दिल्ली में पकड़ा गया सवा पांच लाख का इनामी गैंगस्टर, क्राइम की कुछ और काम की खबरें और वीडियो

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सवा पांच लाख का इनामी डिजिटल गैंगस्टर की कहानी

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलीजेंस यूनिट ने दिल्ली हरियाणा में कुख्यात डिजिटल गैंग्स्टर अशोक प्रधान को गिरफ्तार किया है। इसके साथ उसका करीबी साथी और एक लाख का इनामी अरूण उर्फ बाबा भी गिरफ्तार हुआ है। अशोक प्रधान 2014 से फरार चल रहा है। वह कुख्यात बदमाश नीरज बवाना को कोर्ट में पेशी के दौरान कत्ल करने की साजिश रच रहा था। क्राइम की दुनिया में अपना सिक्का जमाने के लिए अशोक प्रधान ने कई डिजिटल फिल्म बनाकर यू टूयूब पर डाउन लोड किया था।

काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट के डीसीपी मनीषी चंद्रा के मुताबिक एसीपी राहुल विक्रम की देखरेख में इंस्पेक्टर विक्रम दहिया और संदीप डबास के नेतृत्व में एसआई मंजीत, सुमेर सिंह, निशांत दहिया, संदीप सुथर, एएसआई बच्चू सिंह, गौरव, राकेश यादव, नवीन कुमार, हवलदार अनिल, दीपक, कांस्टबल अजय, धीरज. राजकुमार, नवीन, कैलाश, पंकज, दीपक, नरेन्द्र कुमार और कृषण कुमार की की टीम को मिलेनियम पार्क के पास से अशोक प्रधान और उसके साथी को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली। अशोक प्रधान का जेल में बंद नीरज बवाना के साथ गैंगवार की लड़ाई चल रही है। इस रंजिश में पिछले दस सालो में दर्जनो लोग जान गंवा चुके हैं।

अशोक उर्फ प्रधान उर्फ शोकी हरियाणा के बहादुरगढ़ के गांन निलौठी का रहने वाला है। साल 2001 में उसने मुठभेड़ में अब मारे जा चुके गैंगस्टर नीतू दाबोदिया के गैंग में शामिल हुआ था। बाहादुरगढ़ में एक ग्राम प्रधान की हत्या कर क्राइम की दुनिया में कदम रखने वाला अशोक ने नीतू के इशारे पर एक डाक्टर की हत्या भी की। इसके साथ ही वह ताबड़तोड़ अपराध करता रहा। कत्ल, फिरौती के लिए अपहरण, जबरन वसूली के कई मामले उसके नाम दर्ज हैं। 2004 में जब वह जेल में था तो उसके सगे भाई की हत्या उसके विरोधी बदमाश राजीव काला द्वारा कर दी गई। जमानत पर बाहर आने के बाद अशोक ने राजीव और उसके कई साथियों को मौत के घाट उतारा। लेकिन एक बार फिर वह गिरफ्तार हुआ और उम्र कैद की सजा मिली। 2009 में पैरोल पर वह बाहर आया। 2013 में दिल्ली स्पेशल सेल के साथ मुठभेड़ में नीतू दाबोदिया के मारे जाने के बाद उसने गैंग पर कब्जा कर उसे प्रधान गैंग बना दिया। इस गैंग के प्रचार प्रसार के लिए कई वीडियो बनाए गए।

आपको भी एसबीआई से फोन आया था क्या

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। कई बार आपको भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का बोलकर फोन आया होगा। फोन करने वाले ने आपको केवाईसी की कमी की वजह से खाता निलंबन की बात भी की होगी। अगर इस तरह का कोई फोन आए तो कृपया उसे अपनी कोई जानकारी ना दें। देशभर में ऑनलाइन ठगी के लिए कुख्यात झारखंड के जामताड़ा से दिल्ली की द्वारका पुलिस ने फिर ऐसे ही एक जालसाज को गिरफ्तार किया है।

दिल्ली की द्वारका पुलिस के डीसीपी संतोष मीणा के मुताबिक साइबर सेल के प्रभारी  इंस्पेक्टर महेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में द्वारका नार्थ और साइबर सेल की ज्वायंट टीम एसआई अरविंद, महेन्द्र. वीर सिंह, हेडकांस्टेबल प्रदीप औऱ नरेन्द्र की टीम ने उदय कुमार नाम के जालसाज को गिरफ्तार किया है।  झारखंड के साहिबगंज के रहने वाले उदय के कब्जे से 5 डेबिट कार्ड कई चैक बुक औऱ अन्य कागजात बरामद किए गए हैं। शिकायतकर्ता आलोक वर्मा को 13 नवंबर के दिन एक अंजान फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एसबीआई का कर्मचारी होने की बात कहते हुए केवाईसी की कमी के कारण उनके खाते के निलंबन की बात कही। और इस कमी को पूरा करने के लिए एक लिंक भी भेजा। जैसे ही उन्होने इस लिंक को क्लिक कर अपने विवरण भरने शुरू किए उनके खाते से 1 लाख 37 हजार रुपये निकल गए। जांच के बाद पुलिस ने झारखंड से उदय को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता लगा कि उदय अपने भाई विजय के साथ मिलकर जालसाजी की साजिश की थी। विजय साहिबगंज जेल में इस समय बंद है। विजय की पत्नी सोनम, विजय औऱ उदय के नाम पर बैंक खाता खोला गया था। ठगी की रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करने के बाद ये लोग एटीएमन से निकाल लिया करते थे।

फैक्टरियों मे छुट्टी के समय

हर दिन हजारों की संख्या में मोबाइल फोन छीने जाते हैं। मगर कुछ मामलो में लुटेरे पकड़े भी जाते हैं। थाना सेक्टर 58 नोएडा पुलिस द्वारा 04 अंतर्राज्यीय मोबाइल स्नैचर अभियुक्त गिरफ्तार किए गए हैं। इनके कब्जे से लूट/चोरी के विभिन्न कम्पनियों के 18 मोबाइल फोन, व फर्जी नम्बर प्लेट लगी मोटरसाइकिल बरामद हुई है। बदमाशों की पहचान आकाश करन . फिरोज और तालिब खान लके रूप में हुई है। पूछताछ में पता लगा है कि बदमाश दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में मोटरसाइकिल का असली नम्बर बदलकर फैक्ट्रियो में छुटटी के समय कम्पनी से बाहर निकलते व्यक्तियों से सूनसान स्थान पर उनका मोबाइल फोन छीन लेते है व अपने साथी लालबानी जिसकी गफ्फार मार्केट में दुकान है उसको बेच देते है व तालिब की साहिबाबाद, गाजियाबाद में मोबाइल की दुकान है। लालबानी अभी फरार है।

एटीएम के इस क्लोनर को जान लीजिए

थाना सेक्टर 58 नोएडा पुलिस द्वारा एटीएम क्लोन बनाकर धोखाधडी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किय़ा गया है। इसके कब्जे से विभिन्न बैंको के 36 एटीएम कार्ड व 58,000 रूपये नकद व एक कार बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नाजिम के रूप में हुई है।

पूछताछ में पता चला है कि नाजिम का मित्र अरमान एटीएम के अंदर एक मशीन लगा देता है, जहां पर एटीएम कार्ड लगाते है वहां पर एक डिवाईस लगा देता है जिससे एटीएम कार्ड का ब्लैक स्ट्रीप व सीवीवी नम्बर स्कैन हो जाता है जहां पर पिन डालते है वहां एक छोटा कैमरा लगाते है जिससे अरमान एटीएम का नम्बर व सीवीवी नम्बर व पासवर्ड जान लेता है और दूसरा एटीएम जनरेट कर क्लोन करके दे देता है, और पासवर्ड व्हाट्सप पर भेज देता है।

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