taxi driver की यह सत्य कथा पढ़ लीजिए और रहिएगा सावधान

taxi driver

taxi driver की यह सत्य कथा दिल्ली की है। इस अपराध कथा में दिल्ली पुलिस ने आरोपी taxi driver को गिरफ्तार कर सारा सामान तो बरामद कर लिया है। मगर यह सत्य अपराध कथा आपोक जानना जरूरी है। इसलिए क्योंकि आए दिन टैक्सी में सफर करते समय taxi driver के सामने सारी बातचीत करना आपके लिए कभी भी महंगा साबित हो सकता है।

taxi driver का कारनामा

साउथ वेस्ट दिल्ली पुलिस की एडिशनल डीसीपी ऐश्वर्या सिंह के मुताबिक ग्रेटर नोएडा निवासी पेशेवर फोटोग्राफर ने शिकायत की थी कि वह दिल्ली, यूपी और अन्य राज्यों में होने वाले कार्यक्रमों में पेशवर फोटोग्राफर के रूप में काम करते हैं। 30 अप्रैल को वह अपनी टीम के तीन सदस्यों के साथ परी चौक ग्रेटर नोएडा से एक किराए की टैक्सी में दिल्ली के त्रिनगर जा रहे थे।

यात्रा के दौरान, उन्होंने नए ड्रोन, स्टिल और वीडियो कैमरा और अन्य सहायक उपकरण के मूल्य पर चर्चा की जो वे ले जा रहे थे। taxi driver ने उनकी बातों में दिलचस्पी दिखाई और लागत के बारे में पूछताछ की, जिसका अनुमान उन्होंने लगभग ₹ 10 लाख लगाया। जब कार दिल्ली के नौरोजी नगर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के पास रिंग रोड पर पहुंची, तो चालक ने बताया कि उसकी कार की सीएनजी खत्म हो रही है और उसे सीएनजी स्टेशन से ईंधन भरने की जरूरत है।

सीएनजी के लिए वह दिल्ली के आरके पुरम के सेक्टर-12 के रिंग रोड पर सीएनजी स्टेशन पर रुका और सभी यात्रियों को बाहर निकलने के लिए कहा। गैस भराने का नाटक करते हुए, उसने कार को सीएनजी स्टेशन के अंदर चलाया और वाहन और उपकरण लेकर भाग गया। यात्रियों के पास वाहन का नंबर या चालक का विवरण तक नहीं था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी गरिमा तिवारी की निगरानी में आर के पुरम थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रविंदर कुमार त्यागी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर विनय कुमार यादव, विरेन्द्र सिंह, एसआई विनय कुमार, हेडकांस्टेबल हनुमान और कांस्टेबल राकेश कुमार की टीम बनाई गई। टीम ने धौला कुआं की ओर रिंग रोड इलाके के सीएनजी स्टेशन से सीसीटीवी फुटेज की जांच की और वाहन के नंबर की सफलतापूर्वक पहचान की।

कार शाहीन बाग निवासी मुजीबुर रहमान के नाम पर पंजीकृत थी, जिसने बताया कि उसने हाल ही में योगेश नामक एक ड्राइवर को काम पर रखा था और अपने ड्राइवर का मोबाइल नंबर भी साझा किया था, लेकिन taxi driver का फोन बंद पाया गया। तकनीकी और मैनुअल निगरानी के आधार पर, आरोपी योगेश का पता लगाया गया और मारुति अर्टिगा कार के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उसके कब्जे से चोरी का सामान बरामद किया गया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी योगेश 10वीं कक्षा तक पढ़ा है। वह शुरू में दिल्ली के न्यू अशोक नगर में किराने का सामान के डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था। 2023 से वह एक निजी कार चालक के रूप में काम कर रहा है। पुलिस ने उसके कब्जे से 10 लाख रुपये का सामान बरामद कर लिया है।

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