क्या आप जानते हैं ताजमहल बनने में कितना समय लगा?

👁️ 871 Views

ताजमहल अपनी बेमिसाल खूबसूरती और भव्यता की वजह से दुनिया के सात अजूबों में से एक है। ताजमहल को मोहब्बत की मिसाल माना जाता है। यह मुगल शासक शाहजहां और उनकी सबसे चहेती बेगम मुमताज महल के अटूट प्रेम की याद दिलवाता है। आगरा में स्थित ताजमहल की सुंदरता को देखने दूर-दूर से सैलानी आते हैं और इसके अद्भत सौन्दर्य को देखकर आश्चर्यचकित रह जाते हैं।

उत्तरप्रदेश के आगरा में बना यह महल, भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है, जिसकी वजह से भारत में टूरिज्म को भी काफी बढ़ावा मिला है। वहीं ताजमहल को इसके आर्कषण की वजह से विश्व धरोहर की लिस्ट में भी शामिल किया गया है।

ताजमहल के निर्माण का इतिहास (History of Taj Mahal)

महल के निर्माण का श्रेय पांचवें मुग़ल शासक शाहजहाँ को जाता है। शाहजहाँ ने भारत पर 1628 से 1658 तक शासन किया। शाहजहाँ ने अपनी सभी पत्नियों में प्रिय पत्नी मुमताज़ महल की याद में ताजमहल का निर्माण करवाया।

ताजमहल को “मुमताज़ का मकबरा” भी कहते हैं। मुमताज़ महल की मृत्यु के बाद शाहजहाँ बहुत गमगीन हो गए। तब उन्होने अपने प्रेम को जिंदा रखने के लिए अपनी पत्नी की याद में ताजमहल बनवाने का निर्णय लिया।

1631 के बाद ही शाहजहाँ ने आधिकारिक रूप से ताजमहल का निर्माण कार्य की घोषणा की तथा 1632 में ताजमहल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया।

वैसे तो इस मकबरे का निर्माण 1643 में ही पूरा हो गया था, परंतु इसके सभी पहलुओं के काम करते करते इसे बनाने में लगभग दस साल और लग गए।

सम्पूर्ण ताजमहल का निर्माण 1653 में लगभग 320 लाख रुपये की लागत में हुआ, जिसकी आज की कीमत 52.8 अरब रुपये (827 मिल्यन डॉलर) है।

इसके निर्माण में 20,000 कारीगरों ने मुग़ल शिल्पकार उस्ताद अहमद लाहौरी के अधीन कार्य किया। कहते हैं कि इसके निर्माण के बाद शाहजहाँ ने अपने सभी कारीगरों के हाथ कटवा दिये।

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | डीपीडीपी कानून और गैर डिजिटल डाटाः लाखों नागरिकों की गोपनीयता का अधूरा सच | मध्यमा परीक्षा 2026ः तारीख, केंद्र और परिणाम की पूरी जानकारी | नेहा बालाः झारखंड की साइबर शेरनी जिसने अंतर्राष्ट्रीय ठगों को धूल चटाई | डिजिटल अरेस्ट क्या है? ऑपरेशन बजरंग से समझें साइबर ठगी का पूरा जाल | Whatsapp-Signal यूजर्स सावधानः Linked devices से हो सकती है जासूसी | AI Deepfake से निवेश ठगी: मंत्री का नकली वीडियो, करोड़ों का नुकसान—ऐसे फंस रहा है पढ़ा-लिखा भारत | प्रेम और मातृत्व में क्या फर्क है? व्यक्तित्व सत्र में डा. जायसवाल की गहरी व्याख्या | गार्गी नारीशक्ति सम्मेलन 2026ः पटना में महिलाओं का महाकुंभ, विकसित बिहार की नई सोच | अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ींः सीबीआई के नए एफईआईआर में क्या | जब इंटरनेट बन जाए युद्धभूमिः muddy water APT और डिजिटल युद्ध का बढ़ता खतरा |
14-03-2026