NRI Full Form-आए दिन आखबारों में या अपने आसपास के समाज में आप एनआरआई(NRI) के बारे में सुनते हैंं या पढ़ते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका फुल फार्म क्या होता है। एनआऱआई का मतलब क्या होता है ऐसे ही कई सवालों का जवाब आज इस लेख से जानिए।
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NRI Full Form in Hindi
भारत के विभिन्न क्षेत्रों से कई लोग नौकरी या शिक्षा प्राप्त करने के लिए विदेश में जाते हैं। इनमें से कई लोग विदेश में जाकर बस भी जाते हैं। विदेश में बसने वाले इन भारतीय लोगों के लिए एनआरआई (NRI) यानि Non-Resident-Indians कहा जाता है। यानि NRI का Full Form Non-Resident-Indians है। हिंदी में इन्हें प्रवासी भारतीय कहा जाता है। इस श्रेणी में वैसे नागरिक भी आते हैं जिनका जन्म भारत में हुआ लेकिन कालांतर में वह विदेश चले गए और वहां की नागरिकता हासिल कर ली। पूरी दुनिया में यह नियम है कि एक व्यक्ति केवल एक ही देश की नागरिकता ले सकता है। जिस देश की वह नागरिकता हासिल करता है उसे उस देश के नियम कायदों का पालन करना होता है।
एनआरआई की स्थिति आयकर विभाग द्वारा तय की जाती है। इसमें यह पता लगाया जाता है कि यदि कोई व्यक्ति विदेश में रहने का मकसद क्या है। यदि कोई व्यक्ति 182 दिन से ज्यादा किसी देश में रहता है तो उसे वहां का निवासी कहा जाता है। इस समय सभी एनआरआई के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है मगर वह भारत में आकर ही आधार कार्ड बनवा सकता है। भारतीय नागरिकता अधिनियम की बात करें तो यहां एकल नागरिकता अधिनियम लागू है। अधिनियम 1955 के तहत ऐसे लोगों को भारत की नागरिकता प्रदान की जाती है जिनका जन्म 26 जनवरी 1950 या इसके लागू होने के बाद भारत में हुआ हो, वंश परम्परा का आधार, नागरिकता राजिस्ट्रेशन का आधार, भूमि-विस्तार का आधार, नागरिकता देशीयकरण का आधार। इन्हें फेमा के तहत कर छूट प्रदान की जाती है। गौरतलब है कि भारत में मिलने वाली आय पर हर एनआरआई को कर देना होता है। इसके अलावा विदेश में होने वाली आय का कर विदेश में ही जमा होता है।












