खास गैंग खास तरीका जानेंगे तो हैरान हो जाएंगे आप, कांग्रेस मुख्यालय का कर्मचारी भी शामिल

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। एक बड़ा सा फार्म हाउस, आने जाने वालों की सुरक्षा जांच, पायलट जिप्सी के साथ साथ बाउंसरों का जमावाड़ा। कल्पना कीजिए उपरोक्त सभी दृश्य जब आपके सामने होंगे तो आपके मन में क्या आएगा। किसी वीआईपी का घर, किसी सिनेमा का सेट जी नहीं जनाब ये देश की राजधानी में सक्रिय एक खास तरह के ठग गैंग का चकाचौंध था। इस चकाचौंध में लोग लाखों रूपये डूबा लेते थे। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस गैंग का भांडाफोड़ करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गैंग का सरगना खुद को गृह मंत्री के निजी सचिव का करीबी औऱ बड़ा अफसर बताता था। गैंग में कांग्रेस मुख्यालय में काम करने वाला क्लर्क भी शामिल था।

फार्म हाउस पर सुरक्षा जांच

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के स्पेशल सीपी प्रवीर रंजन के मुताबिक यह गैंग लोगों को लोन दिलाने के नाम पर उनसे पैसे ठग लिया करता था |
दिल्ली पुलिस को एक शिकायत मिली कि रितेश तिवारी नाम का एक शख्स खुद को गृह मंत्री के पी एस का करीबी बताता है और उसने कई लोगों को झांसे दिए कि वह उनका रुका हुआ काम करवा देगा| क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच शुरू की तो दो और शिकायतें मिलीं इनमें भी यह बताया गया कि रितेश तिवारी अपने कुछ साथियों की मदद से लोगों को लोन दिलाने के नाम पर ठगी का काम कर रहा है | एक व्यक्ति को ₹ 25 करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर 1200000 रुपए ठग लिए गए थे | इसी तरह एक व्यक्ति की शिकायत थी कि इसी गैंग के सदस्यों ने उन्हें भी 50 करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर 3200000 रुपए ठग लिए | पुलिस ने केस दर्ज किए और जांच शुरू की । तफ्तीश के दौरान यह पता चला की रितेश तिवारी सिविल लाइंस इलाके का निवासी है अपने कुछ मित्रों की मदद से ठगी का यह खास गैंग चला रहा है जिसका काम भोले भाले लोगों को वीआईपी चकाचौंध में फांस उनसे मोटी रकम ऐंठना है। इस गैंग ने एक फार्म हाउस किराए पर लेकर वहां एक सेटअप तैयार किया जहां बाउंसर्स रखे गए और लोगों की तलाशी के इंतजाम किए गए| जो लोग वहां लाए जाते थे उनको यह झांसा दिया जाता था कि यह एक महत्वपूर्ण व्यक्ति का निवास स्थान है और शिकायत कर्ताओं की लोन संबंधी बातें कर ली गई है| उसके बाद स्टांप पेपर खरीदने के नाम पर उनसे मोटी रकम ठग ली जाती थी|

जिप्सी


दिल्ली पुलिस ने इस गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है जिनकी पहचान गैंग सरगना रितेश तिवारी, वह अपने आप को एक उच्च पदस्थ सरकारी अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता है और लोगों को यह झांसा देता है कि उनका काम करा देगा| इस कार्य के लिए 1 फॉर्च्यूनर गाड़ी रखी हुई है साथ में दो जिप्सी जिसमें बाउंसर पायलट और एस्कार्ट में चलते हैं| उसका साथी अजय जैन वित्तीय संस्था में कार्य करता है और पिछले कुछ समय से रीतेश तिवारी के साथ कार्य कर रहा है| गैंग में शामिल भास्कर नाथ एक रिटायर्ड सरकारी अधिकारी का बेटा है और पिछले कुछ दिनों से रितेश तिवारी के गैंग में काम कर रहा है| गैंग का एक और बदमाश अमन कश्यप पेशे से प्रॉपर्टी डीलर है और पिछले 12 सालों से रितेश तिवारी से परिचित है | करीब 3 सालों से यह रितेश के साथ इस कार्य में जुड़ा हुआ है |भीम पंडित कांग्रेस के 24 अकबर रोड स्थित कार्यालय में एक क्लर्क का काम करता है और अपने आप को कई वरिष्ठ नेताओं का करीबी बताता है |इस गैंग के कुछ अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया जाना जाना है|अब तक इनसे एक फॉर्च्यूनर कार,दो जिप्सी और मोबाइल फोन बरामद किए गए है|

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