एयर इंडिया के बारे में ये बातें भी जान लीजिए

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। केरल के कोझिकोड जिले के करीपुर हवाई अड्डे पर एयर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान लैंडिंग करने के दौरान रनवे से फिसल गया और 30 फीट गहरी खाई में गिर गया। इससे विमान के दो टुकड़े हो गए। दुबई से आ रहे एयर इंडिया एक्सप्रेस के इस विमान में क्रू सहित 191 लोग सवार थे। विमान में 10 नवजात बच्चे भी थे। दुबई-कोझिकोड उड़ान संख्या IX-1344 शुक्रवार की शाम 7.45 बजे लैंडिंग करते समय फिसल गया। घटना में दो पायलट सहित 18 लोगों की मौत हो गई है।

हम आपको एयर इंडिया के बारे में और भी ढेर सारी जानकारियां दे रहे हैं। 

एयर इंडिया को सबसे पहले जेआरडी टाटा ने 1932 में टाटा एयरलाइंस के नाम से लॉन्च किया था। 1946 में इसका नाम बदल कर के एयर इंडिया कर दिया गया और 1953 में सरकार ने इसको टाटा से खरीद लिया था। तब से लेकर के सन 2000 तक यह सरकारी एयरलाइन मुनाफे में चलती रही। 2001 में सबसे पहले कंपनी को 57 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। तब विमानन मंत्रालय ने तत्कालीन प्रबंध निदेशक माइकल मास्केयरनहास को दोषी मानते हुए पद से हटा दिया था।

2007 में विलय के बाद शुरू हुए बुरे दिन

2007 में तब केंद्र सरकार ने एयर इंडिया में इंडियन एयरलाइंस का विलय किया था। दोनों कंपनियों का विलय के वक्त संयुक्त घाटा 770 करोड़ रुपये था, जो विलय के बाद बढ़कर के 7200 करोड़ रुपये हो गया। सरकार ने एसबीआई को रिकवरी के लिए अधिकृत किया था। एयर इंडिया ने घाटे की भरपाई के लिए अपने तीन एयरबस 300 और एक बोइंग 747-300 को 2009 में बेच दिया था। इसके बाद मार्च 2011 में कंपनी का कर्ज बढ़कर के 42600करोड़ रुपये और परिचालन घाटा 22000 करोड़ रुपये का हुआ था। प्रति माह वेतन पर खर्च होते हैं 300 करोड़ रुपये

बता दें कि एयर इंडिया को एक महीने में 300 करोड़ रुपये कर्मचारियों को वेतन के रूप में देने होते हैं। इतना ही नहीं, मई माह में भी एयर इंडिया के कर्मचारियों को वेतन 10 दिनों की देरी से मिला था।

 

 

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