cyber fraud news: साइबर ठगी के इस तरीके को जान जाइए और रहिए सावधान, दिल्ली पुलिस की बड़ा खुलासा

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cyber fraud news: साइबर ठगी के इस तरीके को जानकर आप हैरान हो जाएंगे। हैरान इसलिए क्योंकि साइबर ठगी के लिए यह तरीका बिल्कुल नया है। Cyber fraud के बारे में दिल्ली पुलिस ने यह बड़ा खुलासा किया है। खास बात यह कि साइबर ठगी का यह रैकेट एक ऐसा बदमाश संचालित कर रहा था जो हत्या जैसे मुकदमों में पहले ही घोषित बदमाश रहा है। दिल्ली पुलिस की गिरफ्त से दूर इस बदमाश ने मोटी कमाई की लालच में साइबर ठगी का काम शुरू कर दिया था। देश भर में ऐसी 500 शिकायतों के बारे में पता लगा है।

Cyber fraud news: इस अनोखे तरीके से होती थी साइबर ठगी

आउटर नार्थ दिल्ली पुलिस के डीसीपी निधिन वाल्सन के मुताबिक साइबर पोर्टल से प्राप्त एक शिकायत की जांच के लिए एडिशनल डीसीपी राजीव कुमार की देखरेख एसीपी दिनेश कुमार की निगरानी और साइबर एसएचओ इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह के नेतृत्व में एसआई अमित अहलावत, हेडकांस्टेबल फतेह, अनिल, राहुल के अलावा महिला हवलदार सीमा की टीम बनाई गई।

पुलिस टीम ने मनी ट्रेल आदि के आधार पर जयदीप, अजय और राकेश राजाराम को गिरफ्तार किया। वे अनजान व्यक्तियों को कॉल करते थे और उन्हें वास्तविक बैंक अधिकारी के रूप में एसएमएस या ईमेल के माध्यम से भेजे गए फ़िशिंग लिंक के माध्यम से एक फ़ॉर्म भरकर क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए राजी करते थे। एक बार जब पीड़ित अपना व्यक्तिगत और बैंकिंग विवरण भर देता था, तो जानकारी सीधे स्कैमर्स के लैपटॉप पर संग्रहीत हो जाती थी।

वित्तीय लेनदेन के लिए आवश्यक ओटीपी को रोकने के लिए, धोखेबाजों ने पीड़ितों को उनके विवरणों को सत्यापित करने के बहाने एक एप्लिकेशन डाउनलोड करने का निर्देश दिया। इस ऐप ने स्कैमर्स को पीड़ितों के उपकरणों को क्लोन करने में सक्षम बनाया, जिससे उन्हें एसएमएस संदेशों और ओटीपी तक पहुंच मिल गई। इसके बाद ये लोगों के पैसे ठगने लगे। इनके पास से 9 वेबसाइट का पता लगा है। अजय 300 सिम कार्ड जारी करवा चुका है। वारदात के बाद ये लोग सिम कार्ड को तोड़ देते थे। मामले की पूरी जानकारी दिए वीडियो लिंक में देख सकते हैं जिसमें डीसीपी निधि वाल्सन ने विस्तार से सब कुछ बताया है।

वीडियो देखेंः

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