सरकारी चेतावनी-एन95 मास्क कोरोना से नहीं बचा सकता

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। एन-95 मास्क को लेकर केंद्र सरकार ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को चिट्ठी लिखकर चेतावनी दी है कि लोग सांस लेने वाले छिद्रयुक्त एन-95 मास्क का इस्तेमाल ना करें। ये मास्क वायरस को फैलने से बचाने के लिए नहीं है और इस्तेमाल करने वालों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक ने राज्यों के स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा के मुख्य सचिवों को लिखा है कि ऐसा देखा गया है कि जनता और स्वास्थ्य कर्मचारियों की ओर से एन-95 मास्क का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है, खासकर वो मास्क जिसमें छेद हैं।

एडवाइजरी में कहा गया है कि फेस मास्क ऐसे कपड़े का बना हो जिसे पांच मिनट में धोकर जल्दी से सुखाया जा सके। साथ ही गर्म पानी में थोड़ा नमक मिलाकर भी कपड़े को धोया जा सकता है। एडवाइजरी में यह भी बताया गया है कि कैसे घर पर मास्क को बनाया जा सकता है और मास्क इतना फिट रखें कि कान, नाक और मुंह के पास किसी तरह की कोई जगह खाली ना रह जाए।

मास्क पहनने से पहले लोग अच्छे से अपने हाथों को धोएं और एक बार इस्तेमाल करने के बाद या तो उसे फेंक दे और अगर कपड़े का बना है तो गर्म पानी में धोकर उसे दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं। अपना फेस मास्क किसी के साथ साझा ना करें, परिवार के हर सदस्य के पास अपना अलग फेस मास्क होना चाहिए। बता दें कि भारत में कोविड-19 के मामले 11 लाख के पार पहुंच गए हैं और इस बीमारी से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या सात लाख है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस महामारी से अबतक 27,497 लोगों की मौत हो चुकी है। 

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | साइबर ठगी से बचाव: फ्री ऐप का लालच कैसे बन सकता है बड़ा खतरा | कम बोलने का महत्व: चिंता मुक्त जीवन,कर्मयोग और शिव आराधना का मार्ग | SIM Swap Fraud क्या है? हाईकोर्ट के फैसले ने टेलीकॉम कंपनियों की जिम्मेदारी तय की! | जनता और पुलिस आमने-सामने: मगध की लोक संवाद गोष्ठी में उठीं स्थानीय समस्याएं | क्या AI अदालतों के फैसले करेगा? न्यायपालिका के नए नियम और नागरिकों के अधिकारों को समझिए | ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन फ्रॉड क्या है? ऑटो-डेबिट और फ्री ट्रायल के छिपे जाल से कैसे बचें | सच्ची भक्ति का अर्थ क्या है? जीवन में सदाचार और संस्कारों का महत्व | आर्म्स लाइसेंस कैसे बनता है? पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी | दिल्ली क्राइम स्टोरी: पुलिस से फरार, बैंड पार्टी के साथ काम | डिजिटल गोपनीयता अधिकार क्या हैं? दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले से नागरिकों को क्या मिलेगा |
08-06-2026