अगर आप UPSC की तैयारी शुरू कर रहे हैं तो यह लेख और इसमें दिया गया वीडियो आपके लिए बेहद उपयोगी है। दिल्ली के पूर्व पुलिस कमिश्नर और 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी एस. एन. श्रीवास्तव ने अपने इंटरव्यू में बताया है कि IAS और IPS की असली ताकत किन पदों में होती है और करियर कैसे आगे बढ़ता है।
यह लेख उसी प्रशासनिक संरचना को सरल भाषा में समझाता है।
IAS और IPS क्या होते हैं?
IAS और IPS दोनों ऑल इंडिया सर्विस हैं। चयन केंद्र सरकार करती है, ट्रेनिंग केंद्र में होती है और फिर किसी एक राज्य का कैडर अलॉट होता है। अधिकारी अधिकतर राज्य में काम करते हैं और कभी-कभी केंद्र में डेपुटेशन पर जाते हैं।
upsc exam की तैयारी में है यह सब जरूरी देखिए पूर्व आईपीएस का इंटरव्यूः
शुरुआती पद: कलेक्टर और एसपी
IAS अधिकारी लगभग 5–6 साल में जिला अधिकारी (DM / कलेक्टर / DC) बनते हैं।
IPS अधिकारी उसी समयावधि में SP या SSP बनते हैं।
यह पद बहुत महत्वपूर्ण हैं लेकिन यही करियर का शिखर नहीं होते।
मिड-करियर पद
IAS:
- डायरेक्टर
- सेक्रेटरी (राज्य सरकार)
- जॉइंट सेक्रेटरी (केंद्र सरकार)
IPS:
- DIG
- IG
- ADG
राज्य का सबसे बड़ा अधिकारी
IPS: डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP)
IAS: चीफ सेक्रेटरी (राज्य सरकार का सर्वोच्च अधिकारी)
देश का सबसे बड़ा सिविल सर्वेंट
👉 कैबिनेट सेक्रेटरी — यह भारत सरकार का सर्वोच्च प्रशासनिक पद होता है।
यह व्यक्ति प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के साथ सीधे काम करता है।
निष्कर्ष
कलेक्टर और एसपी दिखने में शक्तिशाली लगते हैं, लेकिन प्रशासनिक रूप से सबसे ऊँचे पद होते हैं चीफ सेक्रेटरी (राज्य) और कैबिनेट सेक्रेटरी (देश)।
UPSC की तैयारी करने वालों के लिए यह समझना जरूरी है कि असली नेतृत्व पद समय और अनुभव के साथ आता है।
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