crime story: बांग्लादेश में दिल्ली से ऐसे जा रहे चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन

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crime story: दिल्ली की बसों से लूटे और चोरी किए गए फोन तस्करी के माध्यम से बांग्लादेश ले जाने वैल गैंग का पर्दाफाश हुआ है। साउथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ यूनिट ने इस गैंग के 8 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 294 मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद फोन की कीमत 50 लाख रुपये है। crime story जो आपको हिला देगी।

crime story बांग्लादेश में फोन तस्करी का ऐसे हुआ खुलासा

दक्षिणी दिल्ली डीसीपी अंकित चौहान के मुताबिक यह गिरोह दिल्ली भर में डीटीसी बसों में चलने वाले जेबकतरों, लुटेरों और झपटमारों से चोरी के फ़ोन ख़रीदता था और फिर उन्हें कोलकाता से होते हुए भारत-बांग्लादेश सीमा के ज़रिए बांग्लादेश पहुँचाता था। गैंग सीमावर्ती इलाके में रहने वाले एक आरोपी की मदद से संचालित होता था।

एसीपी अरविंद कुमार की निगरानी और इंस्पेक्टर अनुराग सिंह के नेतृत्व में एसआई मनीष, एएसआई सतीश, हेडकांस्टेबल अखिलेश, यशपाल, पंकज, कृष्ण, नरेंद्र और कांस्टेबल महिंदर की एक टीम गठित की गई थी। टीम को महरौली बदरपुर रोड पर चल रही बसों में जेबकतरों और चोरों के सक्रिय होने की सूचना मिली।

गिरफ्तारी

टीम ने जाल बिछाकर पहले चार आरोपियों दिनेश उर्फ ​​हड्डाल, रिजवान उर्फ ​​कमांडो, रवि और अजय को गिरफ्तार किया। उनकी तलाशी लेने पर 38 मोबाइल फोन बरामद हुए। कड़ी पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी के फोन राहुल उर्फ ​​पिचतर को सप्लाई किए जा रहे थे। पुलिस टीम ने विचित्र पुरी उर्फ ​​अंकित उर्फ ​​राहुल उर्फ ​​पिचतर को एक एप्पल आईफोन सहित 5 मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया। उसने संगम विहार, दिल्ली निवासी मोजाहिर उर्फ ​​समीर का नाम बताय। वह चोरी के फोन इकट्ठा करके उन्हें कोलकाता, पश्चिम बंगाल ले जा रहा था।

इलेक्ट्रानिक निगरानी

इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से पता चला कि वह एक अन्य व्यक्ति, मोहम्मद खालिद उर्फ ​​पप्पू उर्फ ​​राहुल के लगातार संपर्क में था। पुलिस टीम कोलकाता गई और मोहम्मद खालिद उर्फ ​​पप्पू उर्फ ​​राहुल को गिरफ्तार कर लिया। उसके आवास की तलाशी लेने पर, 30 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिसके बारे में उसने खुलासा किया कि यह  फोन मोजाहिर ने उन्हें दिए थे। प्रारंभिक सत्यापन से पुष्टि हुई कि इनमें से 4-5 फोन दक्षिणी दिल्ली  में दर्ज चोरी और झपटमारी के मामलों से जुड़े थे उसके खुलासे के अनुसार, बांग्लादेशी हैंडलर उससे फोन लेने के लिए अपने साथियों को भेजते थे और उसने बांग्लादेश में अपने रिश्तेदारों के होने की बात भी स्वीकार की। बाद की जाँच से पता चला कि आरोपी मोजाहिर उर्फ ​​समीर और उसका साथी शिवम कुमार झा अक्सर राजधानी एक्सप्रेस से महीने में कम से कम चार बार कोलकाता आते-जाते थे। इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी लेने पर, उनके पास से 75 मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें से अधिकांश दक्षिण जिले में चोरी और झपटमारी की घटनाओं से जुड़े पाए गए हैं।

अब तक की जाँच से पता चला है कि तीनों आरोपी मोहम्मद खालिद उर्फ ​​पप्पू उर्फ ​​राहुल, मोजाहिर उर्फ ​​समीर और शिवम कुमार झा आपस में मिलकर काम कर रहे थे। वे अपने मोबाइल फोन के माध्यम से जुड़े हुए थे और ऑनलाइन यूपीआई चैनलों के माध्यम से वित्तीय लेनदेन करते थे। अब तक, यह पता चला है कि मोहम्मद खालिद को मोजाहिर उर्फ ​​समीर से लगभग 1000 मोबाइल फोन मिले हैं।

आरोपी खालिद के फोन के डिजिटल विश्लेषण से तीन सक्रिय बांग्लादेशी व्हाट्सएप नंबरों का पता चला है, जिन पर ये चोरी किए गए मोबाइल फोन तस्करी के लिए भेजे जा रहे थे। इन विदेशी संचालकों का पता लगाने और उनकी भूमिका स्थापित करने के प्रयास जारी हैं।

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01-11-2026