मधुमेह में पैरों की समस्याओं का ना करें नजरअंदाज

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मधुमेह में पैर की समस्याओं को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, यहां तक कि पैरों को काटना तक पड़ सकता है। मधुमेह रोगियों को सर्विधिक खतरा पैरो में होता है।  मधुमेह की जानकारी आपके पैरों को सुरक्षित रखने में मदद करती है। अगर आप समय पर मधुमेह के कारण होने वाली पैरों की दिक्कतों के बारे में नहीं जानते तो हो सकता है आप पैरों की उंगली, अंगूठा या पंजा खो देने की स्थिति में पहुंच जाएं। इसलिए मधुमेह की जानकारी और उससे बचाव ही आप और आपके पैरों को सुरक्षित रख सकती है। समय के साथ मधुमेह नर्वस डैमेज का कारण बन सकता है। अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग से संबंद्ध नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डायजेस्टिक एंड किडनी डिजीज की वेबसाइट पर उपलब्ध एक दस्तावेज के मुताबिक मधुमेह अगर अनियंत्रित रहे तो शरीर के कई अंगों पर प्रभाव डाल सकता है।

सबसे अहम और विनाशकारी जटिलताओं में पैर है। हम यहां आपको फुटकेयर यानि पैरों की देखभाल के लिए सात टिप्स दे रहे हैं, इन्हें समय रहते अपना लीजिए।

पैरों को स्वस्थ रखने के सात सूत्र

  1. अपने पैरों की रोजाना जांच करें, खासकर अगर आपको लग रहा है कि पैरों की संवेदनशीलता कम हो रही है या उनमें अहसास नहीं है। घाव, कटने या खरोंच पर आपका ध्यान नहीं जा रहा है तो सावधान हो जाइए, वर्ना पैरों को शरीर से अलग तक करना पड़ सकता है।
  2. नंगे पांव ना घूमें, यदि आप मधुमेह से पीडित हैं तो नंगे पांव घर के अंदर भी ना जाएं। किसी चीज पर चलना या अपने पैरों की उंगलियों को काटना आसान है। अपने पैरों को मोजे में सुरक्षित रखें तो बेहतर औऱ जूते चप्पल भी जरूर पहनें।
  3. अगर आपके पैरो में कॉर्न्स है या उसे कॉलस भी कहते हैं वह है तो सावधान रहें। अपने डाक्टर से जरूर मिलें और उनके बताए गए सुझावों पर अमल करें।
  4. अपने पैरों को रोजाना गर्म पानी से धोएं। पैरों को हर समय गीला भी ना रखें। गीला रखने से पैरो में घाव हो सकता है।
  5. पैरों की उंगलियों के बीच की जगह का भी विशेष ध्यान रखें। उन जगहों की अतिरिक्त देखभाल करें। ये प्राकृतिक नमी के जाल हैं-इन्हें गीला रखना या छोड़ना कई समस्याएं पैदा कर सकता है।
  6. नियमित रूप से पैरों की एक्सरसाइज जरूरी है। भले ही ये एक्सरसाइज बैठकर हो या खड़े होकर। अपने पैरों की उंगलिय़ों को हिलाते रहें उसे उपर नीचे ले जाएं। इस तरह के एक्सरसाइज पैर की समस्याओं को दूर रखने में मदद करते हैं।
  7. साल में कम से कम एक बार पैरों की जांच जरूर करवाना चाहिए। यह उस समय भी कराया जा सकता है जब मधुमेह जांच के लिए आप लैब की मदद ले रहे हों।

विशेषज्ञ तो यहां तक कहते हैं कि मधुमेह की जांच पैरों से शुरू होती है यानि अगर पैरों में कोई छोटा सा बदलाव भी समझ में आए तो तुरंत शुगर जांच करवाना चाहिए।

diclaimer- आलेख में दी गई जानकारी विभिन्न मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी तरह से इन्हें विशेषज्ञ की सलाह नहीं माननी चाहिए।

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