंगे।

तीन प्रकार के टैक्सी

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी की कल्पना मौजूदा तीनों प्रकार के टैक्सी वाहनों को एक साथ जोड़कर की गई है जिसमें चार पहिया टैक्सी, तीन पहिया और दो पहिया वाहन शामिल हैं। उन्होंने देश की मातृ शक्ति को संदेश दिया कि भारत टैक्सी उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि रखेगी।

सारथी दीदी के लिए अलग विंडो

उन्होंने कहा कि हमने सारथी दीदी की एक खास संकल्पना तैयार की है जिसके तहत आने वाले समय में ऐप में ‘सारथी दीदी’ के लिए एक अलग विंडो होगी, जिसके जरिए रजिस्ट्रेशन कराने वाली किसी भी महिला को केवल ‘सारथी दीदी’ ही पिक करने आएंगी।

श्री शाह ने कहा ‘सारथी दीदी’ दो पहिया वाहन लेकर आएंगी और बहुत कम किराए में सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाएंगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा महिलाओं के लिए बहुत बड़ी और व्यावहारिक राहत साबित होगी। आने वाले दिनों में सारथी दीदी के माध्यम से देश की मातृ शक्ति को एक सुरक्षित, किफायती और सम्मानजनक यात्रा का विकल्प उपलब्ध होगा। यह सिर्फ एक सेवा नहीं बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, स्वावलंबन और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इनके बीच हुआ है एमओयू

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली मेट्रो रेल निगम, एयरपोर्ट अथॉरिटी, इफको टोक्यो इंश्योरेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित कुल नौ प्रमुख संस्थाओं के साथ भारत टैक्सी ने समझौता (एमओयू) किया है।

इन समझौतों के जरिए भारत टैक्सी के ग्राहकों को कई अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी और साथ ही इन सभी संस्थाओं को भारत टैक्सी की सेवाएँ आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि ये संस्थाएँ अब सहकार टैक्सी की सफलता में हिस्सेदार बन चुकी हैं।

यह स्वामित्व मॉडल पर आधारित नया टैक्सी कॉन्सेप्ट आज पहली बार भारत में लॉन्च किया गया है, जो न केवल सारथियों के लिए मालिकाना हक की भावना लाता है, बल्कि यात्रियों और विभिन्न संस्थाओं के लिए भी एक भरोसेमंद और सुविधाजनक विकल्प प्रस्तुत करता है।

फिक्सड चार्ज कहां

श्री अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी द्वारा तय किया गया फिक्स्ड चार्ज सारथियों के अकाउंट से अलग रहेगा। इसके अलावा, भारत टैक्सी सारथियों की पसीने की कमाई से एक प्रतिशत भी कमीशन नहीं काटेगी, जिससे उनकी समृद्धि तेजी से बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य कंपनी की पूंजी को बढ़ाना नहीं, बल्कि भारत टैक्सी के असली मालिक, सारथी भाइयों और सारथी दीदियों, का मुनाफा और आय बढ़ाना है। श्री शाह ने कहा कि ग्राहक द्वारा किया गया भुगतान सीधे सारथी के अकाउंट में तत्काल ऑटोमैटिकली ट्रांसफर हो जाएगा।

इसके लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। किसी भी सारथी का अकाउंट बिना उचित सुनवाई के बंद नहीं किया जाएगा। हालांकि, सारथियों का भी दायित्व है कि वे ग्राहकों के साथ अच्छा व्यवहार करें, अपनी टैक्सी की गुडविल बनाए रखें और सेवा की गुणवत्ता पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि शिकायतों की सुनवाई के लिए पूरी व्यवस्था की गई है और निष्पक्ष सुनवाई के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि अब तक बुकिंग फीस, प्लेटफॉर्म फीस और भारी कमीशन जैसी बातें कंपनी की बैलेंस शीट को मोटा करती थीं और सारथी की कमाई को घटाती थीं। भारत टैक्सी में ऐसी कोई फीस या कमीशन की व्यवस्था ही नहीं है और सारथी ही मालिक होंगे। यह विचार पश्चिमी सोच वाले लोगों को शायद समझ न आए, लेकिन यही सहकारिता की असली ताकत है।

श्री अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी की शुरुआत सहकारिता क्षेत्र के लिए नए आयाम खोलने की भी शुरुआत है। पिछले 125 वर्षों से भारत में सहकारिता आंदोलन चल रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि सहकारी मॉडल को नए-नए क्षेत्रों में ले जाया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए मालिकाना हक वाला मॉडल तैयार कर रहा है। आने वाले समय में हम तीन-चार ऐसे क्षेत्रों में इस मॉडल को आगे बढ़ाएंगे, जहां मेहनत करने वाले व्यक्ति के पसीने और परिश्रम का फल उसी के पास रहेगा।

भारत टैक्सी के चार मूल मंत्र

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी के चार मूल मंत्र हैं—स्वामित्व (ownership), सुरक्षा कवच (security), सम्मान (dignity) और सबका पहिया, सबकी प्रगति, यानी सभी के लिए लाभांश का उचित वितरण। इन्हीं चार उद्देश्यों के साथ भारत टैक्सी की शुरुआत हुई है और आने वाले समय में यह एक बहुत सफल प्रयोग साबित होगा।

उन्होंने कहा कि 6 जून 2025 को इसकी स्थापना हुई और आज से यह कमर्शियली लॉन्च हो रही है। महज 8 महीनों के भीतर दिल्ली और गुजरात में किसी भी अन्य टैक्सी कंपनी से ज्यादा सारथी और ग्राहक भारत टैक्सी से जुड़ चुके हैं। इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर रजिस्ट्रेशन किसी अन्य कंपनी ने नहीं कराए हैं।

उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में हमारे सारथी भाइयों-बहनों को इंश्योरेंस, सरकारी रोजगार योजनाओं, लोन, सब्सिडी और गिग वर्कर से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं का लाभ स्वतः मिल सकेगा। हम इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं ताकि हर सारथी को पूरा सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक मजबूती मिल सके।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2020-21 में Gig Workers के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की थी। अब 2025-26 के बजट में भारत सरकार देश भर के सवा करोड़ से अधिक Gig Workers के लिए ढेर सारी योजनाएं और सुविधाएं लेकर आई हैं।

सारथियों के लिए ई-श्रम पोर्टल

पहले ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन का अधिकार केवल उन लोगों को था जिनकी पेंशन कटती थी या जो औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त श्रमिक के रूप में पंजीकृत थे। अब इस सीमा को हटाकर देश के सवा करोड़ Gig Workers ई-श्रम पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी से जुड़े सभी सारथी अब आसानी से ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज अपने और अपने परिवार के लिए स्वतः उपलब्ध हो जाएगा।

भारत टैक्सी से जुड़ते ही सारथियों को यह मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों के लिए उपलब्ध अन्य कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं भी आपके लिए अपने आप सक्रिय हो जाएंगी।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी का मॉडल न केवल सारथियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि उनके सम्मान, सुरक्षा और स्वामित्व को भी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी के ऐप में SoS अलर्ट की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है, जिसके माध्यम से आपातकालीन स्थिति में तुरंत सुरक्षा और सहायता प्राप्त की जा सकती है।

अभी दिल्ली-एनसीआर में आठ हेल्पलाइन और सहायता केन्द्र स्थापित किए जा चुके हैं और आने वाले समय में देशभर में ऐसे केन्द्रों का एक व्यापक जाल बिछाया जाएगा। शिकायत निवारण की पूरी प्रक्रिया तीन स्तरों पर संचालित होगी—ऐप के माध्यम से, वेबसाइट पर और टोल-फ्री नंबर के जरिए।

इसके साथ ही हमारे प्रतिनिधि नियमित रूप से सारथियों के साथ बैठकें करेंगे ताकि हर समस्या का समय पर समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि आज से सारथी hidden charges से पूरी तरह मुक्त हैं। hidden charge लेना सारथी के साथ एक तरह का छल है।

टोल, पार्किंग और अन्य सभी तरह के अतिरिक्त शुल्क से भी मुक्ति मिलेगी। साथ ही 24 घंटे, सातों दिन हेल्पलाइन सारथियों के लिए हमेशा उपलब्ध रहेगी। फिलहाल इसकी शुरुआत गुजरात के कुछ शहरों, दिल्ली और एनसीआर में हो रही है। लेकिन अगले तीन साल से भी कम समय में हम देश के हर राज्य और हर बड़े शहर तक पहुंच जाएंगे।

केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आने वाले दिनों में हम भारत टैक्सी में बहुत सारी नई सेवाओं को शामिल करेंगे और इसे लगातार विस्तार देंगे। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर के सभी ग्राहकों और सारथियों को संदेश दिया कि आज से भारत टैक्सी उनकी सेवा में पूरी तरह शुरू हो रही है।

यह सिर्फ एक टैक्सी सेवा नहीं है, बल्कि हमारे देश के करोड़ों सारथियों की समृद्धि, आत्मसम्मान और आर्थिक मजबूती बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक दिल्ली-एनसीआर में 2.5 लाख से ज्यादा ड्राइवर भारत टैक्सी के साथ जुड़ चुके हैं, 8.5 लाख से अधिक यात्री इस परिवार का हिस्सा बन चुके हैं और कई बड़ी कंपनियों के साथ हमारे समझौते भी अंतिम चरण में हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत टैक्सी का भविष्य बेहद उज्ज्वल है।

कार्यक्रम से पूर्व दिन में, भारत टैक्सी के शुभारंभ को प्रतीकात्मक रूप से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विज्ञान भवन तक निकाली गई 100 कारों की भव्य रैली के माध्यम से चिह्नित किया गया। इस रैली ने देश के टैक्सी समुदाय की एकता, आत्मगौरव और सामूहिक शक्ति का सशक्त प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष पांच सारथियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जिससे सहकारी मॉडल के अंतर्गत चालक स्वामित्व और भागीदारी को प्रोत्साहन मिले। प्रत्येक सम्मानित सारथी को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा प्रमाणपत्र तथा ₹5 लाख की पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान की गई, जो चालक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के प्रति भारत टैक्सी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कार्यक्रम के दौरान माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की उपस्थिति में अग्रणी सार्वजनिक एवं निजी भागीदारों के साथ नौ समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदानप्रदान भी किया गया, जिनका उद्देश्य परिचालन एकीकरण, डिजिटल सक्षमता तथा सेवा गुणवत्ता को सुदृढ़ करना है।

दिल्ली यातायात पुलिस और सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के मध्य किये गए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत भारत टैक्सी को दिल्ली में 21 स्थानों पर स्थित 34 प्रीपेड टैक्सी बूथों के डिजिटल संचालन की अनुमति मिलेगी, जिससे यात्री सुरक्षा, पारदर्शिता, चालक आय और सेवा गुणवत्ता में वृद्धि होगी। दिल्ली यातायात पुलिस के सहयोग से भारत टैक्सी ने एक संयुक्त कमांड एवं कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किया है, जिसमें रीयल-टाइम राइड मॉनिटरिंग, एसओएस अलर्ट और त्त्वरित आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र शामिल हैं। यह सड़क सुरक्षा, नियामक अनुपालन और यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ावा देंगे।

राष्ट्रीय ईगवर्नेंस प्रभाग (NeGD),MeitY के साथ गए समझौता ज्ञापन के तहत डिजिटल इंडिया ढांचे के अंतर्गत भारत टैक्सी को परामर्श एवं तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे DigiLocker, UMANG और API Setu के साथ एकीकरण संभव होगा। इससे सारथियों को पेपरलेस ऑनबोर्डिंग, सरकारी सेवाओं तक एकीकृत पहुंच, सुरक्षित इंटरऑपरेबल संचालन, कैशलेस भुगतान और बेहतर परिचालन दक्षता का लाभ मिलेगा।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के साथ साझेदारी के तहत 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर बाइक टैक्सी, ई-ऑटो/सीएनजी ऑटो और कैब के माध्यम से अंतिममील कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे यात्री एक ही प्लेटफॉर्म पर पूरे सफर की योजना और भुगतान कर सकेंगे, साथ ही चालकों को अधिक ट्रिप्स और कम निष्क्रिय समय का लाभ मिलेगा।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के साथ किया गया MoU देशभर के AAI हवाई अड्डों पर भारत टैक्सी के संचालन को नियंत्रित करेगा, जिसमें पिकअप ज़ोन, साइनज की अनुमति तथा कड़े सुरक्षा एवं सेवा मानक निर्धारित किए गए हैं, जिससे पूरे भारत में विनियमित हवाई अड्डा संचालन संभव होगा।

दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम / दिल्ली एयरपोर्ट पार्किंग सर्विसेज (DAPSGMR समर्थित) के साथ हुए समझौते के तहत IGI एयरपोर्ट टर्मिनलों पर कई पार्किंग स्थानों पर भारत टैक्सी की व्हाइट कैब सेवाओं को अनुमति दी गई है। DAPS पहले वर्ष के लिए प्रति ट्रिप ₹245 के पिकअप शुल्क पर 20% की छूट प्रदान करेगा, जो भारत टैक्सी की कालीपीली सेवाओं का पूरक बनेगा तथा एयरपोर्ट राइड्स की संख्या और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा।

IFFCOTokio को भारत टैक्सी के बीमा भागीदार के रूप में जोड़ा गया है, जो नाममात्र दरों पर चालकों को ₹5 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा प्रदान करेगा, साथ ही दीर्घकालिक चालक कल्याण एवं बीमा समाधानों पर परामर्श सहयोग भी देगा।

पेटीएम (Paytm) के साथ MoU  के तहत डिजिटल भुगतान,कोब्रांडेड ऑफरिंग्स तथा फिनटेक सक्षमता को सक्षम करेगा, जिसमें पेमेंट गेटवे एकीकरण और पेटीएम के पार्टनर इकोसिस्टम तक पहुंच शामिल है। पेटीएम पारिवारिक कवरेज सहित चालक समूह स्वास्थ्य बीमा में भी सहयोग कर रहा है।

GMR के साथ साझेदारी एयरपोर्ट मोबिलिटी संचालन को और सुदृढ़ करते हुए IGI एयरपोर्ट टर्मिनलों पर भारत टैक्सी की विनियमित पहुंच और सेवा विस्तार को मजबूती प्रदान करेगी।

SBI  के साथ हुए MoU पर हस्ताक्षर के तहत प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी योजनाओं के अंतर्गत वाणिज्यिक यात्री वाहनों के लिए प्राथमिकता वित्तपोषण उपलब्ध कराया जाएगा। सहकार टैक्सी पात्र चालक-मालिकों की पहचान और सहायता करेगा, जबकि SBI अपनी प्रचलित दिशानिर्देशों के अनुरूप शीघ्र विचार सुनिश्चित करेगा।

पाठक के लिए Bottom Line

जहां प्राइवेट कैब ऐप्स सुविधा और स्पीड पर ज़ोर देते हैं, वहीं भारत टैक्सी का दावा भरोसा, नियंत्रण और सार्वजनिक जवाबदेही पर आधारित है। असली परीक्षा यह होगी कि यह मॉडल ज़मीन पर कितना प्रभावी साबित होता है।

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Alok Verma

a senior journalist with a 25 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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24-05-2026