crime alert: कुख्यात गोगी गैंग के स्लीपर नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह नेटवर्क गोगी के कहने पर फायरिंग करने वाले शूटरों को हथियार मुहैया करवाता था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने स्लीपर नेटवर्क के चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 13 अत्याधुनिक पिस्टल के साथ 34 कारतूस आदि बरामद किए गए हैं। ये लोग जेल में बंद गैंग सरगनाओं के आदेश पर शूटरों को हथियार सप्लाई करते थे।
crime alert: ऐसे हुआ खुलासा
क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजय कुमार सैन के मुताबिक पकड़े गए बदमाशों की पहचान दीपक शर्मा उर्फ मांडू, वीर सिंह उर्फ आकाश, सागर राणा और दीपक मुद्गल उर्फ पंछी के रूप में हुई है। इन्हेंं एसीपी उमेश बर्थवाल की निगरानी में इंस्पेक्टर रामपाल की टीम ने गिरफ्तार किया। इनसे तेरह पिस्टर, अतिरक्त मैगजीन और 34 कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस टीम ने पहले गोगी गिरोह के दो हथियार आपूर्तिकर्ताओं दीपक उर्फ मांडू और वीर उर्फ आकाश की पहचान की। यह एक अन्य साथी की मदद से बिहार से अवैध हथियार एवं गोला-बारूद प्राप्त करते थे । हथियार जेल में बंद गैंगस्टरों के कहने पर गोगी गिरोह के सदस्यों सागर राणा एवं दीपक उर्फ पंछी को दिया जाता था। पूछताछ में एक सह-आरोपी हिम्मत देशवाल (राष्ट्रीय शूटर) की भी पहचान की गई, जो गिरोह के सदस्यों को गोला-बारूद आपूर्ति करता है।
पूछताछ के दौरान, उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें गोगी गैंग के गैंगस्टर कपिल उर्फ कल्लू खेड़ा, दीपक उर्फ बॉक्सर और योगेश उर्फ टुंडा से निर्देश मिल रहे थे। कपिल उर्फ कल्लू और योगेश उर्फ टुंडा ने उन्हें गिरोह के शूटरों को उनकी आपराधिक गतिविधियों के लिए पिस्तौल मुहैया कराने का काम सौंपा था। कपिल उर्फ कल्लू खेड़ा गोगी गैंग के सरगनाओं में से एक है। उसने अपने गिरोह के स्लीपर सेल की दूसरी परत की व्यवस्था की, जो इस गिरोह के शूटरों को हथियार और गोला-बारूद मुहैया कराता है। उन्हें हिम्मत देशवाल नामक एक राष्ट्रीय शूटर से गोला-बारूद मिल रहा है। आरोपी वीर सिंह उर्फ आकाश को पहले ही आर्म्स एक्ट के एक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।
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