तिहाड़ जेल में की थी हत्या, पैरोल मिली तो फरार हो गया, 16 साल बाद क्राइम ब्रांच ने इस तरह दबोचा

तिहाड़ जेल

तिहाड़ जेल में बंद कैदी ने दूसरे कैदी का हत्या कर दी। कुछ दिन बाद उसे चार सप्ताह की पैरोल मिली। लेकिन तय समय पर वह वापत तिहाड़ जेल नहीं पहुंचा। 16 साल तक वह कानून को धोखा देता रहा। मगर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की खास टीम ने आखिरकार उसका पता लगा लिया। क्राइम ब्रांच की टीम ने मोहम्मद मलिक नाम के इस 57 साल के शख्स को गिरफ्तार कर लिया है।

तिहाड़ जेल में ऐसे की थी हत्या

क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा के मुताबिक गिरफ्तार शख्स मोहम्मद मलिक 1982 में काम की तलाश में दिल्ली आया। शुरूआत में उसने आदर्श नगर में एक फैक्टरी मे काम किया। मगर गलत संगत में पड़ अपराध करने लगा। साल 1996 में उसे डकैती के मामले में गिरफ्तार किया गया। तिहाड़ जेल में उसने अपने साथी महावीर @गढ़वाली, मनोज त्यागी और मुन्ना के साथ मिलकर एक दूसरे हत्या के दोषी कैदी कैलाश नाथ और धर्मवीर पर चाकुओं से हमला किया, जिसमें धर्मवीर की मौत हो गई।

इस संबंध में थाना-हरि नगर, दिल्ली में मामला दर्ज हुआ। मुकदमे के दौरान महावीर @गढ़वाली जमानत पर छूटने के बाद फरार हो गया, जबकि मोहम्मद मलिक, मनोज त्यागी और मुन्ना को 9 मई 2005 को दोषी करार दिया गया। 2009 में उसे एक महीने की पैरोल दी गई थी, लेकिन उसने आत्मसमर्पण नहीं किया और फरार हो गया।

पुलिस के मुताबिक एसीपी राजपाल डबास की निगरानी में इंस्पेक्टर अक्षय गहलौत के नेतृ्त्व में एएसआई रवि प्रकाश, हेडकांस्टेबल सुशील, संदीप और विनोद की टीम बनाई गई। टीम ने दिल्ली और बिहार के विभिन्न हिस्सो में व्यापक अभियान चलाकर पता लगाया कि मूल रूप से नवादा का निवासी मलिक ने बिहार शरीफ में नाम बदलकर इलेक्ट्रिकल दुकान खोल ली है।

पौरोल मिलने के बाद उसने शादी की और दो बच्चे हुए। फिर वह बिहार शरीफ में जाकर नाम बदलकर एक इलेक्ट्रिकल दुकान खोली और इलेक्ट्रिशियन के रूप में काम करने लगा। वह 16 वर्षों तक कानून से बचता रहा और पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। उसे पहचान कर गिरफ्तार कर लिया गया। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उसे जेल प्रशासन को सौंप दिया गया।

यह भी पढ़ेंः

Support India Vistar

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | Train Cancelled October 2026: अक्टूबर में 40 से ज्यादा ट्रेनें रद्द, टिकट है तो पहले चेक करें अपनी ट्रेन | सट्टे का पैसा शेयर बाजार तक कैसे पहुंचता है? महादेव बेटिंग केस से समझिए पूरा खेल | आपके नाम पर कोई और SIM तो नहीं चला रहा? घर बैठे ऐसे करें जांच | AI का भविष्य: नकली आवाज और डीपफेक के दौर में भारत कैसे रहेगा सुरक्षित? | LPG eKYC कैसे करें? 1 अक्टूबर से सब्सिडी के लिए नया नियम, घर बैठे ऐसे पूरा करें BAA | Digital Arrest Scam: फोन पर ऐसा क्या हुआ कि 68 साल के बुजुर्ग ने तोड़ दी FD और गंवा दिए ₹1.12 करोड़? | Online Shopping Fraud: ऑनलाइन खरीदारी और बैंकिंग में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी, पेमेंट से पहले जांचें ये 10 बातें | Shahzad Bhatti Network पर UAPA प्रतिबंध: कौन है शहजाद भट्टी और अब क्या बदल जाएगा? | कोयला चोरी कैसे रोक रही CISF? झारखंड-बंगाल की खदानों में ‘Zero Coal Leakage’ पर जोर | Cyber Crime FIR: ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत के बाद क्यों जरूरी हैं शुरुआती घंटे, कर्नाटक ने बदला जांच का तरीका |
23-09-2026