फाइव स्टार रेटिंग रिव्यू फ्रॉड से सावधान, ऑनलाइन शॉपिंग में बढ़ा बड़ा साइबर खतरा

त्योहारी सीज़न में ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान 5-स्टार रेटिंग रिव्यू फ्रॉड तेजी से बढ़ रहा है। साइबर अपराधी नकली रिव्यू, फर्जी विक्रेता और भ्रामक दावों के जरिए लोगों को ठग रहे हैं। जानिए उनका मोडस ऑपरेंडी और वे जरूरी उपाय, जिनसे आप आर्थिक नुकसान और सुरक्षा जोखिम से खुद को बचा सकते हैं।
फाइव स्टार रेटिंग रिव्यू फ्रॉड

त्योहारों के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग, ट्रैवल बुकिंग और इवेंट टिकट की डिमांड बढ़ते ही साइबर अपराधी भी ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। इस बार सबसे खतरनाक ट्रेंड है फाइव-स्टार रेटिंग रिव्यू फ्रॉड, जहां नकली भरोसा दिखाकर लोगों को ठगा जा रहा है।

चमकदार ऑफर, भारी छूट और हजारों 5-स्टार रिव्यू देखकर लोग बिना जांचे खरीदारी कर लेते हैं और यहीं से धोखाधड़ी शुरू होती है।

फाइव स्टार रेटिंग रिव्यू फ्रॉडः साइबर अपराधियों की मोडस ऑपरेंडी

1️⃣ फर्जी विक्रेता और अज्ञात ब्रांड

बहुत सस्ते दाम, कोई वारंटी नहीं, कोई कस्टमर सपोर्ट नहीं। खरीदारी के बाद विक्रेता का कोई अता-पता नहीं मिलता।

2️⃣ नकली 5-स्टार रिव्यू की बाढ़

बॉट्स, पेड रिव्यूअर, कॉपी-पेस्ट तारीफ और AI से बनी तस्वीरों के जरिए झूठा भरोसा बनाया जाता है।

3️⃣ रिव्यू हाईजैकिंग

पुराने असली प्रोडक्ट की लिस्टिंग में नया घटिया प्रोडक्ट जोड़कर हजारों पॉजिटिव रिव्यू दिखाए जाते हैं।

4️⃣ भ्रामक फोटो और झूठे दावे

चोरी की गई तस्वीरें, बढ़ा-चढ़ाकर बताए गए फीचर्स और नकली सेफ्टी सर्टिफिकेट। असल में डिलीवर किया गया प्रोडक्ट घटिया या असुरक्षित होता है।

5️⃣ बिक्री के बाद कोई सपोर्ट नहीं

रिटर्न विंडो बेहद छोटी, वारंटी से इनकार और शिकायत करने पर विक्रेता गायब।

6️⃣ गंभीर सुरक्षा खतरे

घटिया इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे चार्जर, हीटर, पावर बैंक आग, झटका या चोट का कारण बन सकते हैं। इनमें कोई सुरक्षा मानक नहीं होता।

खुद को सुरक्षित रखने के जरूरी उपाय

✅ 1. सिर्फ रेटिंग देखकर फैसला न करें

रिव्यू की तारीख, भाषा और Verified Purchase टैग जरूर जांचें।

✅ 2. विक्रेता प्रोफाइल ध्यान से देखें

रेटिंग, पुराना इतिहास और कितने समय से सक्रिय है, यह सब देखें। नए और बिना ट्रैक रिकॉर्ड वाले विक्रेताओं से बचें।

✅ 3. नकारात्मक रिव्यू जरूर पढ़ें

1-2 स्टार रिव्यू और असली फोटो अक्सर सच्चाई बता देते हैं।

✅ 4. ब्रांड की पुष्टि करें

ऑफिशियल वेबसाइट, कस्टमर केयर नंबर और सोशल मीडिया मौजूद है या नहीं, यह चेक करें।

✅ 5. कीमतों की तुलना करें

अगर ऑफर जरूरत से ज्यादा अच्छा लग रहा है, तो सतर्क हो जाएं।

✅ 6. इलेक्ट्रॉनिक्स में भरोसेमंद ब्रांड चुनें

एयर फ्रायर, हीटर, चार्जर और पावर बैंक जैसे उत्पादों में जोखिम ज्यादा होता है।

✅ 7. संदिग्ध लिस्टिंग की रिपोर्ट करें

फर्जी रिव्यू और धोखेबाज़ विक्रेताओं को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और http://cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।

याद रखें

साइबर अपराधी हमारी 5-स्टार रेटिंग पर आंख मूंदकर भरोसा करने की आदत का फायदा उठाते हैं।
एक मिनट की जांच आपको आर्थिक नुकसान और गंभीर सुरक्षा खतरे से बचा सकती है।

सतर्क रहें, समझदारी से खरीदारी करें और दूसरों को भी जागरूक करें।

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inspector raman kumar

इसंपेक्टर रमण कुमार सिंह, दिल्ली पुलिस में सिनियर इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। वह दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के भी थानध्यक्ष रहे हैं। उन्हें साइबर क्राइम के कई अहम मामलों को सुलझाने के लिए जाना जाता है। वह साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ नामक व्हाट्स ग्रुप, बी द पुलिस ग्रुप नामक फेसबुक पज ग्रुप के संचालक हैं।

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14-05-2026