दिल्ली में एक एनकाउंटर के बाद दिल्ली पुलिस की प्रैस कांफ्रेंस में कई खुलासे हुए हैं। दिल्ली क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा के मुताबिक हाल के हफ्तों में दिल्ली के कई इलाकों से रंगदारी कॉल और फायरिंग की शिकायतें बढ़ी थीं। मकसद साफ था, डर पैदा करना और पैसे या जमीन विवाद में दबाव बनाना। जांच के दौरान दो नाम बार-बार सामने आए, भारत @ मन्नी और वीराज़ @ विरोधी।
crime branch ags के राडार पर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि ये दोनों किसी एक इलाके तक सीमित नहीं थे, बल्कि अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सक्रिय थे। यही वजह थी कि इन्हें “रूटीन अपराधी” नहीं बल्कि हाई-रिस्क गैंग ऑपरेटिव के तौर पर ट्रैक किया जा रहा था।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी हर्ष इंदौरा के समग्र निगरानी और एसीपी भगवती प्रसाद की निगरानी और इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में एसआई राजा राम, हेडकांस्टेबल अमित कुमार, जितेन्द्र और मनीष की टीम बनाई गई।
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एनकाउंटर वाली रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भरत और विराज कुतुब विहार की तरफ जाएंगे। सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर दोनों को चुनौती दी। मगर दोनों फायरिंग करने लगे। जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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सबसे बड़ा खुलासा गैंग कनेक्शन को लेकर हुआ। पुलिस के मुताबिक, भारत @ मन्नी जेल में रहते हुए Vinod @ Vicky Sanyasi के संपर्क में आया और बाहर आने के बाद उसी के निर्देश पर काम कर रहा था। यही नेटवर्क आगे चलकर Kapil Sangwan @ Nandu गैंग से भी जुड़ता है।
यानी यह मामला सिर्फ दो युवकों का नहीं, बल्कि उस नेटवर्क का था जो धमकी, फायरिंग और वसूली को “टूल” की तरह इस्तेमाल करता है।
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