नितिन गडकरी वो राजनीतिज्ञ हैं जिनकी सराहना विपक्ष भी करता है। देश में चारो तरफ चमकता हुआ हाइवे और एक्सप्रेस वे उन्हीं की देन मानी जाती है। मोदी सरकार के दस साल के कार्यकाल में नितिन गडकरी का कार्य सबसे आगे रखा जाता है। उनके काम करने के तरीके की भी काफी तारीफ होती है। वे काम के प्रति काफी सख्त रहते हैं। कार्य में लापरवाही होने पर वह अधिकारियों को लताड़ भी लगाते हैं। आइए जानते हैं उनके बारे में चंद अहम बातें।
नितिन गडकरी का जन्म
उनका जन्म 27 मई 1957 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था। मध्यमवर्गीय परिवार से होने के बाद भी नितिन गड़करी ने नैतिक मूल्यो को हमेशा आगे रखा। महात्मा ज्योतिबा फुले आर्टस, साइंस एंड कामर्स कॉलेज नागपुर से कामर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने सरकार लॉ कालेज नागपुर से कानून की डिग्री हासिल की। नागपुर विश्ववाद्यालय से उन्होंने मैनेजमेंट स्टडीज में मास्टर्स की डिग्री हासिल की।
नितिन गडकरी का राजनीतिक जीवन
नितिन गडकरी छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़ गए थे। विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर उनकी नेतृत्व क्षमता ने उन्हें खास पहचान दिलवाई। वे जल्द भाजपा में शामिल हो गए। उनकी कर्मठता ने भाजपा को भी नई उंचाईयों तक पहुंचाया। साल 1989 में उन्हें महाराष्ट्र विधान परिषद का सदस्य चुना गया। वे विपक्ष के नेता बने। 2004 से 2009 तक उन्होंने भाजपा के महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष के रूप में काम किया।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के रूप में उन्होंने हमेशा बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाया। इल्केट्रीक वाहन की शुरूआत भी उन्ही के कार्यकाल में हुई। वह खुद कहते हैं कि रोड में हमने सात वर्ल्ड रिकार्ड कायम किए हैं। 32 इकॉनॉमिक एक्सप्रेस वे और ग्रीन कॉरीडोर तैयार किए जा रहे हैं। राजधानी में 65 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट हो रहे हैं। दिल्ली को जाम फ्री और प्रजूषण फ्री करने के भी प्रोजेक्ट बनाए गए।
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