operation octopus: हैदराबाद पुलिस ने 127 करोड़ के साइबर ठगी का नेटवर्क कैसे तोड़ा

हैदराबाद पुलिस का ऑपरेशन ऑक्टोपस भारत में साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है, जिसमें 104 गिरफ्तारियां और ₹127 करोड़ की ठगी का खुलासा हुआ।
operation octopus

सरकारी कोशिश अब साइबर अपराधियों पर भारी पड़ने लगी है। दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन साइ-हॉक की तर्ज पर हैदराबाद पुलिस http://www.hyderabadpolice.gov.in/ ने operation octopus के जरिए साइबर क्राइम के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है। यह कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे साइबर फ्रॉड इकोसिस्टम को तोड़ने की रणनीतिक कोशिश थी।

operation octopus क्यों था अलग

ऑपरेशन ऑक्टोपस काफी अलग था। इसके लिए 10 दिन का सटीक प्लान बनाया गया था। 32 विशेष टीमें और 16 राज्यों में एक साथ छापेमारी ने 127 करोड़ की ठगी से जुड़े सबूत बरामद करने में ठोस मदद की। इसीलिए इस ऑपरेशन की तुलना दिल्ली पुलिस के ऑपरेशन साइ-हॉक से की जा रही है, जिसने पहले साइबर अपराधियों की नींव हिला दी थी।

नेतृत्व और रणनीति

  • पुलिस आयुक्त: वी.सी. सज्जनार
  • डीसीपी (साइबर क्राइम): वी. अरविंद बाबू, IPS

वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी में यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी कड़ी छूटने न पाए — चाहे वह म्यूल अकाउंट हो या बैंकिंग चैनल।

यह भी पढ़ेंः तीन शब्द, एक रणनीति: दिल्ली पुलिस साइबर अपराध को कैसे ‘पहले ही तोड़’ रही है?

बड़े आंकड़े, बड़ा खुलासा

  • 104 गिरफ्तार
    • 86 म्यूल अकाउंट धारक
    • 17 अकाउंट सप्लायर
    • 1 बैंक अधिकारी
  • 1,055 साइबर ठगी केस
  • 151 बैंक खाते ठगी में इस्तेमाल
  • ₹36 लाख नकद, 200+ मोबाइल, 141 सिम, 234 कार्ड जब्त

ये आंकड़े बताते हैं कि साइबर ठगी अब अकेले अपराधियों का नहीं, बल्कि पूरी सप्लाई-चेन का खेल बन चुकी है।

साइबर ठगी का तरीका कैसे काम करता था?

  • म्यूल अकाउंट्स के ज़रिए पैसे घुमाना
  • फर्जी / समझौता किए गए बैंक खाते
  • सोशल इंजीनियरिंग और डिजिटल पेमेंट ऐप्स का दुरुपयोग
  • बैंक सिस्टम के अंदर से मिलीभगत

यानी ठगी सिर्फ कॉल या मैसेज तक सीमित नहीं थी — यह एक संगठित वित्तीय अपराध नेटवर्क था।

याद रखेंः

  • अनजान खातों में पैसे ट्रांसफर से बचें
  • “आसान कमाई” वाले ऑफर से सतर्क रहें
  • किसी के कहने पर अपना बैंक अकाउंट / सिम न दें
  • साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं

क्यों महत्वपूर्ण है ऑपरेशन ऑक्टोपस?

यह कार्रवाई दिखाती है कि:

  • अंतर-राज्यीय समन्वय से साइबर अपराध रोका जा सकता है
  • म्यूल अकाउंट सिंडिकेट्स पर सीधी चोट संभव है
  • पुलिस अब Reactive नहीं, Proactive हो चुकी है

इन्हें आप “साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी चीजेंः

  1. https://amzn.to/4kRq1zy
  2. https://amzn.to/4kRZBhj
  3. https://amzn.to/3ZV1OyU

Picture of inspector raman kumar

inspector raman kumar

इसंपेक्टर रमण कुमार सिंह, दिल्ली पुलिस में सिनियर इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। वह दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के भी थानध्यक्ष रहे हैं। उन्हें साइबर क्राइम के कई अहम मामलों को सुलझाने के लिए जाना जाता है। वह साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ नामक व्हाट्स ग्रुप, बी द पुलिस ग्रुप नामक फेसबुक पज ग्रुप के संचालक हैं।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | Cyber Fraud Alert: Fake APK Scam से कैसे हो रही ठगी, दिल्ली पुलिस ने किया बड़ा खुलासा | धर्म, समर्पण और जिम्मेदारी: जीवन को दिशा देने वाले मूल विचार | बिहार में 4 साल के बच्चे का अपहरण और सुरक्षित बरामदगी की यह सत्य कथा आप भी जान लीजिए | समर्पण, शून्य और सच्ची सफलता का आध्यात्मिक अर्थ | प्रातःकाल का महत्व और अध्ययन का गूढ़ रहस्य | बॉलिंग हाथ घुमाकर क्यों की जाती है? जानिए क्रिकेट बॉलिंग का इतिहास और साइंस | क्या आपको पता है कि आपके नाम पर कितने बैंक खाते हैं ? | यूपी में रोजगार मेलाः नौकरी की तलाश में हैं तो इन दस्तावेजों के साथ पहुंच जाइए, पूरी गाइड 2026 | NIA चार्जशीट: कंबोडिया लिंक्ड मानव तस्करी और साइबर गुलामी का बड़ा खुलासा | साइबर ठगी में गया पैसा वापस कैसे पाएं ? NCRP पोर्टल से समझें पूरा तरीका |
19-05-2026