cyber crime पर वार के लिए तैयार है digital Intelligence Platform जानिए इसके बारे में सब कुछ

cyber crime

cyber crime पूरी दुनिया के लिए चुनौती है। मोदी सरकार cyber crime से निपटने के लिए जागरूकता के साथ साथ तकनीक का भी सहारा ले रही है। इसी क्रम में DIP यानि digital intelligence platform का विकास किया गया है। यह कैसे काम करता है और आप इससे कैसे मदद ले सकते हैं आइए इस बारे में जानते हैं।

cyber crime पर भारी पड़ेगा DIP

भारत सरकार के संचार विभाग (DOT) द्वारा विकसित DIP साइबर क्राइम पर भारी पड़ने वाला है। इसके जरिए साइबर क्राइम की जड़े काटने का लक्ष्य रखा गया है। इसे खास तौर पर इसीलिए विसित किया गया है ताकि साइबर क्रिमिनलों को हराया जा सके। DIP एक सुरक्षित और इंटीग्रेटेड सिस्टम है जो रियल टाइम इंटेलीजेंस शेयरिंग (real-time intelligence sharing) और कार्डिनेशन (coordination) को सक्षम बनाता है।

यह कैसे काम करता है:
• Chakshu Facility: नागरिक Sanchar Saathi portal पर Chakshu facility के माध्यम से fraud communications (calls, SMS, WhatsApp messages) को रिपोर्ट कर सकते हैं।
• Stakeholder Collaboration: यह Telecom Service Providers (TSPs), Law Enforcement Agencies (LEAs), Banks, Financial Institutions (FIs), Social Media Platforms और Identity Document Issuing Authorities के बीच संपर्क और डेटा साझा करने की सुविधा प्रदान करता है।
• Fraud Prevention: यह telecom resources के गलत उपयोग को रोकने में मदद करता है, जो Chakshu, Law Enforcement Agencies, True caller और अन्य reporting mediums से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर किया जाता है।
• Information Repository: यह Sanchar Saathi portal पर नागरिकों द्वारा किए गए अनुरोधों का एक backend repository है, जो प्रासंगिक stakeholders को कार्रवाई करने में सहायता करता है।
• Secure Access: DIP आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं है; केवल authorized stakeholders ही इसे secure connectivity के माध्यम से access कर सकते हैं।
यह पहल भारत के cybersecurity framework को मजबूत बनाती है और बढ़ते cyber frauds के खिलाफ तालमेल और intelligence sharing के माध्यम से फ्रॉड में शामिल सिम , सिप सर्विस और वॉइप सर्विस को बंद क्र देता है।

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inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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25-09-2026